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Mohali News: पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए चार दिनों से अपने खेतों में धरना दे रहे हैं किसान
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खरड़। गांव झंजेड़ी के किसान राज्य सरकार के अधिकारियों से अपनी जमीन बचाने के लिए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ चार दिनों से अपनी ही जमीन पर दिन-रात धरने पर बैठे हैं।
गांव झंजेड़ी के किसानों ने बताया कि हमारी 683 कनाल जमीन पर विवाद है। इस जमीन पर हम 1942 से भी पहले से खेती करते आ रहे हैं। उच्च न्यायालय ने अपने नए आदेशों के अनुसार, यह 683 कनाल भूमि गांव झंजेड़ी की ग्राम पंचायत के पक्ष में गांव के सामूहिक कार्यों लिए आवंटित की है। लेकिन इस आदेश की एवज में अधिकारियों ने हमारी 1530 कनाल पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। दो बार छुट्टी के दिन और रात के समय चोरों की तरह जबरदस्ती कब्जाने की कोशिश की है। अधिकारी दोनों बार इसलिए भाग गए क्योंकि उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।
इस अवसर पर किसानों ने कहा कि वह विवादित 683 कनाल भूमि पर अपना कब्जा छोड़ देंगे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से। राजस्व अभिलेखों में ग्राम पंचायत का नाम अभी तक दर्ज नहीं है और ग्राम पंचायत के पास अभी तक कब्जा लेने के लिए धारा 7 के आदेश नहीं हैं।
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इस अवसर पर गांव के किसान राम सिंह, भरत सिंह, शिवचरण सिंह, राजेश कुमार, जगदीश सिंह, अरुण राणा रघु आदि मौजूद रहे। झंजेड़ी के किसानों को समर्थन देने के लिए हलके के किसान संगठनों के नेता, राजनीतिक दलों के नेता तथा हरियाणा व पंजाब से सामाजिक संगठनों के नेता इस धरने में भाग ले रहे हैं।
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गांव झंजेड़ी के किसानों ने बताया कि हमारी 683 कनाल जमीन पर विवाद है। इस जमीन पर हम 1942 से भी पहले से खेती करते आ रहे हैं। उच्च न्यायालय ने अपने नए आदेशों के अनुसार, यह 683 कनाल भूमि गांव झंजेड़ी की ग्राम पंचायत के पक्ष में गांव के सामूहिक कार्यों लिए आवंटित की है। लेकिन इस आदेश की एवज में अधिकारियों ने हमारी 1530 कनाल पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। दो बार छुट्टी के दिन और रात के समय चोरों की तरह जबरदस्ती कब्जाने की कोशिश की है। अधिकारी दोनों बार इसलिए भाग गए क्योंकि उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।
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इस अवसर पर किसानों ने कहा कि वह विवादित 683 कनाल भूमि पर अपना कब्जा छोड़ देंगे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से। राजस्व अभिलेखों में ग्राम पंचायत का नाम अभी तक दर्ज नहीं है और ग्राम पंचायत के पास अभी तक कब्जा लेने के लिए धारा 7 के आदेश नहीं हैं।
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इस अवसर पर गांव के किसान राम सिंह, भरत सिंह, शिवचरण सिंह, राजेश कुमार, जगदीश सिंह, अरुण राणा रघु आदि मौजूद रहे। झंजेड़ी के किसानों को समर्थन देने के लिए हलके के किसान संगठनों के नेता, राजनीतिक दलों के नेता तथा हरियाणा व पंजाब से सामाजिक संगठनों के नेता इस धरने में भाग ले रहे हैं।