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मटौर में डेंगू संदिग्ध महिला की मौत
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मोहाली। गांव मटौर में शनिवार को डेंगू संदिग्ध 41 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। वहीं 85 नए मरीज सामने आए हैं। हालांकि सेहत विभाग ने महिला की डेंगू से मौत संबंधी पुष्टि नहीं की है। विभाग के अनुसार जिले में डेेंगू के कुल मरीजों की संख्या 1981 पहुंच गई है। इनमें से 1610 केस इसी महीने सामने आए हैं। हालांकि प्रशासन का यह भी कहना है कि हाई रिस्क एरिया की पहचान कर ली गई है।
महिला की मौत के बाद गांव मटौर में लोगों ने जमकर हंगामा किया। इलाके के पूर्व पार्षद हरपाल सिंह चन्ना ने कहा कि एक सप्ताह में इलाकों में छह से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जबकि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
मटौर गांव के लोगों ने बताया कि इलाके में कोई ऐसा घर नहीं है, जहां डेंगू का प्रभाव न दिखा हो। गांववालों ने बताया कि दो दिन पहले पच्चीस साल के एक युवक व पंद्रह साल की एक लड़की की भी डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है। उससे पहले भी चार लोगों की मौत हुई, इनमें दो लड़कियां भी शामिल है। लोगों का आरोप था कि हर घर में बीमारी फैलने के बाद भी प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
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लोगों का आरोप था कि गांवों में समय रहते फॉगिंग और स्प्रे न होने से यह हालत पैदा हुए हैं। वहीं नगर निगम के अधिकारी मात्र प्रचार कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। लोगों ने डीसी से गुहार लगाई है कि गांव में फैली बीमारी पर काबू करने के लिए विशेष मुहिम चलाई जाए। वहीं, डेंगू से जान गंवाने वाले मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
सिविल सर्जन आदर्श पाल कौर ने कहा कि सेहत विभाग के पास डेंगू से हुई मौत संबंधी कोई जानकारी नहीं है। इससे पहले डेंगू के संदिग्ध मरीजों की मौत की बात सामने आई थी। हालंकि जिन मरीजों की मौत हुई थी, वे न तो अस्पताल में दाखिल हुए थे और न ही कोई टेस्ट करवाया था। उन्होंने कहा कि किसी के पास कोई जानकारी है तो सेहत विभाग से साझा करें।
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महिला की मौत के बाद गांव मटौर में लोगों ने जमकर हंगामा किया। इलाके के पूर्व पार्षद हरपाल सिंह चन्ना ने कहा कि एक सप्ताह में इलाकों में छह से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जबकि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
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मटौर गांव के लोगों ने बताया कि इलाके में कोई ऐसा घर नहीं है, जहां डेंगू का प्रभाव न दिखा हो। गांववालों ने बताया कि दो दिन पहले पच्चीस साल के एक युवक व पंद्रह साल की एक लड़की की भी डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है। उससे पहले भी चार लोगों की मौत हुई, इनमें दो लड़कियां भी शामिल है। लोगों का आरोप था कि हर घर में बीमारी फैलने के बाद भी प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
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लोगों का आरोप था कि गांवों में समय रहते फॉगिंग और स्प्रे न होने से यह हालत पैदा हुए हैं। वहीं नगर निगम के अधिकारी मात्र प्रचार कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। लोगों ने डीसी से गुहार लगाई है कि गांव में फैली बीमारी पर काबू करने के लिए विशेष मुहिम चलाई जाए। वहीं, डेंगू से जान गंवाने वाले मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
सिविल सर्जन आदर्श पाल कौर ने कहा कि सेहत विभाग के पास डेंगू से हुई मौत संबंधी कोई जानकारी नहीं है। इससे पहले डेंगू के संदिग्ध मरीजों की मौत की बात सामने आई थी। हालंकि जिन मरीजों की मौत हुई थी, वे न तो अस्पताल में दाखिल हुए थे और न ही कोई टेस्ट करवाया था। उन्होंने कहा कि किसी के पास कोई जानकारी है तो सेहत विभाग से साझा करें।