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न्यू चंडीगढ़ में लोगों ने बिल्डर के खिलाफ किया प्रदर्शन
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न्यू चंडीगढ़ (नयागांव)। इलाके की एक निजी हाउसिंग सोसायटी में रहते लोगों ने बिल्डर के खिलाफ रोष मार्च निकालकर मांगपत्र दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने झूठे वादे कर मकान बेचे हैं। बिल्डर ने जो बिल्डिंग प्लान दिखाया था उसमें भी बिना किसी सूचना के बदलाव किए हैं। इतना ही नहीं, बिल्डर बिना कोई सुविधा दिए सुविधा शुल्क वसूली का दबाव भी बना रहा है।
जानकारी के अनुसार न्यू चंडीगढ़ में अंबिका फ्लोरेंस पार्क हाउसिंग सोसायटी के निवासियों ने एन्हान्सिंग लाइफ की टैगलाइन वाली रियल स्टेट कंपनी अंबिका रियलकॉन के खिलाफ तख्तियां एवं बैनर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कंपनी के खिलाफ मकान निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने, झूठे वादे कर मकान बेचने के आरोप लगाए। सेवानिवृत्त सेना अधिकारी एवं वरिष्ठ नागरिक विनोद ठाकुर ने कहा कि कंपनीबिना कोई सुविधा दिए सुविधा शुल्क भरने के लिए दबाव बना रही है। कंपनी सुविधा शुल्क लेने के लिए ईमेल और कानूनी नोटिस भेज रही है। इस कारण हमने कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया है।
सोसायटी में रहते विशाल बग्गा ने कहा कि 2018 में उन्हें 8 टावर का ले आउट प्लान दिखाया गया था लेकिन जब उन्होंने मकान लिया तो 9 टावर बने हुए थे। इस बदलाव के बारे में कंपनी ने कभी सूचित नहीं किया था। निवासी संदीप गुप्ता ने बताया कि बने हुए मकानों में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई है, जिस कारण आए दिन कहीं न कहीं कोई सीमेंट या छत का टुकड़ा गिरता रहता है। इस तरह की पहले कई घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों को सीसीटीवी, पार्किंग, स्वीमिंग पूल, क्लब हाउस आदि सुविधाएं देने का वादा किया गया था लेकिन आज तक कोई भी सुविधा नहीं मिली है।
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सोसायटी के निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सोसाइटी के अंदर पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस देने के लिए निवासियों से मोटी रकम वसूल की गई है लेकिन अभी तक पाइप लाइन नहीं डाली गई है। कंपनी के खिलाफ लोगों ने कंज्यूमर कोर्ट में भी केस डाला हुआ है जिसमें 31 अगस्त से पहले गमाडा को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हुए हैं। इस पर सभी निवासियों ने एकत्रित होकर अंबिका रियलकॉन के निदेशक रितेश सहगल को मांगपत्र दिया।
कोट
पूरा प्रोजेक्ट गमाडा एवं रेरा के नियमों के अनुसार बना हुआ है। कहीं पर कोई नियम नहीं तोड़ा गया है। सोसायटी के कुछ लोगों ने ब्लैकमेल करने के लिए अदालत में हमारे खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उनके वकील ने हमसे 10 लाख रुपये की मांग की थी, जो हमने पूरी नहीं की। इन्हीं कारणों से वे लोग ही हमारे प्रोजेक्ट को बदनाम करने के लिए इस तरह का काम कर रहे हैं। हमारे ऊपर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। -रितेश सहगल, डायरेक्टर, अंबिका रियलकॉन
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जानकारी के अनुसार न्यू चंडीगढ़ में अंबिका फ्लोरेंस पार्क हाउसिंग सोसायटी के निवासियों ने एन्हान्सिंग लाइफ की टैगलाइन वाली रियल स्टेट कंपनी अंबिका रियलकॉन के खिलाफ तख्तियां एवं बैनर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कंपनी के खिलाफ मकान निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने, झूठे वादे कर मकान बेचने के आरोप लगाए। सेवानिवृत्त सेना अधिकारी एवं वरिष्ठ नागरिक विनोद ठाकुर ने कहा कि कंपनीबिना कोई सुविधा दिए सुविधा शुल्क भरने के लिए दबाव बना रही है। कंपनी सुविधा शुल्क लेने के लिए ईमेल और कानूनी नोटिस भेज रही है। इस कारण हमने कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया है।
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सोसायटी में रहते विशाल बग्गा ने कहा कि 2018 में उन्हें 8 टावर का ले आउट प्लान दिखाया गया था लेकिन जब उन्होंने मकान लिया तो 9 टावर बने हुए थे। इस बदलाव के बारे में कंपनी ने कभी सूचित नहीं किया था। निवासी संदीप गुप्ता ने बताया कि बने हुए मकानों में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई है, जिस कारण आए दिन कहीं न कहीं कोई सीमेंट या छत का टुकड़ा गिरता रहता है। इस तरह की पहले कई घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों को सीसीटीवी, पार्किंग, स्वीमिंग पूल, क्लब हाउस आदि सुविधाएं देने का वादा किया गया था लेकिन आज तक कोई भी सुविधा नहीं मिली है।
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सोसायटी के निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सोसाइटी के अंदर पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस देने के लिए निवासियों से मोटी रकम वसूल की गई है लेकिन अभी तक पाइप लाइन नहीं डाली गई है। कंपनी के खिलाफ लोगों ने कंज्यूमर कोर्ट में भी केस डाला हुआ है जिसमें 31 अगस्त से पहले गमाडा को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हुए हैं। इस पर सभी निवासियों ने एकत्रित होकर अंबिका रियलकॉन के निदेशक रितेश सहगल को मांगपत्र दिया।
कोट
पूरा प्रोजेक्ट गमाडा एवं रेरा के नियमों के अनुसार बना हुआ है। कहीं पर कोई नियम नहीं तोड़ा गया है। सोसायटी के कुछ लोगों ने ब्लैकमेल करने के लिए अदालत में हमारे खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उनके वकील ने हमसे 10 लाख रुपये की मांग की थी, जो हमने पूरी नहीं की। इन्हीं कारणों से वे लोग ही हमारे प्रोजेक्ट को बदनाम करने के लिए इस तरह का काम कर रहे हैं। हमारे ऊपर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। -रितेश सहगल, डायरेक्टर, अंबिका रियलकॉन