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दाऊं के किसानों ने किया सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू का विरोध
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मोहाली। शनिवार को गांव दाऊं के किसानों ने सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू का विरोध किया। गांव के शमशान घाट और कब्रिस्तान की मरम्मत के काम के चलते सेहत मंत्री कई गांवों के दौरे पर थे। जैसे ही सेहत मंत्री गांव दाऊं पंहुचे तो गांव वालों ने उन्हें किसान आंदोलन के झंडे दिखाए। साथ ही आरोप लगाया कि गोशाला के नाम पर गांव की जमीनों को जबरदस्ती हथियाया जा रहा है। इसके साथ ही गांव के मुख्य रास्ते को नेशनल हाईवे के साथ जोड़ने के वादे को याद करवाते हुए गांव वालों ने मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बता दें कि शनिवार को सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू मोहाली के अलग-अलग गांव में सभा करने के लिए पहुंचे थे। इसी बीच जब स्वास्थ्य मंत्री गांव दाऊं पहुंचे तो गांव की किसान जत्थेबंदियों द्वारा उनका विरोध शुरू कर दिया गया। गांवों वालों का आरोप था कि मंत्री द्वारा ग्रामीणों से झूठ बोला जा रहा है। गांव की शामलात की जमीन पर गोशाला बनाने की बात कही गई थी, लेकिन सेहत मंत्री के द्वारा यह जमीन प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। जिससे देखते हुए गांव दाऊं के सरपंच और किसान संगठनों द्वारा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके अलावा गांव के सरपंच सतनाम सिंह ने बताया कि हमारे गांव का रास्ता नेशनल हाईवे के साथ जोड़ने का वादा स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया गया था। इस सिलसिले में केंद्र के सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के साथ भी बात हो चुकी है लेकिन पंजाब सरकार की ओर से पिछले साढ़े चार साल में यह काम संभव नहीं हो पाया। इसके बारे में स्वास्थ्य मंत्री के ध्यान में यह मामला लाया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही न होती देख विरोध किया जा रहा है।
गांव से मांगी जमीन पर बननी है गोपाल गोशाला
वहीं सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि मोहाली के गांव से मांगी गई जमीन पर बाल गोपाल गोशाला बननी है। जिसका मुद्दा शीशे की तरह स्पष्ट है। लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियां रोटियां सेक रही हैं। जबकि कोई भी इस जमीन की लीज डीड के कागजात देख सकता है। पंचायत के बारे में उन्होंने कहा कि भूमि के व्यवसायिक उपयोग पर लगे आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए कोई भी व्यक्ति संबंधित स्थान पर जा सकता है, जहां से सच और झूठ को पता लगाया जा सकता है। इन सबके बावजूद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा गांव वालों की बात सुनी गई और उनकी मांगों को मानने की आश्वासन दिया।
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बता दें कि शनिवार को सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू मोहाली के अलग-अलग गांव में सभा करने के लिए पहुंचे थे। इसी बीच जब स्वास्थ्य मंत्री गांव दाऊं पहुंचे तो गांव की किसान जत्थेबंदियों द्वारा उनका विरोध शुरू कर दिया गया। गांवों वालों का आरोप था कि मंत्री द्वारा ग्रामीणों से झूठ बोला जा रहा है। गांव की शामलात की जमीन पर गोशाला बनाने की बात कही गई थी, लेकिन सेहत मंत्री के द्वारा यह जमीन प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। जिससे देखते हुए गांव दाऊं के सरपंच और किसान संगठनों द्वारा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके अलावा गांव के सरपंच सतनाम सिंह ने बताया कि हमारे गांव का रास्ता नेशनल हाईवे के साथ जोड़ने का वादा स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया गया था। इस सिलसिले में केंद्र के सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के साथ भी बात हो चुकी है लेकिन पंजाब सरकार की ओर से पिछले साढ़े चार साल में यह काम संभव नहीं हो पाया। इसके बारे में स्वास्थ्य मंत्री के ध्यान में यह मामला लाया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही न होती देख विरोध किया जा रहा है।
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गांव से मांगी जमीन पर बननी है गोपाल गोशाला
वहीं सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि मोहाली के गांव से मांगी गई जमीन पर बाल गोपाल गोशाला बननी है। जिसका मुद्दा शीशे की तरह स्पष्ट है। लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियां रोटियां सेक रही हैं। जबकि कोई भी इस जमीन की लीज डीड के कागजात देख सकता है। पंचायत के बारे में उन्होंने कहा कि भूमि के व्यवसायिक उपयोग पर लगे आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए कोई भी व्यक्ति संबंधित स्थान पर जा सकता है, जहां से सच और झूठ को पता लगाया जा सकता है। इन सबके बावजूद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा गांव वालों की बात सुनी गई और उनकी मांगों को मानने की आश्वासन दिया।
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