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नशा तस्करी: पुलिस की कहानी संदिग्ध, मोहाली अदालत ने दो आरोपियों को बरी किया
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मोहाली। वर्ष 2019 के नशा तस्करी मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गुरविंदर सिंह और राज कुमार को बरी कर दिया है। अदालत ने पुलिस की कहानी को संदिग्ध पाया, क्योंकि अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका।
पुलिस ने 1 जुलाई 2019 को दोनों को 30 बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन और नौ एविल शीशियों के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था। अदालत ने तलाशी के दौरान एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का पालन न होने पर सवाल उठाए। बरामदगी की संख्या और वजन को लेकर रिकॉर्ड में विरोधाभास पाए गए। नमूने 11 दिन बाद एफएसएल भेजे गए और स्वतंत्र गवाह भी शामिल नहीं किया गया था। इन गंभीर खामियों के चलते अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ दिया।
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पुलिस ने 1 जुलाई 2019 को दोनों को 30 बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन और नौ एविल शीशियों के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था। अदालत ने तलाशी के दौरान एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का पालन न होने पर सवाल उठाए। बरामदगी की संख्या और वजन को लेकर रिकॉर्ड में विरोधाभास पाए गए। नमूने 11 दिन बाद एफएसएल भेजे गए और स्वतंत्र गवाह भी शामिल नहीं किया गया था। इन गंभीर खामियों के चलते अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ दिया।
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