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सिक्योरिटी गार्ड ही करवा रहा था एटीएम में लूट
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:15 AM IST
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लूट
- फोटो : अमर उजाला
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सिक्योरिटी गार्ड ने जल्द अमीर बनने के लिए दोस्त के साथ मिलकर फेज-10 स्थित एक नामी बैंक के एटीएम को लूटने की योजना बनाई। उसने प्लानिंग के साथ रात में दोस्त को मंगलवार रात एटीएम के केबिन में बंद कर दिया। पूरी रात वह एटीएम तोड़ने का प्रयास करता रहा। लेकिन, कामयाब नहीं हुआ। बुधवार सुबह एटीएम से पैसे नहीं निकलने पर जांच की गई तो मामले की जानकारी हुई। बैंक की शिकायत पर पुलिस पड़ोस की दुकान में लगे सीसीटीवी कै मरे की फुटेज देखी, जिससे मामला साफ हो गया। इसके पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड वरिंदर सिंह निवासी कुंभड़ा को राउंडअप कर लिया है। साथ ही उसके साथी प्रमोद की तलाश में पुुलिस छापेमारी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, फेज-10 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में मंगलवार रात 10 बजे सिक्योरिटी गार्ड वरिंदर की ड्यूटी खत्म हुई। उसने तय प्लान के मुताबिक अपने दोस्त को एटीएम के केबिन में बंद कर दिया। उसके पास एटीएम तोड़ने के लिए हथियार थे। बुधवार सुबह आठ बजे दूसरे सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी शुरू होनी थी। इससे पहले ही उसने दोस्त को केबिन से निकाल दिया। हालांकि, एटीएम से वह पैसे निकालने में कामयाब नहीं हो पाया। इसके बाद वह दोनों वहां से चले गए। किसी को इस पर संदेह नहीं हुआ। बुधवार सुबह आठ बजे दूसरे सिक्योरिटी गार्ड ने नौकरी ज्वाइन कर ली।
इस दौरान एटीएम से पैसे नहीं निकलने की शिकायत आई। सिक्योरिटी गार्ड ने इस संबंध में बैंक को जानकारी दी। बैंक की तरफ से एटीएम चेक करने के लिए इंजीनियर भेजा गया। इस दौरान सामने आया कि एटीएम के नीचे तोड़फोड़ की गई है। इंजीनियर ने इसकी जानकारी बैंक को दी। बैंक ने मामले की शिकायत बुधवार रात को पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों सिक्योरिटी गार्डों से पूछताछ की। पुलिस ने दुकान के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी। उससे पता चला कि सिक्योरिटी गार्ड वरिंदर सिंह अपने दोस्त को एटीएम में घुसा रहा था और सुबह उसे बाहर निकालकर ले गया। इसके बाद पुलिस ने वरिंदर को राउंडअप करके पूछताछ की। तो उसने सारी सच्चाई उगल दी। पुलिस उसके साथी प्रमोद को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।
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पेशेंट केयर का करता था काम
पुलिस को पता चला है कि प्रमोद भी कुंभड़ा का रहने वाला है। वह पेशे से पेशेंट केयर का काम करता था। वह जल्द ही अमीर बनना चाहता था।
10 लाख रुपये थे एटीएम में
पता चला है कि एटीएम में करीब 10 लाख रुपये की राशि थी। दोनों ने रकम बराबर-बराबर बांटने की योजना बनाई थी। लेकिन वह एटीएम लूटने में कामयाब नहीं हो पाए। साथ ही प्रमोद ने वरिंदर को एटीएम को घुसने देने के लिए 10 रुपये देने का वादा किया था।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी वारदातें
यह पहला मौका नहीं है जब एटीएम लूट की योजना बनाई गई हो। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। फेज-8 इंडस्ट्रियल एरिया में डेल के पास एटीएम लूट की कोशिश हुई थी। इसी तरह फेज-7 मेन मार्केट में भी एटीएम को लूटने का प्रयास किया गया था। लेकिन, आरोपी इसमें कामयाब नहीं हो पाए थे। इसके अलावा जीरकपुर में एटीएम लूट में आरोपी कामयाब रहे थे। साथ ही एटीएम को तोड़कर सोहाना में फेंक गए थे।
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जानकारी के मुताबिक, फेज-10 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में मंगलवार रात 10 बजे सिक्योरिटी गार्ड वरिंदर की ड्यूटी खत्म हुई। उसने तय प्लान के मुताबिक अपने दोस्त को एटीएम के केबिन में बंद कर दिया। उसके पास एटीएम तोड़ने के लिए हथियार थे। बुधवार सुबह आठ बजे दूसरे सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी शुरू होनी थी। इससे पहले ही उसने दोस्त को केबिन से निकाल दिया। हालांकि, एटीएम से वह पैसे निकालने में कामयाब नहीं हो पाया। इसके बाद वह दोनों वहां से चले गए। किसी को इस पर संदेह नहीं हुआ। बुधवार सुबह आठ बजे दूसरे सिक्योरिटी गार्ड ने नौकरी ज्वाइन कर ली।
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इस दौरान एटीएम से पैसे नहीं निकलने की शिकायत आई। सिक्योरिटी गार्ड ने इस संबंध में बैंक को जानकारी दी। बैंक की तरफ से एटीएम चेक करने के लिए इंजीनियर भेजा गया। इस दौरान सामने आया कि एटीएम के नीचे तोड़फोड़ की गई है। इंजीनियर ने इसकी जानकारी बैंक को दी। बैंक ने मामले की शिकायत बुधवार रात को पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों सिक्योरिटी गार्डों से पूछताछ की। पुलिस ने दुकान के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी। उससे पता चला कि सिक्योरिटी गार्ड वरिंदर सिंह अपने दोस्त को एटीएम में घुसा रहा था और सुबह उसे बाहर निकालकर ले गया। इसके बाद पुलिस ने वरिंदर को राउंडअप करके पूछताछ की। तो उसने सारी सच्चाई उगल दी। पुलिस उसके साथी प्रमोद को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।
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पुलिस को पता चला है कि प्रमोद भी कुंभड़ा का रहने वाला है। वह पेशे से पेशेंट केयर का काम करता था। वह जल्द ही अमीर बनना चाहता था।
10 लाख रुपये थे एटीएम में
पता चला है कि एटीएम में करीब 10 लाख रुपये की राशि थी। दोनों ने रकम बराबर-बराबर बांटने की योजना बनाई थी। लेकिन वह एटीएम लूटने में कामयाब नहीं हो पाए। साथ ही प्रमोद ने वरिंदर को एटीएम को घुसने देने के लिए 10 रुपये देने का वादा किया था।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी वारदातें
यह पहला मौका नहीं है जब एटीएम लूट की योजना बनाई गई हो। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। फेज-8 इंडस्ट्रियल एरिया में डेल के पास एटीएम लूट की कोशिश हुई थी। इसी तरह फेज-7 मेन मार्केट में भी एटीएम को लूटने का प्रयास किया गया था। लेकिन, आरोपी इसमें कामयाब नहीं हो पाए थे। इसके अलावा जीरकपुर में एटीएम लूट में आरोपी कामयाब रहे थे। साथ ही एटीएम को तोड़कर सोहाना में फेंक गए थे।