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तीन हजार रुपये रिश्वत लेते एक दबोचा
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विजिलेंस ने तीन हजार रुपये रिश्वत लेते एक दबोचा
मिठाई की दुकान चलाने वाले से मांग रहा था पैसे, सेहत विभाग से सेटिंग की कही बात
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो ने एक व्यक्ति को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते काबू किया है। आरोपी ने दुकानदार को सेहत विभाग के छापों व सैंपल भरने से बचाने के लिए यह रकम मांगी थी। आरोपी की पहचान जसप्रीत सिंह निवासी पड़ौल के रूप में हुई है। आरोपी पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं, विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के बाद अब वह सिविल सर्जन दफ्तर मोहाली के मुलाजिमों की जांच कर रहे हैं। किसी की भी भूमिका सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता सुभाष सिंह निवासी नयागांव ने बताया कि उसकी मिठाई की एक दुकान है। आरोपी व्यक्ति ने बताया कि उसके सेहत विभाग में अच्छे लिंक है। वहीं, उसके होते हुए टेंशन नहीं लेनी पड़ेगी। आरोपी ने कहा कि सेहत विभाग व सिविल सर्जन दफ्तर के कर्मचारियों को खाने पीने की चीजों के सैंपल लेने से रोकने व दुकान को बढ़िया तरीके से चलाने के लिए उसे छह हजार रुपये देने होंगे। बाद में सौदा तीन हजार रुपये में तय हो गया, लेकिन उन्हें उस पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने इस बारे में विजिलेंस को शिकायत दी। इसके बाद विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर आरोपी को काबू कर लिया। आरोपी पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं, विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में वह सिविल सर्जन दफ्तर मोहाली के किसी भी कर्मचारी की भूमिका की जांच की जा रही है। जिक्रयोग है कि यह पहला मामला जब एक प्राइवेट व्यक्ति को इस तरह विजिलेंस ने पकड़ा है। सूत्रों की माने तो विजिलेंस को लग रहा है कि यह मामला गंभीर है। इसमें कई लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने पहले ही तंदरुस्त पंजाब मुहिम राज्य में शुरू की हुई है, जिसके तहत खाने पीने से लेकर हर तरह की चीजों की गुणवत्ता विभाग द्वार चैक की जा रही है। कुछ दिन पहले सीआईए स्टाफ ने मोहाली से ही नकली घी आदि पकड़ा था।
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मिठाई की दुकान चलाने वाले से मांग रहा था पैसे, सेहत विभाग से सेटिंग की कही बात
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो ने एक व्यक्ति को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते काबू किया है। आरोपी ने दुकानदार को सेहत विभाग के छापों व सैंपल भरने से बचाने के लिए यह रकम मांगी थी। आरोपी की पहचान जसप्रीत सिंह निवासी पड़ौल के रूप में हुई है। आरोपी पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं, विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के बाद अब वह सिविल सर्जन दफ्तर मोहाली के मुलाजिमों की जांच कर रहे हैं। किसी की भी भूमिका सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता सुभाष सिंह निवासी नयागांव ने बताया कि उसकी मिठाई की एक दुकान है। आरोपी व्यक्ति ने बताया कि उसके सेहत विभाग में अच्छे लिंक है। वहीं, उसके होते हुए टेंशन नहीं लेनी पड़ेगी। आरोपी ने कहा कि सेहत विभाग व सिविल सर्जन दफ्तर के कर्मचारियों को खाने पीने की चीजों के सैंपल लेने से रोकने व दुकान को बढ़िया तरीके से चलाने के लिए उसे छह हजार रुपये देने होंगे। बाद में सौदा तीन हजार रुपये में तय हो गया, लेकिन उन्हें उस पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने इस बारे में विजिलेंस को शिकायत दी। इसके बाद विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर आरोपी को काबू कर लिया। आरोपी पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं, विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में वह सिविल सर्जन दफ्तर मोहाली के किसी भी कर्मचारी की भूमिका की जांच की जा रही है। जिक्रयोग है कि यह पहला मामला जब एक प्राइवेट व्यक्ति को इस तरह विजिलेंस ने पकड़ा है। सूत्रों की माने तो विजिलेंस को लग रहा है कि यह मामला गंभीर है। इसमें कई लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने पहले ही तंदरुस्त पंजाब मुहिम राज्य में शुरू की हुई है, जिसके तहत खाने पीने से लेकर हर तरह की चीजों की गुणवत्ता विभाग द्वार चैक की जा रही है। कुछ दिन पहले सीआईए स्टाफ ने मोहाली से ही नकली घी आदि पकड़ा था।