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सूर्य ग्रहण के चलते शाम को खुले मंदिरों के कपाट

Wed, 26 Oct 2022 02:24 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2022 02:24 AM IST
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Doors of temples open after six o'clock in the evening after solar eclipse
मोहाली। सूर्य ग्रहण के चलते जिले के मंदिरों के कपाट मंगलवार शाम साढ़े छह बजे बाद खुले। इसके बाद मंदिरों को गंगाजल से शुद्ध किया गया। भगवान का स्नान करवाने से लेकर वस्त्र तक बदले गए। साथ ही महा आरती उतारी गई। काफी संख्या में लोगों ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की। केंद्रीय मंदिर पुजारी परिषद के प्रधान जगदंबा रतूड़ी ने बताया कि जहां तक उनके देखने में आया है कि यह पहला मौका था जब ग्रहण का सूतक सुबह ही लग गया था। ऐसे में पूजा अर्चना भी नहीं हो पाई।
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मंगलवार सूर्य ग्रहण का सूरत सुबह चार बजे से सूतक लग गया था। ऐसे में मंदिरों के कपाट नहीं खोले गए थे। पूरा दिन लोगों ने घरों में रहकर पूजा अर्चना की। इसके बाद शाम को जैसे ही ग्रहण संपन्न हुआ तो इसके बाद पूजा पाठ किया गया। यह साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण था। हालांकि भारत में यह सूर्य ग्रहण आंशिक रूप से देखा गया। ये सूर्य ग्रहण 4 घंटे 3 मिनट का रहा। खरड़ के सभी मंदिरों के कपाट सूर्य ग्रहण से पहले ही बंद कर दिए गए थे। शाम करीब साढ़े छह बजे मंदिरों के कपाट खोलकर शुद्धीकरण करके पूजा अर्चना की गई। पंडित मनोज नौटियाल शास्त्री ने बताया कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल लगा होता है इस दौरान भगवान की छवि को स्पर्श करना वर्जित होता है और ग्रहण के उपरांत भगवान की सभी मूर्तियों को गंगाजल से जल अभिषेक कर उनकी आरती वह पूजा अर्चना की जाती है।
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बच्चों ने भी देखा सूर्या ग्रहण का नजारा
मोहाली। सेक्टर-71 में सूर्य ग्रहण को देखने के लिए विशेष प्रबंध किया गया था। इस मौके पर बड़ी संख्या में बच्चों ने भी नजारा देखा। इस दौरान बच्चों को ग्रहण का महत्व समझाया गया और कई बच्चों के परिजन तक वहां पर पहुंचे हुए थे।
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गोवर्धन पूूजा आज, भैया दूज दो दिन
पुजारी परिषद के प्रधान जगदंबा प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि वैसे तो दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती थी। लेकिन सूर्य ग्रहण की वजह से अब यह बुधवार को होगी। 27 साल के बाद इस तरह सूर्य ग्रहण आया है। जहां तक भैया दूज की बात है तो यह 26 और 27 अक्तूबर दोनों दिन मनाई जाएगी।
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