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डॉ. यशुमति केस की जांच में आई तेजी
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. यशुमति केस में पुलिस ने एक बार फिर पिता के बयान कलमबद्ध किए है। इसकी जानकारी डॉ. यशुमति के पिता ने दी। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस इस मामले की जांच नए सिरे से कर रही है? या घटना के बाद मृतका के पिता के बयान गंभीरता से कलमबद्ध नहीं किए गए थे। वहीं, संबंधित थाना पुलिस ने डॉ. यशुमति के पिता के दोबारा लिए गए बयानों को रुटीन कार्रवाई बता रही है। थाना प्रभारी सुखविंद्र सिंह के मुताबिक यह कार्रवाई पुलिस जांच का हिस्सा है। इस मामले में आरोपी डॉक्टर की कुछ दिन पहले हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका रद्द हो गई थी। वहीं, डॉ. यशुमति की आत्मिक शांति के लिए कई दिनों से उसके परिजन भागवत कथा करवा रहे हैं, जिसका भोग वीरवार को डाला जाएगा।
ये था मामला
पुलिस ने इंडस अस्पताल की डॉ. यशुमति केस में मोहाली सेक्टर-71 निवासी खरड़ स्थित एक क्लीनिक के संचालक डॉ. नीतीश के खिलाफ केस दर्ज किया था। वह यशुमति का दोस्त बताया गया है। डॉ. यशुमति की आठ जून 2015 को संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी।
हत्या का मामला बताते हैं परिजन
परिजनों का आरोप था कि जब उन्हें फेज-6 के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में डॉ. यशुमति का शव दिखाया गया था, तब उसके मुंह से खून निकल रहा था। बाजू पर नीले रंग के निशान थे। इसके बावजूद उस समय पुलिस ने किसी पर केस दर्ज नहीं किया था।
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ये था मामला
पुलिस ने इंडस अस्पताल की डॉ. यशुमति केस में मोहाली सेक्टर-71 निवासी खरड़ स्थित एक क्लीनिक के संचालक डॉ. नीतीश के खिलाफ केस दर्ज किया था। वह यशुमति का दोस्त बताया गया है। डॉ. यशुमति की आठ जून 2015 को संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी।
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हत्या का मामला बताते हैं परिजन
परिजनों का आरोप था कि जब उन्हें फेज-6 के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में डॉ. यशुमति का शव दिखाया गया था, तब उसके मुंह से खून निकल रहा था। बाजू पर नीले रंग के निशान थे। इसके बावजूद उस समय पुलिस ने किसी पर केस दर्ज नहीं किया था।
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