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शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को घपलेबाजी के मौके दिखाए

Wed, 28 Feb 2018 01:33 AM IST
Updated Wed, 28 Feb 2018 01:33 AM IST
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शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को घपलेबाजी के मौके दिखाए
जंगलात विभाग की जमीन पर अवैध माइनिंग के सबूत जुटाए
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जंगलात विभाग घोटाला : शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को घपलेबाजी के मौके दिखाए
जीरकपुर के पीरमुछल्ला क्षेत्र में जंगलात विभाग की जमीन में माइनिंग माफिया ने डाले गड्ढे
अवैध माइनिंग के छह प्वाइंट, अवैध पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण स्थल दिखाए
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर/डेराबस्सी।
जंगलात विभाग में अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की घपलेबाजी मामले में विभाग की तरफ से इसकी जांच फिर शुरू की गई है। मंगलवार को शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को अलग-अलग मौके दिखाए। शिकायतकर्ता सतपाल सिंह की ओर से मामले में जांच अधिकारी सहायक जंगलात अफसर (वर्किंग प्लान) मनीष कुमार (पीएफएस) को जीरकपुर और डेराबस्सी जंगलात विभाग के क्षेत्र में अवैध माइनिंग, वृक्षों की कटाई और अवैध कब्जों सहित अन्य सबूत दिए गए। घंटों तक जांच टीम ने शिकायतकर्ता के साथ डेराबस्सी और जीरकपुर के वन विभाग के जंगलात क्षेत्र में जाकर मौके देखकर फोटोग्राफी की।
शिकायतकर्ता सतपाल सिंह ने बताया कि जंगलात विभाग में अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की घपलेबाजी हुई है। उनकी शिकायत पर विभाग के मुख्य जंगलात अफसर (हिल्स) हर्ष कुमार (आईएफएस) ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी। जांच अधिकारी हर्ष कुमार ने अपनी रिपोर्ट में तीन आईएफएस, एक सेवामुक्त पीएफएस और डेराबस्सी के तत्काल रेंज अफसर सतपाल सिंह को दोषी ठहराते हुए इनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की सिफारिश की थी।
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इस रिपोर्ट पर विभाग की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जांच अधिकारी हर्ष कुमार के सामने दोषी अफसरों द्वारा पक्ष न रखने का कारण बताते हुए फिर से इस मामले की जांच विभाग के प्रिंसिपल जंगलात अधिकारी जतिंद्र कुमार को दी गई थी। उन्होंने यह जांच उक्त अधिकारी मनीष कुमार को दी थी। उन्होंने इसके बाद डेराबस्सी में जांच की थी। इसके बाद उनकी प्राथमिक रिपोर्ट पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए डेराबस्सी के तत्काल रेंज अफसर सतपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग उच्च अधिकारियों को बचाना चाहता है, जिसके लिए यह जांच दोबारा शुरू की गई है। उन्होंने खुद जांच अधिकारी को मौका दिखाने और घपलेबाजी के सबूत देने की पेशकश की थी, जिस पर जांच अधिकारी मंगलवार को मौके पर पहुंचे थे।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि जीरकपुर के पीरमुछल्ला क्षेत्र में जंगलात विभाग की जमीन में अवैध खनन के 6 प्वाइंट दिखाए गए। जहां अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर अवैध खनन कर लाखों की बजरी, रेत और मिट्टी चोरी की गई है। जमीन में गहरे गड्ढे पड़े हुए थे, जिसकी जांच टीम ने फोटोग्राफी की। इसके अलावा जीरकपुर और डेराबस्सी में अधिकारियों की मिलीभगत से खैर और सफेदे की अवैध कटाई के सबूत भी दिखाए गए। जहां लकड़ी चोरी के बाद खाली जड़ें रह गई हैं। शिकायतकर्ता ने डेराबस्सी में सुखमनी नर्सिंग कॉलेज के साथ लगती जंगलात विभाग की जमीन पर हुए कब्जे भी दिखाए गए। शिकायतकर्ता सतपाल सिंह ने बताया कि नगर काउंसिल की तरफ से जंगलात विभाग के क्षेत्र में करोड़ों खर्च कर बनाए जा रहे नेचर पार्कों में लाखों रुपये का घपला हुआ है।
जांच अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि विभाग के उच्च अधिकारियों की तरफ से यह जांच दी गई है। इस बारे में वह अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप देंगे। फिलहाल इस बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इस मौके जांच टीम में विभाग के ओर भी अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने अपने बारे में जानकारी देने से मना कर दिया।


कैप्शन -पीरमुछल्ला में शिकायतकर्ता सतपाल सिंह के साथ जांच टीम के अधिकारी।

घपलेबाजी के 14 प्वाइंट बताए थे
पहली जांच में अधिकारी हर्ष कुमार की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि डेराबस्सी जंगलात क्षेत्र में हुए कामों में भारी अनियमितता हुई है। इसमें नीचे से लेकर उच्च अधिकारी भी मिले हुए हैं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में डेराबस्सी नगर काउंसिल की तरफ से बनाए जा रहे नेचर पार्कों में मिट्टी, सोलर लाइटों, जंगलात समितियां बनाने के अलावा कुल 14 प्वाइंट बताए, जिनमें करोड़ों की घपलेबाजी दिखाई गई थी।
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