फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Farmers of nine villages refused to give land for Dashmesh canal and raised slogans

Mohali News: नौ गांवों के किसानों ने दशमेश नहर के लिए जमीन देने से किया इनकार, की नारेबाज़ी

Tue, 08 Apr 2025 02:02 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Apr 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
Farmers of nine villages refused to give land for Dashmesh canal and raised slogans
लांडरां/बनूड़। पंजाब सरकार की ओर से प्रस्तावित दशमेश नहर को लेकर शुरू की गई जनसुनवाई के दौरान नौ गांवों के किसानों ने अपनी जमीन देने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही बैठक के दौरान इन सभी ने नारेबाजी भी की।
विज्ञापन

इस संबंध में मच्छली खुर्द, गिद्दडपुर, सोएमाजरा, पत्तरां, चडियाला सूदा, तसौली, देवीनगर (अबरावां), मानकपुर और ऊंचा खेड़ा के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। जिनकी बैठक अबरावां के गुरुद्वारा साहिब में हुई। इस मौके पर इन गांवों से 200 से अधिक किसान उपस्थित थे।
विज्ञापन

इस दौरान जल संसाधन विभाग के एक्शन अधिकारी मनदीप सिंह चाहल, एसडीओ सागर लांबा, एसडीओ मुकुल अग्रवाल, जिलाधीश हरप्रीत सिंह, एआरसी सतीश कुमार, कोमल मट्टू, पटवारी गगनप्रीत सिंह, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के मानव विज्ञान विभाग एवं सामाजिक प्रभाव आकलन प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रोफेसर जेएस शेरावत के नेतृत्व में पूरी टीम, जो नहर के लिए संपूर्ण सामाजिक प्रभाव आकलन कर रही है, उपस्थित थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मौके पर अबरावां के सरपंच गुरचरण सिंह, नरिंदर सिंह, सूबेदार बचन सिंह, सूबेदार धर्म सिंह, गिद्दडपुर के पूर्व सरपंच जसविंदर सिंह पप्पा, मछली खुर्द के नंबरदार स्वर्ण सिंह, सोएमाजरा के सरपंच हाकम सिंह, पत्तरां के नंबरदार स्वर्ण सिंह हुंदल, तसौली के कुलवंत सिंह ढंडी, चडियाला सूदा के जसप्रीत सिंह, लांडरां के पूर्व सरपंच गुरमुख सिंह, प्रो परविंदर सिंह आदि ने संबोधित किया।
उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा प्रस्तावित दशमेश नहर के लिए भूमि के प्रावधान पर अपने-अपने गांवों का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि वे नहर के लिए अपने गांव की जमीन नहीं देंगे और। यदि सरकार ने दबाव डाला, तो भी वे संघर्ष से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

किसानों का कहना है कि इस क्षेत्र में जमीन बहुत कम है। रेलवे, भारत माला परियोजना और राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए यहां पहले ही जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है और अब नहर बनने से किसानों के पास खेती के लिए कोई जमीन नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि जब जमीन ही नहीं बचेगी, तो नहर का क्या उपयोग होगा? अधिकारियों ने किसानों की बात सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed