मोहाली: अपराध की काली कमाई को पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में खपा रहे गैंगस्टर्स, बदला काम का स्टाइल
जैसे मुंबई में 1990 में कलाकारों और फिल्म डायरेक्टरों को गैंगस्टरों की ओर से तंग किया जाता था। उन्हें दुबई बुलाकार डॉन के लिए शो करवाए जाते थे, उसी तर्ज पर गैंगस्टरों ने पॉलीवुड में भी अपना सिक्का जमाने का प्रयास किया। सबसे पहले 2018 में पंजाबी सिंगर, एक्टर एवं डायरेक्टर परमीश वर्मा को निशाना बनाया गया।
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मोहाली में जैसे ही पॉलीवुड (पंजाबी फिल्म उद्योग) मजबूत हुआ, माया नगरी मुंबई की तरह यहां भी गैंगस्टरों की नजर गड़ गई। कुछ समय तक तो गैंगस्टर कलाकारों को धमकाकर फिरौती या रंगदारी मांगकर ऐश भरा जीवन जीते रहे, लेकिन अब चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। गैंगस्टर भी इस उद्योग में उतर आए हैं। वह रंगदारी या अन्य तरीकों से कमाए पैसों को पॉलीवुड में निवेश कर रहे हैं। यहां तक कि खुद पंजाबी फिल्में और गाने तक बना रहे हैं।
ऐसे ही एक गिरोह को मोहाली पुलिस ने दबोचकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे।पिछले 7-8 वर्षों में मोहाली में पॉलीवुड भी मुंबई की माया नगरी की तरह ही उभरकर सामने आया है। कई नामी कलाकारों के स्टूडियो शहर में स्थापित हुए हैं। ज्यादातर कलाकारों ने मोहाली या इसके आसपास ही अपने आशियाने बना लिए हैं, क्योंकि यहां पर काम के अच्छे अवसर मिलते रहते हैं। यहां पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होने से ऐसा होता है। लेकिन पॉलीवुड की इस तरक्की पर गैंगस्टरों की नजर लग गई। जैसे मुंबई में 1990 में कलाकारों और फिल्म डायरेक्टरों को गैंगस्टरों की ओर से तंग किया जाता था। उन्हें दुबई बुलाकार डॉन के लिए शो करवाए जाते थे, उसी तर्ज पर गैंगस्टरों ने पॉलीवुड में भी अपना सिक्का जमाने का प्रयास किया। सबसे पहले 2018 में पंजाबी सिंगर, एक्टर एवं डायरेक्टर परमीश वर्मा को निशाना बनाया गया।
पुलिस के मुताबिक परमीश वर्मा से रुपयों की मांग की गई। जब रुपये नहीं दिए तो अप्रैल 2018 में चंडीगढ़ से रात में शो करके लौटते समय उन पर गैंगस्टर दिलप्रीत बावा ने हमला कर दिया। इस हमले में वह घायल हुए थे। इसके बाद दिलप्रीत बावा ने फेसबुक पर इसकी जिम्मेदारी ली। यह मामला अभी अदालत में चल रहा है।
इसके बाद गिप्पी ग्रेवाल को फोन करके दस लाख रुपये मांगे गए थे। इस मामले में भी केस दर्ज हुआ है। इसके अलावा पंजाब के अन्य हिस्सों में भी गायकों को तंग करने का सिलसिला चलता रहा। इसी तरह जनवरी 2019 में यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी पर केस दर्ज किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने जेल से ही फोन करके बिल्डर से करोड़ों रुपये की फिरौती मांगी थी।
समय के साथ गैंगस्टरों ने बदला काम का स्टाइल
पंजाब पुलिस गैंगस्टरों पर कार्रवाई के लिए सक्रिय हुई तो गैंगस्टरों ने अपना काम करने का स्टाइल ही बदल लिया। वह पूरी रणनीति के साथ अपनी कार्रवाईयों को अंजाम देने लगे। पहले इंटरनेट से फर्जी मोबाइल नंबर जेनरेट करके बड़े लोगों को फिरौती के लिए कॉल करने लगे। इसके बाद हवाला और अन्य तरीकों से लेन-देन होने लगा। इतना ही नहीं लेन-देन की जगह भी पंजाब से बाहर ही चुनी जा रही है। पता चला है कि सिंगरों ने तो पेमेंट दिल्ली जाकर की है।
हर महीने ऑनलाइन कर रहे हैं लाखों रुपये की कमाई
मोहाली पुलिस के सीआईए स्टाफ ने अगस्त में दविंदर बंबीहा गुट के तीन गैंगस्टर दबोचे थे। उनसे पूछताछ में सामने आया था कि आरोपियों ने ठग लाइफ और गोल्ड मीडिया नाम से दो कंपनियां बनाई हुई थीं। इसमें वह कलाकारों और उद्योगपतियों से उगाही करके हासिल की गई रकम को ऑनलाइन लगाते थे। साथ ही हर महीने लाखों रुपये इनके माध्यम से कमाते थे, जबकि इस पैसे पर किसी को संदेह नहीं होता है। उक्त तीनों आरोपियों को डीएसपी जांच गुरचरन सिंह की टीम ने दबोचा था। उनका कहना था कि मोहाली में इस तरह की चीजों को बिल्कुल भी नहीं चलने दिया जाएगा।
रिहायशी सोसायटीज बनीं गैंगस्टरों के लिए वरदान
मोहाली। जिले में बड़ी तेज गति से विकास हो रहा है। इसके तहत कई नामी रिहायशी सोसायटीज कुछ समय में ही स्थापित हुई हैं। इन सोसायटीज में अधिकतर बाहरी राज्यों के लोगों ने निवेश किया हुआ है। ऐसे में वह अपने फ्लैट और मकानों को एजेंटों के माध्यम से किराए पर चढ़ा देते हैं। उनको सिर्फ पैसे से मतलब होता है, जबकि रहने वाला कौन है, इस चीज से कोई लेना-देना नहीं होता। इसी चीज का गैंगस्टर फायदा उठाते हैं। वह आसानी से पॉश सोसायटीज में पहुंच जाते हैं। हालांकि मोहाली पुलिस ने खरड़ में एनकाउंटर के दौरान कुछ गैंगस्टरों को दबोचा था। अक्टूबर, 2019 में मुठभेड़ के दौरान गैंगस्टर अंकित भादू जीरकपुर के पीर मुछल्ला की एक सोसायटी में मारा गया था। 24 जुलाई, 2020 को मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर जॉन बुटर को साथियों समेत दबोचा गया था। हालांकि फेज-10 और सेक्टर-68 से गैंगस्टर भागने से कामयाब रहे थे।
सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रखती है साइबर टीम
पुलिस की साइबर टीम भी गैंगस्टर और शरारती किस्म के लोगों के सोशल मीडिया पर हर अकाउंट पर नजर रखती है। वहीं, आए दिन ही कई ऐसे सोशल मीडिया पर खोले गए अकाउंट को डिलीट किया जाता है, जबकि उक्त लोग कई नामों से एंट्री दे देते हैं। इतना ही नहीं, एक बात यह भी सामने आ रही है कि अब नए अकाउंट भी विदेशों से सोशल मीडिया पर बन रहे हैं। -सतिंदर सिंह, एसएसपी मोहाली