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Mohali News: 47 करोड़ रुपये के अग्निशमन यंत्र पठानकोट, राजासांसी, फिरोजपुर में किए जाएंगे तैनात

Sun, 11 May 2025 12:29 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 11 May 2025 12:29 AM IST
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Fire fighting equipment worth Rs 47 crore will be deployed in Pathankot, Rajasansi, Ferozepur
फायर उपकरणों को देखते सीएम भगवंत सिंह मान। संवाद
मोहाली। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को सेक्टर-78 के फायर स्टेशन में आयोजित एक समारोह में प्रदेश के फायर स्टेशनों को आपदा प्रबंधन उपकरण एवं अग्निशमन यंत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में तनाव के चलते किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 47 करोड़ रुपये की लागत वाले अग्निशमन यंत्र/उपकरण जिलों को दिए हैं।
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इनमें डिजास्टर डिप्लॉयमेंट किट (डीडी किट), हाइड्रोलिक कॉम्बी टूल कोलैप्स स्ट्रक्चर एंड रेस्क्यू किट (सीएसएसआर किट), गैस डिटेक्टर, फायर एंट्री सूट, बैटरी बैकअप लाइटिंग टावर, बहु-उद्देश्यीय फायर टेंडर, क्विक रिस्पांस व्हीकल और अन्य उपकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह उपकरण पठानकोट, राजासांसी, फिरोजपुर और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह मशीनरी/उपकरण संकट के समय राहत और बचाव कार्यों में अधिक मददगार साबित होंगे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमाओं पर पैदा हो रहे तनाव के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। सीमावर्ती क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए छोटे और मध्यम फायर टेंडर (अग्निशमन या इमरजेंसी व्हीकल) और अन्य जरूरी मशीनरी लोगों को समर्पित किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्तमान समय में किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में सशस्त्र सेनाओं की मदद के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।
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नागरिक मिसाइल और ड्रोन के मलबे से दूर रहें
मोहाली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को लोगों से अपील की है कि वे किसी भी मिसाइल या ड्रोन हमले वाली जगह पर जल्दी न जाएं और अज्ञात मलबे को छूने से बचें, जब तक कि सेना इसे निष्क्रिय नहीं कर लेती। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां ड्रोन या मिसाइल का कोई भी हिस्सा मिलता है, लोगों को उस जगह पर जल्दी नहीं जाना चाहिए। यह निष्क्रिय होने से पहले नुकसानदेह हो सकता है। आम लोगों से पूर्ण सहयोग की मांग कर उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि वे कोई मिसाइल या बैलिस्टिक सामग्री देखते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पाकिस्तान के विरुद्ध इस युद्ध में भारतीय सशस्त्र सेनाओं को हर संभव मदद दे रही है।

पाकिस्तान का दोहरा चेहरा उजागर हो गया है, क्योंकि वह हथियारों का उपयोग तेज करके आम आदमी को निशाना बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाएं पाकिस्तान की ऐसी कार्रवाइयों का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सीमाओं पर ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदने को मंजूरी दे दी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पाकिस्तान के साथ लगती 532 किलोमीटर सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। यह व्यवस्था ड्रोन के जरिए सीमा पर नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी को रोकने में मदद करेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सीमा पर सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस नेक प्रयास के लिए राज्य सरकार द्वारा 51.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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