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जाली वीजा लगाकर भेजा विदेश्, पहुंच गया जेल
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:40 AM IST
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लाखों लेकर जाली वीजा लगाकर भेजा विदेश, पहुंच गया जेल
मोहाली फेज-11 की एक कंपनी ने व्यक्ति को बनाया ठगी का शिकार
व्यक्ति जब देश पहुंचा तो कंपनी के खिलाफ दी शिकायत, फेज-11 में कपंनी के प्रबंधकों पर दर्ज हुआ केस
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। एक व्यक्ति को वर्क वीजा पर भेजने के नाम पर फेज-11 की एक कंपनी ने लाखों ले लिए और उसे जाली वीजा देकर विदेश भेज दिया। जब व्यक्ति वहां पर पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि उसका वीजा जाली है। इस कारण पीड़ित को काफी समय तक जेल में रहना पड़ा। इसके बाद जब पटियाला निवासी कृष्ण कुमार देश लौटे तो उन्होंने कंपनी के खिलाफ थाना फेज-11 की पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने फेज-11 की ‘वे टू एब्रॉड एजूकेशन कंसलटेंट्स’ इमिग्रेशन कंपनी के मालिक यशपाल, निवासी सेक्टर-69 मोहाली और उनकी बेटी प्रियंका के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420, 120बी व इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
पुलिस को दी शिकायत में कृष्ण सिंह निवासी पटियाला ने बताया कि वह लकड़ी का काम करते हैं। उन्होंने 2017 के अगस्त महीने में विदेश जाने के लिए ‘वे टू एब्रॉड एजूकेशन कंसलटेंट्स’ इमिग्रेशन कंपनी फेज-11 मोहाली के माध्यम से आवेदन किया था। कंपनी की मालिक रूबी ने उससे साढ़े चार लाख रुपये लिए थे और उसे दो साल वर्क परमिट वीजा दिलाने की बात कही थी। उसे विदेश में 85 हजार रुपये वेतन दिलाने व वहां पर खाने पीने का पूरा खर्च उस कंपनी का बताया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि कंपनी ने उसकी टिकट बुक करवा कर उन्हें भेज दिया। जब वह अजरबेजान के एयरपोर्ट पर पहुंचे तो वहां के अधिकारियों ने कहा कि उनका वीजा जाली है। वहां की पुलिस ने उन्हें जाली वीजा होने के कारण एक महीना जेल में रखा, उसके बाद वापस भेज दिया।
शिकायतकर्ता कृष्ण सिंह ने बताया कि विदेश में जेल भुगतने के बाद जब वह देश लौटे तो उन्होंने कंपनी से संपर्क किया और पैसे वापस मांगे। कंपनी के मालिक यशपाल व प्रियंका ने उनके पैसे लौटाने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद केस दर्ज किया गया।
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मोहाली फेज-11 की एक कंपनी ने व्यक्ति को बनाया ठगी का शिकार
व्यक्ति जब देश पहुंचा तो कंपनी के खिलाफ दी शिकायत, फेज-11 में कपंनी के प्रबंधकों पर दर्ज हुआ केस
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। एक व्यक्ति को वर्क वीजा पर भेजने के नाम पर फेज-11 की एक कंपनी ने लाखों ले लिए और उसे जाली वीजा देकर विदेश भेज दिया। जब व्यक्ति वहां पर पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि उसका वीजा जाली है। इस कारण पीड़ित को काफी समय तक जेल में रहना पड़ा। इसके बाद जब पटियाला निवासी कृष्ण कुमार देश लौटे तो उन्होंने कंपनी के खिलाफ थाना फेज-11 की पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने फेज-11 की ‘वे टू एब्रॉड एजूकेशन कंसलटेंट्स’ इमिग्रेशन कंपनी के मालिक यशपाल, निवासी सेक्टर-69 मोहाली और उनकी बेटी प्रियंका के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420, 120बी व इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
पुलिस को दी शिकायत में कृष्ण सिंह निवासी पटियाला ने बताया कि वह लकड़ी का काम करते हैं। उन्होंने 2017 के अगस्त महीने में विदेश जाने के लिए ‘वे टू एब्रॉड एजूकेशन कंसलटेंट्स’ इमिग्रेशन कंपनी फेज-11 मोहाली के माध्यम से आवेदन किया था। कंपनी की मालिक रूबी ने उससे साढ़े चार लाख रुपये लिए थे और उसे दो साल वर्क परमिट वीजा दिलाने की बात कही थी। उसे विदेश में 85 हजार रुपये वेतन दिलाने व वहां पर खाने पीने का पूरा खर्च उस कंपनी का बताया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि कंपनी ने उसकी टिकट बुक करवा कर उन्हें भेज दिया। जब वह अजरबेजान के एयरपोर्ट पर पहुंचे तो वहां के अधिकारियों ने कहा कि उनका वीजा जाली है। वहां की पुलिस ने उन्हें जाली वीजा होने के कारण एक महीना जेल में रखा, उसके बाद वापस भेज दिया।
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शिकायतकर्ता कृष्ण सिंह ने बताया कि विदेश में जेल भुगतने के बाद जब वह देश लौटे तो उन्होंने कंपनी से संपर्क किया और पैसे वापस मांगे। कंपनी के मालिक यशपाल व प्रियंका ने उनके पैसे लौटाने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद केस दर्ज किया गया।
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