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Mohali: पांच बड़े गैंग विदेश से चला रहे नेटवर्क, बेरोजगार युवाओं को गैंगवार के लिए कर रहे इस्तेमाल

Mon, 25 Dec 2023 01:59 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संदीप शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 25 Dec 2023 01:59 PM IST
सार

अर्श डल्ला ग्रुप, बिश्नोई ग्रुप, जग्गू भगवानपुरिया, बंबीहा ग्रुप और भुप्पी गैंग आपराधिक घटनाओं को पंजाब में अंजाम दिला रहे हैं। अपने गिरोह में सदस्यों को बढ़ाने के लिए ये अपराधी और गैंगस्टर हमेशा नए-नए लोगों को भर्ती करते हैं।

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Five big gangs are operating networks from abroad in Mohali
मोहाली में एनकाउंटर - फोटो : फाइल

विस्तार

मोहाली समेत ट्राइसिटी में गैंगस्टरों का चलन बढ़ गया है। इन दिनों मोहाली में पांच बड़े गैंग विदेश से नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं। ये गैंगस्टर बेरोजगार युवाओं को इस्तेमाल करते हैं। बड़े अपराधियों और गैंगस्टर के चक्कर में पड़कर पंजाब और आसपास के इलाकों के बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। 

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15 साल के नाबालिग से लेकर 20 साल तक के युवाओं को ये अपराधी कभी बरगलाकर, कभी लालच देकर और कभी उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर गिरोह में शामिल कर लेते हैं और बड़ी वारदात करवाते हैं।
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हाल ही में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, एसएसओसी और सीआईए मोहाली की टीम ने कुछ अहम ऑपरेशन कर ऐसे युवकों को पकड़ा है, जो कच्ची उम्र में गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई, बंबीहा ग्रुप और काला जठेड़ी गिरोह में शामिल होकर जबरन वसूली, रंगदारी, धमकाने, अपहरण और हत्या जैसे गंभीर अपराध कर रहे हैं। इस साल जनवरी से अब तक मोहाली में कुल 10 एनकाउंटर हुए। इनमें पुलिस ने 10 गैंगस्टरों को पकड़ा है, जिनसे भारी हथियार बरामद हुए हैं।
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कम उम्र के युवा है गैंगस्टरों के सॉफ्ट टारगेट
पांच बड़े गैंगस्टर ग्रुप रंगदारी, गोलीबारी, किडनैपिंग, लूटपाट जैसी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। अर्श डल्ला ग्रुप, बिश्नोई ग्रुप, जग्गू भगवानपुरिया, बंबीहा ग्रुप और भुप्पी गैंग आपराधिक घटनाओं को पंजाब में अंजाम दिला रहे हैं। अपने गिरोह में सदस्यों को बढ़ाने के लिए ये अपराधी और गैंगस्टर हमेशा नए-नए लोगों को भर्ती करते हैं। इसके लिए युवाओं और कम उम्र के लड़के सॉफ्ट टारगेट होते हैं, क्योंकि ये कम पैसे में इनके लिए काम करते हैं। 

ये लोग युवाओं को कानून की कुछ कमजोरियां बताकर उन्हें गिरोह में भर्ती कर लेते हैं। युवाओं को बताया जाता है कि वह कितना भी गंभीर अपराध करें, उन्हें कानून से बचाना बहुत आसान है। इससे आकर्षित होकर युवा गिरोह में शामिल हो रहे हैं और वारदात के बाद उन्हें नेपाल के रास्ते विदेश भेजे जाने का भी लालच दिया जा रहा है।

यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और राजस्थान के युवाओं को बना रहे निशाना
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गैंगस्टरों को ऐसे युवाओं की तलाश मोहाली ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों में भी होती है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात तक से ऐसे किशोरों और कम उम्र के युवाओं की तलाश की जाती है, जो किसी न किसी कारण अपराधियों के चंगुल में फंस जाते हैं। मोहाली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस के इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन प्रोग्राम के तहत एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य के अपराधियों के बारे में इनपुट देती है, जिससे अपराधी पकड़े जाते हैं।

अपराध के लिए युवाओं को दिया जाता है जरूरत का सामान
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब गिरोह में नए युवक की भर्ती होती है तो रुपये, हथियार, रहने के लिए जगह और उनकी जरूरत का सारा सामान मिलता है। यह सामान उन्हें इस तरह से दिया जाता है कि युवाओं को पता ही नहीं चलता कि उन्हें कहां से सामान आ रहा है। युवाओं को कभी किसी सुनसान जगह में या फ्लैट या किसी मार्केट में सामान उपलब्ध कराया जाता है। भर्ती करने वाले गिरोह के पुराने बदमाश कभी उनके सामने नहीं आते हैं। उन्हें पता भी नहीं चलता है कि उनकी भर्ती किसने की है। इसलिए जब भी किशोर पकड़े जाते हैं तो पुलिस को उनके गिरोह के बारे में कोई बड़ा सुराग नहीं मिल पाता है।

शहर में पुलिस वेरिफिकेशन न के बराबर
जिले के एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग दावा करते हों कि शहर में पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी की जा रही है, लेकिन असलियत है कि लाखों की आबादी वाले क्षेत्र में पूरे वर्ष में केवल 18634 किरायेदारों की ही वेरिफिकेशन हो पाई है। इसमें मोहाली शहरी-1 में 3194 और शहरी -2 में 2471 लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन हुई है। जीरकपुर में 6358, डेराबस्सी में 322, खरड़ में 6289 लोगों की वेरिफिकेशन हुई है। इसी का फायदा अपराधी उठा रहे हैं। मकान मालिक चंद पैसों के लालच में अपने किरायेदारों की वेरिफिकेशन नहीं करवाते और अपराध करने वाले फ्लैट किराये पर लेकर आसानी से वारदात को अंजाम दे जाते हैं।

मोहाली में हुए एनकाउंटर
14 जनवरी : जीरकपुर ढकौली के होटल एलप्स में एजीटीएफ के ऑपरेशन में 21 वर्षीय गैंगस्टर युवराज उर्फ जोरा को पकडऩे के लिए पुलिस ने होटल में छापा मारा तो उसने गोली चलाई। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में उसकी टांग में गोली मारकर काबू किया। इस मुठभेड़ में एआईजी को गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने की वजह से बचाव हो गया। जोरा कॉन्स्टेबल की हत्या का आरोपी था।
25 फरवरी : बनूड़ टोल प्लाजा पर सीआईए स्टाफ मोहाली ने बड़माजरा में भूप्पी राणा गैंग के युवक की उंगलियां काटने के आरोपी 18 वर्षीय गैंगस्टर गौरव उर्फ गौरी और उसके साथी तरुण को गिरफ्तार किया। गौरी की टांग में गोली लगी थी।
28 फरवरी : जीरकपुर पुलिस ने 20 वर्षीय हरविंदर सिंह सोनी को मुठभेड़ के दौरान टांग में गोली मारकर काबू किया। आरोपी फतेहगढ़ साहिब में हुए एनकाउंटर के दौरान फरार हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने जीरकपुर में उसे पकड़ा था। यह आरोपी जठेड़ी गैंग का गुर्गा था।
1 जून : झंजेड़ी में फतेहगढ़ साहिब से पेट्रोल पंप पर 40 लाख लूटने वाले आरोपियों को एजीटीएफ टीम ने पकड़ा। मुठभेड़ में गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह दोनों की टांग में गोली लगी थी। दोनों पकड़े गए थे।
8 जुलाई : फेज-3ए माइक्रो टावर के पास कार स्नैचिंग के आरोपियों ने भागने की कोशिश में पुलिस पर फायर किया गया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए तीन आरोपियों गुरमुख सिंह, वरिंदर सिंह, करम सिंह को गिरफ्तार किया। गुरमुख के पैर में गोली लगी थी।
2 नवंबर : बलटाना, जीरकपुर में बठिंडा के कारोबारी की हत्या के आरोपी गैंगस्टर बलटाना में छिपे थे। इन्हें पकड़ने आई पुलिस पर फायरिंग की गई। जवाबी फायरिंग में आरोपी लवप्रीत सिंह लक्की की टांग में गोली लगी। आरोपी पम्मा और कोमल को भी काबू कर लिया गया। इस मुठभेड़ में डीएसपी पवन कुमार की टांग में भी गोली लगी थी।
6 नवंबर : जीरकपुर में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गैंगस्टर सुखवीर सिंह गुज्जर को घेरा। फायरिंग के दौरान सुखवीर की टांग में गोली लगी। पुलिस ने उससे दो पिस्टल और 8 कारतूस बरामद किए।
26 नवंबर : झामपुर में सीआईए स्टाफ ने मोहाली के गांव झामपुर में अमृतसर से डॉक्टर की ऑडी छीनकर भागे तीन गैंगस्टरों पर फायरिंग की, लेकिन आरोपी भाग गए।
13 दिसंबर : जीरकपुर में पुलिस कस्टडी में गैंगस्टर किरनजीत सिंह उर्फ जस्सा हैबोवाल को एक खंडहर में असलहा बरामद करवाने लाई थी। इस दौरान उसने भागने का प्रयास किया तो पुलिस ने उसकी टांग में दो गोलियां मारी थीं।
16 जुलाई : खरड़ में पुलिस ने कार स्नैचिंग के आरोपी परमवीर सिंह उर्फ प्रिंस की टांग में दो और उसके साथी करमजीत सिंह की टांग में एक गोली मारकर दोनों को काबू किया।

21 दिसंबर : दाऊं साहिब में मोहाली पुलिस ने दो गैंगस्टरों बृजपाल और प्रदीप शेट्टी को टांग में गोली मारकर काबू किया। दोनों विदेश में बैठे गैंगस्टर लक्की पटियाल के इशारे पर फिरौती वसूलते थे।

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