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चार इमिग्रेशन कंपनियों पर छापा, ठगी में दो महिलाओं सहित तीन गिरफ्तार
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जीरकपुर। स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार को चार इमिग्रेशन कंपनियों में छापामारी कर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
खरड़ निवासी पंजाब अगेंस्ट करप्शन के प्रधान सतनाम सिंह दाऊं की ओर से एसएसपी को दी गई शिकायत के बाद जीरकपुर पुलिस ने शुक्रवार को चार इमिग्रेशन कंपनियों के दफ्तर में छापामारी की। जिसमें पुलिस ने दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
इसके अलावा पुलिस ने पटियाला रोड स्थित प्लस प्वाइंट कंसल्टेंट कंपनी के मालिक रविंदर सिंह निवासी रामदास नगर और सिंहपुरा चौक स्थित वाइडर वर्ल्ड ओवरसीज के अज्ञात मालिक के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इन दोनों इमिग्रेशन कंपनियों के पास कोई लाइसेंस नहीं था। इनके अलावा बाकी दो कंपनियों में जांच करने पर सब कुछ ठीकठाक पाया गया।
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जांच अधिकारी एएसआई रामेश्वर दास ने बताया कि गिरफ्तार युवक और महिलाओं से 6 पासपोर्ट और कुछ कागजात बरामद किए गए हैं। दरअसल सतनाम सिंह दाऊं ने शुक्रवार को इमिग्रेशन कंपनी की ओर से ठगी के शिकार हुए पीड़ित 6 युवकों को पुलिस के सामने पेश कर शहर में चल रही फर्जी इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
दाऊं ने बताया कि ठगी के शिकार हुए युवकों ने कंपनी को दी गई रकम की रसीदें पेश की थीं और अपने बयान में कंपनी पर ठगी के आरोप लगाए थे।
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खरड़ निवासी पंजाब अगेंस्ट करप्शन के प्रधान सतनाम सिंह दाऊं की ओर से एसएसपी को दी गई शिकायत के बाद जीरकपुर पुलिस ने शुक्रवार को चार इमिग्रेशन कंपनियों के दफ्तर में छापामारी की। जिसमें पुलिस ने दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
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इसके अलावा पुलिस ने पटियाला रोड स्थित प्लस प्वाइंट कंसल्टेंट कंपनी के मालिक रविंदर सिंह निवासी रामदास नगर और सिंहपुरा चौक स्थित वाइडर वर्ल्ड ओवरसीज के अज्ञात मालिक के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इन दोनों इमिग्रेशन कंपनियों के पास कोई लाइसेंस नहीं था। इनके अलावा बाकी दो कंपनियों में जांच करने पर सब कुछ ठीकठाक पाया गया।
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जांच अधिकारी एएसआई रामेश्वर दास ने बताया कि गिरफ्तार युवक और महिलाओं से 6 पासपोर्ट और कुछ कागजात बरामद किए गए हैं। दरअसल सतनाम सिंह दाऊं ने शुक्रवार को इमिग्रेशन कंपनी की ओर से ठगी के शिकार हुए पीड़ित 6 युवकों को पुलिस के सामने पेश कर शहर में चल रही फर्जी इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
दाऊं ने बताया कि ठगी के शिकार हुए युवकों ने कंपनी को दी गई रकम की रसीदें पेश की थीं और अपने बयान में कंपनी पर ठगी के आरोप लगाए थे।