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बजट के लिए वित्त मंत्री ने सुने उद्योगपतियों व व्यापारियों के सुझाब
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मोहाली। राज्य के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को आने बजट को लेकर उद्योगपतियों और व्यापारियों से मीटिंग की। जिसमें जिले के तीनों विधानसभा हलके के विधायक भी मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कोई चुनी हुई सरकार आम बजट पेश करने से पहले लोगों के पास जा रही है। साथ ही बजट के बारे में लोगों से सुझाव मांग रही है। सरकार लोगों की उम्मीदों के अनुरूप एक व्यापक बजट पेश करेगी। उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के साथ अन्य क्षेत्रों के सामूहिक विकास के लिए संतुलित वित्तीय व्यवस्था प्रदान करेगी।
वित्त मंत्री ने कहा 1987 से पहले पंजाब के पास सरप्लस बजट था लेकिन 1992 से सरकारों की गुमराह नीतियों के कारण पंजाब भारी कर्ज के बोझ का सामना कर रहा था। वर्तमान में सरकार पर तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। स्थिति यह हो गई है कि अब पंजाब सरकार को कर्ज चुकाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण पंजाब का उद्योग बर्बाद हो गए है और वह दूसरे पड़ोसी राज्यों में चले गए हैं।
पंजाब के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और रोजगार की तलाश में विदेश भाग रहे हैं। उद्योगों को राज्य के विकास और रोजगार की रीढ़ की हड्डी बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आम बजट उद्योगपतियों के सुझावों पर विचार कर जनता की राय के अनुरूप पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने लोगों से सुझाव मांगने के लिए एक पोर्टल भी लांच किया है, जिस पर लाखों लोगों ने अपने बजट सुझाव दिए हैं। बैठक के दौरान मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह, डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा और खरड़ विधायक अनमोल गगन मान ने भी अपने सुझाव दिए।
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स्टांप ड्यूटी व कलेक्टर रेट कम हो
मोहाली प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को मांग पत्र सौंपा। साथ ही मांग की है कि स्टांप ड्यूटी, कलरेक्टर रेट कम करने व बूथों व शॉप की पहली मंजिल पर निर्माण करने मांग की है। इसके अलावा किराए पर प्रापर्टी टैक्स से भी छूट मांगी गई है। एसोसिएशन ने अपने पत्र में इन चीजों संबंधी कई तर्क दिए है। साथ ही साफ किया है कि अगर सरकार इस राह पर चलती है तो सरकार को फायदा होगा। सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। इस मौके एसोसिएशन के प्रधान हरप्रीत सिंह, महासचिव सरबजीत सिंह पारस व आप के सीनियर नेता व व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा मौजूद थे।
पेट्रोलियम एसोसिएशन ने वैट में कटौती की रखी मांग
पेट्रोलियम एसोसिएशन ने अपने सुझाव दिया कि पंजाब के साथ तीन राज्य व एक केंद्र शासित प्रदेश लगता है। जबकि पंजाब व अन्य जगह के पेट्रोलियम पदार्थों के रेटों में अंतर है। उनका वैट कम है। जबकि पंजाब में वैट ज्यादा है। इससे पेट्रोल पंप मालिक नुकसान उठा रहे है। साथ ही सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। ज्वेलर एसोसिएशन संबंधी कई मुद्दों को उठाया गया। आइलेट्स व इमिग्रेशन का कारोबार करने वालों की दिक्कत का मामला उठाया गया।
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वित्त मंत्री ने कहा 1987 से पहले पंजाब के पास सरप्लस बजट था लेकिन 1992 से सरकारों की गुमराह नीतियों के कारण पंजाब भारी कर्ज के बोझ का सामना कर रहा था। वर्तमान में सरकार पर तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। स्थिति यह हो गई है कि अब पंजाब सरकार को कर्ज चुकाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण पंजाब का उद्योग बर्बाद हो गए है और वह दूसरे पड़ोसी राज्यों में चले गए हैं।
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पंजाब के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और रोजगार की तलाश में विदेश भाग रहे हैं। उद्योगों को राज्य के विकास और रोजगार की रीढ़ की हड्डी बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आम बजट उद्योगपतियों के सुझावों पर विचार कर जनता की राय के अनुरूप पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने लोगों से सुझाव मांगने के लिए एक पोर्टल भी लांच किया है, जिस पर लाखों लोगों ने अपने बजट सुझाव दिए हैं। बैठक के दौरान मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह, डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा और खरड़ विधायक अनमोल गगन मान ने भी अपने सुझाव दिए।
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स्टांप ड्यूटी व कलेक्टर रेट कम हो
मोहाली प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को मांग पत्र सौंपा। साथ ही मांग की है कि स्टांप ड्यूटी, कलरेक्टर रेट कम करने व बूथों व शॉप की पहली मंजिल पर निर्माण करने मांग की है। इसके अलावा किराए पर प्रापर्टी टैक्स से भी छूट मांगी गई है। एसोसिएशन ने अपने पत्र में इन चीजों संबंधी कई तर्क दिए है। साथ ही साफ किया है कि अगर सरकार इस राह पर चलती है तो सरकार को फायदा होगा। सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। इस मौके एसोसिएशन के प्रधान हरप्रीत सिंह, महासचिव सरबजीत सिंह पारस व आप के सीनियर नेता व व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा मौजूद थे।
पेट्रोलियम एसोसिएशन ने वैट में कटौती की रखी मांग
पेट्रोलियम एसोसिएशन ने अपने सुझाव दिया कि पंजाब के साथ तीन राज्य व एक केंद्र शासित प्रदेश लगता है। जबकि पंजाब व अन्य जगह के पेट्रोलियम पदार्थों के रेटों में अंतर है। उनका वैट कम है। जबकि पंजाब में वैट ज्यादा है। इससे पेट्रोल पंप मालिक नुकसान उठा रहे है। साथ ही सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। ज्वेलर एसोसिएशन संबंधी कई मुद्दों को उठाया गया। आइलेट्स व इमिग्रेशन का कारोबार करने वालों की दिक्कत का मामला उठाया गया।