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पूर्व DPI, बेटा विदेश भेजने के नाम पर ठगी के आरोप में गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, डेराबस्सी
Updated Tue, 14 Jun 2016 09:47 AM IST
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पूर्व DPI, बेटा विदेश भेजने के नाम पर ठगी के आरोप में गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब सचिवालय के फाइनेंस कमिश्नर आफिस की स्टेनो को परिवार सहित कनाडा भेजने व पीआर दिलाने के नाम पर 75 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में शिक्षा विभाग के पूर्व डीपीआई और उनके बेटे को चंडीगढ़ स्थित घर से गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान साधू सिंह रंधावा और इंद्रिक सिंह रंधावा के रूप में है। तीसरा आरोपी आलम सिंह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस समय वह अमेरिका में रह रहा है। उसके दिल्ली और चंडीगढ़ में मकान हैं। बहरहाल मोहाली पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच शरू कर दी है। आरोपियों को सोमवार अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
अलग-अलग किस्तों में दिए 75 लाख रुपये
जांच अधिकारी बलजिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी वर्ष 2015 में पंजाब एजुकेशन डिपार्टमेंट से डीपीआई के पद से रिटायर हुआ था। आरोपी ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय में स्टेनो के पद पर कार्यरत हरकमल कौर को उनके पति और बेटा-बेटी का कनाडा में इमीग्रेशन व पीआर देने का झांसा दिया था। इसके बाद 75 लाख रुपये हड़प लिए। यह राशि वर्ष 2012 में तीन माह के दौरान अलग-अलग किश्तों में दी गई थी। हरकमल कौर ने साधू सिंह और उनके पुत्र इंद्रिक सिंह रंधावा और अमेरिका में रह रहे आलम सिंह पर मिलीभगत कर रुपये ठगने का आरोप लगाया था।
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जमीन, प्लाट और घर बेचकर इकट्ठा किए थे रुपये
हरकमल कौर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में अपनी जमीन 34 लाख, एक घर 15 लाख और एक प्लाट 20 लाख रुपये का बेचा था। इसके अलावा परिवार व रिश्तेदारों से जुटाकर 75 लाख रुपये रंधावा को दिए थे।
वीजा अप्लाई किया तो हुआ खुलासा
हरकमल कौर ने बताया है कि साधू सिंह रंधावा ने कनाडा में किसी बिजनेस में पैसा लगाकर इमीग्रेशन कराने का झांसा दिया था, लेकिन जब उन्होंने रंधावा को 75 लाख रुपये की राशि देने के बाद अपना, पति जोगेंदर सिंह, बेटा राजदीप सिंह और बेटी संदीप कौर के वीजा के लिए अप्लाई किया तो सचाई सामने आई।
सर्विलांस पर लगे थे पिता-पुत्र के मोबाइल
एजुकेशन डिपार्टमेंट के पूर्व अधिकारी साधू सिंह रंधावा और उनके पुत्र इंद्रिक सिंह रंधावा की लोकेशन का पता लगाने के लिए पुलिस ने इनके मोबाइल सर्विलांस पर लगवाए थे। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए पिछले कई दिनों से प्रयासरत थी।
बठिंडा में थी गिरफ्तारी की योजना
मोहाली पुलिस को रविवार को पता चला था कि साधू सिंह रंधावा और उनका पुत्र बठिंडा में हैं। इस कारण पुलिस टीम ने पूरी तैयारी भी कर ली थी, लेकिन कुछ देर बाद भठिंडा से इनकी लोकेशन चंडीगढ़ की ओर मिली। इस पर पुलिस ने आरोपियों को चंडीगढ़ सेक्टर-40 स्थित मकान नंबर 1353 से गिरफ्तार किया।
टैट में भी चर्चा में आया था साधू सिंह
शिक्षक पात्रता परीक्षा टेस्ट (टैट) में भी साधू सिंह रंधावा की भूमिका चर्चा में रही थी। पुलिस ने रंधावा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उस समय पुलिस ने छापेमारी में रंधावा के भठिंडा स्थित घर से चार लाख 29 हजार,1520 यूएस डालर और 100 कनाडा के डालर और 150 ग्राम अफीम बरामद की थी।
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आरोपियों की पहचान साधू सिंह रंधावा और इंद्रिक सिंह रंधावा के रूप में है। तीसरा आरोपी आलम सिंह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस समय वह अमेरिका में रह रहा है। उसके दिल्ली और चंडीगढ़ में मकान हैं। बहरहाल मोहाली पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच शरू कर दी है। आरोपियों को सोमवार अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
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अलग-अलग किस्तों में दिए 75 लाख रुपये
जांच अधिकारी बलजिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी वर्ष 2015 में पंजाब एजुकेशन डिपार्टमेंट से डीपीआई के पद से रिटायर हुआ था। आरोपी ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय में स्टेनो के पद पर कार्यरत हरकमल कौर को उनके पति और बेटा-बेटी का कनाडा में इमीग्रेशन व पीआर देने का झांसा दिया था। इसके बाद 75 लाख रुपये हड़प लिए। यह राशि वर्ष 2012 में तीन माह के दौरान अलग-अलग किश्तों में दी गई थी। हरकमल कौर ने साधू सिंह और उनके पुत्र इंद्रिक सिंह रंधावा और अमेरिका में रह रहे आलम सिंह पर मिलीभगत कर रुपये ठगने का आरोप लगाया था।
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जमीन, प्लाट और घर बेचकर इकट्ठा किए थे रुपये
हरकमल कौर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में अपनी जमीन 34 लाख, एक घर 15 लाख और एक प्लाट 20 लाख रुपये का बेचा था। इसके अलावा परिवार व रिश्तेदारों से जुटाकर 75 लाख रुपये रंधावा को दिए थे।
वीजा अप्लाई किया तो हुआ खुलासा
हरकमल कौर ने बताया है कि साधू सिंह रंधावा ने कनाडा में किसी बिजनेस में पैसा लगाकर इमीग्रेशन कराने का झांसा दिया था, लेकिन जब उन्होंने रंधावा को 75 लाख रुपये की राशि देने के बाद अपना, पति जोगेंदर सिंह, बेटा राजदीप सिंह और बेटी संदीप कौर के वीजा के लिए अप्लाई किया तो सचाई सामने आई।
सर्विलांस पर लगे थे पिता-पुत्र के मोबाइल
एजुकेशन डिपार्टमेंट के पूर्व अधिकारी साधू सिंह रंधावा और उनके पुत्र इंद्रिक सिंह रंधावा की लोकेशन का पता लगाने के लिए पुलिस ने इनके मोबाइल सर्विलांस पर लगवाए थे। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए पिछले कई दिनों से प्रयासरत थी।
बठिंडा में थी गिरफ्तारी की योजना
मोहाली पुलिस को रविवार को पता चला था कि साधू सिंह रंधावा और उनका पुत्र बठिंडा में हैं। इस कारण पुलिस टीम ने पूरी तैयारी भी कर ली थी, लेकिन कुछ देर बाद भठिंडा से इनकी लोकेशन चंडीगढ़ की ओर मिली। इस पर पुलिस ने आरोपियों को चंडीगढ़ सेक्टर-40 स्थित मकान नंबर 1353 से गिरफ्तार किया।
टैट में भी चर्चा में आया था साधू सिंह
शिक्षक पात्रता परीक्षा टेस्ट (टैट) में भी साधू सिंह रंधावा की भूमिका चर्चा में रही थी। पुलिस ने रंधावा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उस समय पुलिस ने छापेमारी में रंधावा के भठिंडा स्थित घर से चार लाख 29 हजार,1520 यूएस डालर और 100 कनाडा के डालर और 150 ग्राम अफीम बरामद की थी।