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समगोली जमीनी विवाद : पुलिस ने की हवाई फायरिंग की पुष्टि
ब्यूरो, अमर उजाला/डेराबस्सी
Updated Fri, 22 Apr 2016 10:09 PM IST
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गांव समगोली में पांच दशक पुराने जमीनी विवाद को लेकर वीरवार को हुए खूनी संघर्ष में पुलिस ने दोनों पक्षों के करीब 80 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अलग-अलग धाराओं के तहत क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। बता दें कि फसल काटने को लेकर हुई दो पक्षों की खूनी झड़प में करीब 14 लोग घायल हो गए थे।
इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिन्हें पीजीआई में दाखिल करवाया गया है। पीजीआई में दाखिल पक्ष ने आरोप लगाया था कि दोनों गोली लगने से घायल हुए हैं। एक पक्ष ने दूसरे पर उनके दो साथियों पर फायरिंग करने का आरोप भी लगाया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह गेहूं की फसल की कटाई के दौरान दो गुटों में जमकर तलवारें, रॉड व गंडासियां चलीं और दोनों ओर से कुल 14 लोग जख्मी हो गए। मामला समगोली में 303 बीघे जमीन का है। एक पक्ष की ओर से घायल मनीष कुमार पुत्र गुलाब सिंह ने आरोप लगाया कि उनका परिवार 40 एकड़ जमीन का काश्तकार है।
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उसमें चार एकड़ जमीन में खड़ी फसल काटने गए थे, इसी दौरान रमन, बिल्ला, महिंदर सिंह, राजपाल सिंह, मेघराज, पिंटू, महावीर, रिंकू, टिंकू और उनके छह सात नामालूम साथियों ने उन पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। पुलिस ने उसके बयान पर 16 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले व कब्जा करने के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया है।
जांच अधिकारी हरिजंदर सिंह के अनुसार दूसरी ओर रमन पुत्र महिंदर सिंह के बयान पर मनीष, गुलाब, चरण सिंह, उदयप्रताप सिंह, विश्वप्रताप सिंह, परमजीत पुत्र रतन सिंह, टीनू पुत्र जसबीर व चंडीगढ़ अपार्टमेंट के श्रीवास्तव प्रॉपर्टी डीलर के अलावा 60 से 65 नामालूम लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में 307, 323, 324, 148 व 149 के तहत केस दर्ज किया गया है।
आईओ के अनुसार शिकायतकर्ताओं के बयान सात बार लिखे गए, लेकिन हर बार कोई कमी बताकर बदलने पड़े। रमन ने शिकायत में बताया है कि पीजीआई में दाखिल महेंद्र व मेघराज को बुलेट इंजरीज आई हैं। उन पर गुलाब सिंह व मनीष कुमार ने बंदूकों से फायर किए। आईओ के अनुसार बुलेट इंजरी है या नहीं, इस बारे में पीजीआई डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल, दोनों जख्मी भी बयान देने की हालत में नहीं हैं।
कोट
हवाई फायरिंग होने के सबूत मिले हैं। जिन दो लोगों को गोली लगने की बात कही जा रही थी, वह जांच में झूठी पाई जा रही है। पीजीआई में दाखिल दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
-दीपइंद्र सिंह, थाना प्रभारी
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इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिन्हें पीजीआई में दाखिल करवाया गया है। पीजीआई में दाखिल पक्ष ने आरोप लगाया था कि दोनों गोली लगने से घायल हुए हैं। एक पक्ष ने दूसरे पर उनके दो साथियों पर फायरिंग करने का आरोप भी लगाया था।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह गेहूं की फसल की कटाई के दौरान दो गुटों में जमकर तलवारें, रॉड व गंडासियां चलीं और दोनों ओर से कुल 14 लोग जख्मी हो गए। मामला समगोली में 303 बीघे जमीन का है। एक पक्ष की ओर से घायल मनीष कुमार पुत्र गुलाब सिंह ने आरोप लगाया कि उनका परिवार 40 एकड़ जमीन का काश्तकार है।
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उसमें चार एकड़ जमीन में खड़ी फसल काटने गए थे, इसी दौरान रमन, बिल्ला, महिंदर सिंह, राजपाल सिंह, मेघराज, पिंटू, महावीर, रिंकू, टिंकू और उनके छह सात नामालूम साथियों ने उन पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। पुलिस ने उसके बयान पर 16 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले व कब्जा करने के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया है।
जांच अधिकारी हरिजंदर सिंह के अनुसार दूसरी ओर रमन पुत्र महिंदर सिंह के बयान पर मनीष, गुलाब, चरण सिंह, उदयप्रताप सिंह, विश्वप्रताप सिंह, परमजीत पुत्र रतन सिंह, टीनू पुत्र जसबीर व चंडीगढ़ अपार्टमेंट के श्रीवास्तव प्रॉपर्टी डीलर के अलावा 60 से 65 नामालूम लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में 307, 323, 324, 148 व 149 के तहत केस दर्ज किया गया है।
आईओ के अनुसार शिकायतकर्ताओं के बयान सात बार लिखे गए, लेकिन हर बार कोई कमी बताकर बदलने पड़े। रमन ने शिकायत में बताया है कि पीजीआई में दाखिल महेंद्र व मेघराज को बुलेट इंजरीज आई हैं। उन पर गुलाब सिंह व मनीष कुमार ने बंदूकों से फायर किए। आईओ के अनुसार बुलेट इंजरी है या नहीं, इस बारे में पीजीआई डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल, दोनों जख्मी भी बयान देने की हालत में नहीं हैं।
कोट
हवाई फायरिंग होने के सबूत मिले हैं। जिन दो लोगों को गोली लगने की बात कही जा रही थी, वह जांच में झूठी पाई जा रही है। पीजीआई में दाखिल दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
-दीपइंद्र सिंह, थाना प्रभारी