फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   स्काई राक सिटी को गमाडा के बाद पुलिस ने दिया झटका

स्काई राक सिटी को गमाडा के बाद पुलिस ने दिया झटका

Sat, 08 Sep 2018 02:20 AM IST
Updated Sat, 08 Sep 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
स्काई राक सिटी को गमाडा के बाद पुलिस ने दिया झटका
विवादित स्काई रॉक सिटी को गमाडा के बाद पुलिस ने दिया झटका
विज्ञापन

दौ सौ वर्ग गज के प्लॉट के लाखों रुपये लेकर कब्जा न देने के मामले में केस दर्ज
आरोपियों में सोसाइटी के प्रधान समेत कई लोग शामिल, पुलिस कर रही है छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। विवादों में चल रही स्काई रॉक सिटी वेलफेयर सोसाइटी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। थाना फेज-एक की पुलिस ने सोसाइटी के प्रबंधकों पर प्लॉट के नाम 17 लाख 35 हजार रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों में सोसाइटी के प्रधान नवजीत सिंह निवासी यूनाइटेड सोसाइटी सेक्टर-68, परमिंदर कौर निवासी फेज-चार शामिल हैं। इस संबंधी केस अरविंदर कौर सेक्टर-66 की तरफ से केस दर्ज करवाया गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया है कि जुलाई 2012 में वह प्लॉट लेने की तलाश में थी। इस दौरान उन्हें स्काई रॉक सिटी के सेक्टर-111-112 स्थित हाउसिंग प्रोजेक्ट का पता चला। उन्होंने सोसाइटी के पड़ताल की। इस दौरान सोसाइटी के मेंबरों ने बताया कि उनके पास काफी प्लॉट हैं। उन्होंने सोसाइटी में दौ सौ वर्ग का प्लॉट लेने का फैसला लिया। इसके लिए उन्होंने कंपनी को 18 लाख 55 हजार रुपये की अदायगी कर दी। बाद में न तो कंपनी ने उन्हें प्लॉट का कब्जा दिया और न ही पैसे वापस किए।
विज्ञापन

उन्होंने कंपनी पर पैसे वापस करने का दबाव डाला तो कंपनी ने उन्हें कुछ रकम के चेक दिए, लेकिन बाकी राशि सोसाइटी द्वारा उन्हें वापस नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने आहत होकर एसएसपी को शिकायत दी। साथ ही सारे मामले की पड़ताल के बाद केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
लोग न निवेश करें : गमाडा
गमाडा ने उक्त कंपनी का सेक्टर-111 व 112 का कुछ समय पहले ही लाइसेंस रद्द किया है। प्रमोटर द्वारा गमाडा के बनते भुगतान नहीं किए जा रहे थे। दूसरी तरफ गमाडा द्वारा लोगों को नसीहत दी गई है कि वे उक्त कंपनी के प्रोजेक्ट में निवेश न करें। अगर कोई वहां प्रॉपर्टी आदि खरीदता और बाद में परेशानी उठानी पड़ती है तो उसके लिए वे लोग ही जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed