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आपके बच्चे नशों की चपेट में न आएं, उनके दोस्त बनकर साथ में समय बिताएं
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मोहाली। कोरोना महामारी की जंग के साथ ही जिला प्रशासन ने अब नशों के खिलाफ भी जबरदस्त जंग लड़ने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इसके लिए जहां जिले में 10,883 लोगों को डैपो (नशामुक्ति के लिए काम करने वाले) के रूप में रजिस्टर्ड किया गया है। इनमें जिला परिषद सदस्य, ब्लॉक समिति सदस्य और गांवों के सरपंच शामिल हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने लोगों को अपील की है कि वह अपने बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताने का प्रयास करें। वह बच्चों के दोस्त बनने की कोशिश करें ताकि बच्चे उनसे अपनी हर बात शेयर करें। ऐसे में काफी हद तक नशे पर नकेल कसी जा सकती है।
डीसी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नशे का शिकार हो चुका है तो उसके साथ भी अच्छा व्यवहार रखा जाए और उसके साथ अच्छी बातें करते रहें और साथ ही उसे अपना इलाज करवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
जिला प्रशासन के मुताबिक नशों के खिलाफ चल रही सरकार की जंग में अब आम लोगों को हिस्सेदार बनाया जा रहा है। इसके तहत अब जिले में डैपो बनने वालों को नशों के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। जब किसी डैपो को नशा पीड़ित के बारे में पता चलता है तो पीड़ित और उसके परिवार को मिलकर इलाज के लिए तैयार करता है। डीसी ने बताया कि सरकार की तरफ से नशा पीड़ितों के इलाज के लिए सरकार नशा मुक्ति केंद्र और ओट क्लिनिक काम कर रहे हैं। लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए ऑनलाइन सेमिनार और वर्कशॉप करवाई जा रही है। जिससे लोगों को नशों के प्रभाव को समझा जा सके।
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बता दें कि मोहाली समेत पूरे पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए कांग्रेस ने सत्ता में आते ही स्पेशल टास्क फोर्स गठित की थी। इसके बाद कई नशा तस्कर पकड़े गए और तस्करों की सप्लाई चेन तक तोड़ी गई। लेकिन कोरोना काल में एक बार फिर नशा तस्कर सक्रिय हुए हैं। इसके साथ ही अब एक बार फिर नशे के खिलाफ काम शुरू किया है।
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डीसी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नशे का शिकार हो चुका है तो उसके साथ भी अच्छा व्यवहार रखा जाए और उसके साथ अच्छी बातें करते रहें और साथ ही उसे अपना इलाज करवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
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जिला प्रशासन के मुताबिक नशों के खिलाफ चल रही सरकार की जंग में अब आम लोगों को हिस्सेदार बनाया जा रहा है। इसके तहत अब जिले में डैपो बनने वालों को नशों के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। जब किसी डैपो को नशा पीड़ित के बारे में पता चलता है तो पीड़ित और उसके परिवार को मिलकर इलाज के लिए तैयार करता है। डीसी ने बताया कि सरकार की तरफ से नशा पीड़ितों के इलाज के लिए सरकार नशा मुक्ति केंद्र और ओट क्लिनिक काम कर रहे हैं। लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए ऑनलाइन सेमिनार और वर्कशॉप करवाई जा रही है। जिससे लोगों को नशों के प्रभाव को समझा जा सके।
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बता दें कि मोहाली समेत पूरे पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए कांग्रेस ने सत्ता में आते ही स्पेशल टास्क फोर्स गठित की थी। इसके बाद कई नशा तस्कर पकड़े गए और तस्करों की सप्लाई चेन तक तोड़ी गई। लेकिन कोरोना काल में एक बार फिर नशा तस्कर सक्रिय हुए हैं। इसके साथ ही अब एक बार फिर नशे के खिलाफ काम शुरू किया है।