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यूक्रेन से सकुशल लौटी बेटी, मां ने दीपक जलाकर उतारी आरती

Thu, 03 Mar 2022 02:10 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 02:10 AM IST
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Daughter returned safely from Ukraine, mother performed aarti by lighting a lamp
नयागांव। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में फंसी नयागांव की 20 वर्षीय साइना शर्मा ऑपरेशन गंगा के माध्यम से बुधवार की शाम अपने घर सकुशल पहुंच गई। इस दौरान उनके परिजनों के चेहरे पर खुशी थी और माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे। इस दौरान मां ने बेटी की घी के दीपक जलाकर आरती उतारी। साथ ही माथे पर विजय तिलक लगाकर अपनी लाडली का स्वागत किया। बेटी की सकुशल वापसी की खुशी में परिजनों ने केट काटा और पूरे मोहल्ले में मिठाई बांटी। इस दौरान साइना के पिता सत्येंद्र शर्मा और माता रंजू बाला ने कहा कि वह भगवान से दुआ करते हैं कि जैसे उनकी बेटी सकुशल लौट आई है, वैसे ही अन्य लोगों के बच्चे भी सकुशल घर पहुंच जाएं।
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नयागांव निवासी साइना यूक्रेन की उझोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की तीसरे वर्ष की छात्रा है। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी को उनकी पढ़ाई चल रही थी। जैसे ही उन्होंने यूनिवर्सिटी में टीवी पर देखा कि रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है तो उनके होश उड़ गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करें। वह काफी डर गई थी। ऐसे में उनकी यूनिवर्सिटी ने अच्छी भूमिका निभाई और यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने कहा कि डरने की कोई बात नहीं है। हम हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं और आपको सकुशल घर पहुंचाया जाएगा। हम भारतीय दूतावास के संपर्क में है। सभी छात्रों की सूची भेजी जाएगी और निर्देश मिलने पर सबको वापस भेज दिया जाएगा। हालांकि उन्हें घरों में रहने के निर्देश दिए।
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लेकिन इस प्रक्रिया में तीन दिन लग गए और युद्ध तेज होता जा रहा था। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह घर कैसे पहुंचेंगे। हालांकि उनका एरिया पोलैंड की सीमा से 20 किलोमीटर दूूरी पर था। वहां पर गोलीबारी इतनी तेज नहीं थी और युद्ध का डर भी सता रहा था। इसके बाद 28 फरवरी को उन्हें वहां से निकालने का योजना बनी, तब जाकर उनकी उम्मीद बढ़ी और यूनिवर्सिटी की बस उन्हें हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट ले आई। यहां पर भारतीय दूतावास ने सभी छात्रों को होटलों में ठहराया। इस दौरान पहले लड़कियों और बाद में लड़कों को निकालने की योजना बनी। बुधवार को सुबह 5 बजे उनकी उड़ान दिल्ली के लिए थी और 9 बजे वह सकुशल दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने देश की धरती को चूमा और पहला फोन अपनी मां को किया। इसके बाद दिल्ली से बस के माध्यम से चंडीगढ़ पहुंची।
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पाकिस्तान के छात्र भी भारत का तिरंगा लगाकर निकले
साइना ने बताया कि बेशक वह यूक्रेन में युद्ध की वजह से फंसी थी, लेकिन इन मुश्किल हालात में दूर देश में उन्हें अपने देश की ताकत का अहसास हुआ। क्योंकि युद्ध के बीच भी भारतीयों को न तो यूक्रेन की सेना और न ही रूस की सेना ने कुछ कहा। जैसे वह भारत का तिरंगा लगाकर बस में निकले थे तो इसी तरह पाकिस्तान और बंगलादेश के विद्यार्थी भी भारतीय तिरंगे को अपने वाहनों पर लगाकर बाहर निकल रहे थे। जिससे वह भी सकुशल अपने घर पहुंच पाएं।

किराए के फ्लैट में रख आए अपना सामान
साइना ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि युद्ध जल्द ही खत्म होगा और वह वापस यूक्रेन जाकर वह अपनी एमबीबीएस पूरी करेगी। उन्होंने बताया कि उनके 20-25 दोस्तों ने वहां पर एक फ्लैट किराए पर लिया है और इसमें अपना सारा सामान रखकर आए हैं। जैसे ही हालात सामान्य होंगे और भारत सरकार की तरफ से वहां जाने के लिए हरी झंडी मिलेगी तो वह दोबारा जाकर अपनी पढ़ाई शुरू करेंगे।
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