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Mohali News: दिड़बा की अनाज मंडी में 90 संगठनों के कर्मचारी निकालेंगे रोष मार्च
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जीरकपुर। पावरकॉम के अस्थायी कर्मचारियों की एक बैठक जीरकपुर में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सर्कल प्रधान गुरमीत सिंह ने की। बैठक में लालड़ू क्षेत्र के अंतर्गत काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को शनिवार को दिड़बा की अनाजमंडी में होने वाले रोष मार्च की तैयारियों के लिए संगठित किया गया। साथ ही पंजाब और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने के कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में बताया कि विभिन्न मुद्दों को लेकर शनिवार को दिड़बा की अनाज मंडी में 90 संगठन संयुक्त रूप से सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकालेंगे। इसके बाद पंजाब के हर गांव में जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और सरकार से अधिकारों की प्रति सरकारी संस्थानों, किसानों और मजदूर वर्ग को बचाने की अपील की जाएगी। बैठक में सेवक सिंह, जीरकपुर डिवीजन प्रधान अमनिंदर सिंह, रोहित शर्मा, सुखविंदर सिंह और हरदीप सिंह मौजूदगी रहे।
सरकार ने किया वादा पूरा नहीं किया
प्रेस से बातचीत करते हुए सर्कल सचिव एकम सिद्धू (मोहाली) ने कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार किसानों, कर्मचारियों और मजदूरों के हितों के खिलाफ नीतियां बना रही हैं। इसमें बिजली बोर्ड का निजीकरण प्रमुख है। उन्होंने कहा कि मौजूदा पंजाब सरकार ने बिजली विभाग को बचाने और अस्थायी कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन चार साल बीतने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं हुआ। एकम सिद्धू ने आरोप लगाया कि सरकार नए बिजली संशोधन बिल 2025 के जरिए रिचार्ज सिस्टम लागू कर बिजली विभाग को कॉरपोरेट हाथों में सौंपना चाहती है। इससे जनता को मिलने वाली मुफ्त बिजली बंद हो जाएगी और किसानों पर भी बिजली बिल का बोझ पड़ेगा। आम लोगों और किसानों को रिचार्ज कर बिजली इस्तेमाल करनी पड़ेगी, जो पूरे पंजाब के लिए नुकसानदेह साबित होगा।
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बैठक में बताया कि विभिन्न मुद्दों को लेकर शनिवार को दिड़बा की अनाज मंडी में 90 संगठन संयुक्त रूप से सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकालेंगे। इसके बाद पंजाब के हर गांव में जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और सरकार से अधिकारों की प्रति सरकारी संस्थानों, किसानों और मजदूर वर्ग को बचाने की अपील की जाएगी। बैठक में सेवक सिंह, जीरकपुर डिवीजन प्रधान अमनिंदर सिंह, रोहित शर्मा, सुखविंदर सिंह और हरदीप सिंह मौजूदगी रहे।
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सरकार ने किया वादा पूरा नहीं किया
प्रेस से बातचीत करते हुए सर्कल सचिव एकम सिद्धू (मोहाली) ने कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार किसानों, कर्मचारियों और मजदूरों के हितों के खिलाफ नीतियां बना रही हैं। इसमें बिजली बोर्ड का निजीकरण प्रमुख है। उन्होंने कहा कि मौजूदा पंजाब सरकार ने बिजली विभाग को बचाने और अस्थायी कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन चार साल बीतने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं हुआ। एकम सिद्धू ने आरोप लगाया कि सरकार नए बिजली संशोधन बिल 2025 के जरिए रिचार्ज सिस्टम लागू कर बिजली विभाग को कॉरपोरेट हाथों में सौंपना चाहती है। इससे जनता को मिलने वाली मुफ्त बिजली बंद हो जाएगी और किसानों पर भी बिजली बिल का बोझ पड़ेगा। आम लोगों और किसानों को रिचार्ज कर बिजली इस्तेमाल करनी पड़ेगी, जो पूरे पंजाब के लिए नुकसानदेह साबित होगा।
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