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अवैध खनन कराने के आरोप में 64 जमींदारों पर केस
Updated Mon, 12 Mar 2018 01:32 AM IST
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अवैध खनन कराने के आरोप में 64 जमींदारों पर केस
बीएलओ की रिपोर्ट पर मुबारिकपुर और ककराली के जमींदारों पर पुलिस ने की कार्रवाई
माइनिंग रुकने से रेत की किल्लत, आसमान छू रहे कीमत
स्थानीय लोगों ने रेत की किल्लत दूर करने की की मंग
हरजीत सिंह
डेराबस्सी।
अवैध माइनिंग के खिलाफ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासनिक अधिकारियों की सख्ती का असर अब दिखने लगा है। रविवार को पुलिस ने 64 जमींदारों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें 24 मुबारिकपुर और 40 ककराली के हैं। माइनिंग विभाग के बीएलओ की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। बीएलओ की ओर से माइनिंग विभाग को दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि उक्त जमींदारों ने बिना मंजूरी के अपनी जमीन से अवैध खनन कराया है। अवैध खनन बंद होने से रेत की किल्लत हो गई है। जिससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। वहीं रेत के रेट कुछ दिनों में आसमान छू रहे हैं।
लोगों ने आरोप लगाया कि पहले प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने अवैध खनन रोकने का कभी प्रयास नहीं किया। अब मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अधिकारी जाग गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस द्वारा जगह जगह नाकाबंदी की गई है, जहां रेत और बजरी लेकर जाने वाले वाहन की तलाशी की जा रही है। लोगों का आरोप है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान परेशान किया जाता है। डेराबस्सी क्षेत्र में बड़ी संख्या में टिप्पर और ट्रैक्टर ट्रालियां से रेत और बजरी ढोने का काम हो रहा था। इनके मालिकों और चालकों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के डर से अपने वाहन खड़े कर दिए हैं।
जिला माइनिंग अफसर सिमरप्रीत कौर ढिल्लों ने कहा कि जायज माइनिंग करने वाले किसी व्यक्ति को भी परेशान नहीं किया जा रहा है। बल्कि नाकाबंदी के दौरान माल लेकर आने वाले वाहनों के बिलों की जांच की जा रही है। बिल न पेेश करने वाले वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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अवैध माइनिंग में दो डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज
- जीरकपुर में बिना परमिशन बेसमेंट बनाने को खुदाई करवा रहे थे चंडीगढ़ के दो डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
अवैध माइनिंग को लेकर सरकार की सख्ती के बाद जिला प्रशासन और पुलिस भी हरकत में आ गए हैं। रविवार को जीरकपुर में अवैध माइनिंग का एक नया मामला सामने आया है। अवैध खनन को लेकर चंडीगढ़ के दो डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। डॉक्टरों पर आरोप है कि अपने प्लॉट में बेसमेंट बनाने के लिए बिना परमिशन खुदाई करवा रहे थे।
माइनिंग विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि जीरकपुर में एक प्लॉट में बेसमेंट बनाने के लिए बिना परमिशन लिए जमीन की खुदाई करवाई जा रही है। इस मामले की विभाग के अधिकारियों ने जांच की तो मामला अवैध माइनिंग का पाया गया। इसके बाद पुलिस के साथ माइनिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जहां पता चला कि ये प्लाट चंडीगढ़ के डॉक्टरों डॉ. रेशम सिंगला और डॉ. अमितोज गर्ग का है। इसके बाद पुलिस ने इन दोनों डॉक्टरों और जेसीबी मालिक जग्गी व अमनप्रीत के खिलाफ अंडर सेक्शन 21(1) 4 माइंस एंड मिनरल्स रेगुलेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसकी पुष्टि जांच अधिकारी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने की है।
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बीएलओ की रिपोर्ट पर मुबारिकपुर और ककराली के जमींदारों पर पुलिस ने की कार्रवाई
माइनिंग रुकने से रेत की किल्लत, आसमान छू रहे कीमत
स्थानीय लोगों ने रेत की किल्लत दूर करने की की मंग
हरजीत सिंह
डेराबस्सी।
अवैध माइनिंग के खिलाफ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासनिक अधिकारियों की सख्ती का असर अब दिखने लगा है। रविवार को पुलिस ने 64 जमींदारों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें 24 मुबारिकपुर और 40 ककराली के हैं। माइनिंग विभाग के बीएलओ की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। बीएलओ की ओर से माइनिंग विभाग को दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि उक्त जमींदारों ने बिना मंजूरी के अपनी जमीन से अवैध खनन कराया है। अवैध खनन बंद होने से रेत की किल्लत हो गई है। जिससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। वहीं रेत के रेट कुछ दिनों में आसमान छू रहे हैं।
लोगों ने आरोप लगाया कि पहले प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने अवैध खनन रोकने का कभी प्रयास नहीं किया। अब मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अधिकारी जाग गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस द्वारा जगह जगह नाकाबंदी की गई है, जहां रेत और बजरी लेकर जाने वाले वाहन की तलाशी की जा रही है। लोगों का आरोप है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान परेशान किया जाता है। डेराबस्सी क्षेत्र में बड़ी संख्या में टिप्पर और ट्रैक्टर ट्रालियां से रेत और बजरी ढोने का काम हो रहा था। इनके मालिकों और चालकों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के डर से अपने वाहन खड़े कर दिए हैं।
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जिला माइनिंग अफसर सिमरप्रीत कौर ढिल्लों ने कहा कि जायज माइनिंग करने वाले किसी व्यक्ति को भी परेशान नहीं किया जा रहा है। बल्कि नाकाबंदी के दौरान माल लेकर आने वाले वाहनों के बिलों की जांच की जा रही है। बिल न पेेश करने वाले वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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अवैध माइनिंग में दो डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज
- जीरकपुर में बिना परमिशन बेसमेंट बनाने को खुदाई करवा रहे थे चंडीगढ़ के दो डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
अवैध माइनिंग को लेकर सरकार की सख्ती के बाद जिला प्रशासन और पुलिस भी हरकत में आ गए हैं। रविवार को जीरकपुर में अवैध माइनिंग का एक नया मामला सामने आया है। अवैध खनन को लेकर चंडीगढ़ के दो डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। डॉक्टरों पर आरोप है कि अपने प्लॉट में बेसमेंट बनाने के लिए बिना परमिशन खुदाई करवा रहे थे।
माइनिंग विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि जीरकपुर में एक प्लॉट में बेसमेंट बनाने के लिए बिना परमिशन लिए जमीन की खुदाई करवाई जा रही है। इस मामले की विभाग के अधिकारियों ने जांच की तो मामला अवैध माइनिंग का पाया गया। इसके बाद पुलिस के साथ माइनिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जहां पता चला कि ये प्लाट चंडीगढ़ के डॉक्टरों डॉ. रेशम सिंगला और डॉ. अमितोज गर्ग का है। इसके बाद पुलिस ने इन दोनों डॉक्टरों और जेसीबी मालिक जग्गी व अमनप्रीत के खिलाफ अंडर सेक्शन 21(1) 4 माइंस एंड मिनरल्स रेगुलेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसकी पुष्टि जांच अधिकारी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने की है।