गगनेजा हत्याकांड में चार्जशीट फाइल, NIA ने चार आरोपियों के नाम केस से हटाने को लगाई याचिका
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारी रिटायर्ड ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्या के मामले में आखिर शुक्रवार को नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की तरफ से विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की गई। एजेंसी की तरफ से अदालत में इसके साथ एक एप्लीकेशन लगाई गई जिसमें चार आरोपियों के नाम केस से हटाने के लिए कहा गया है। इनकी इस केस में कोई भूमिका सामने नहीं आई है। अदालत की तरफ से इस संबंध में 21 नवंबर को अगली सुनवाई निश्चित की गई।
जानकारी के मुताबिक एनआईए की तरफ से हत्या, आपराधिक षड्यंत्र रचने, अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रीवेंशन एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट फाइल की गई। चार्जशीट 11 लोगों को शामिल किया गया है। इनमें हरदीप सिंह शेरा, धर्मेंद्र सिंह, पहाड़ सिंह, मलूक सिंह, जगतार सिंह जौहल, रमनदीप सिंह कनेडियन, हरमीत सिंह पीएचडी और गुरशरण सिंह के नाम शामिल हैं।
हरमीत सिंह पीएचडी इस समय पाकिस्तान जबकि गुरशरण सिंह ब्रिटेन में है। वहीं ब्रिटेन निवासी जगतार सिंह जौहल पहले से ही जेल में बंद है। वहीं, दूसरी तरफ एजेंसी ने इस केस से अमित अरोड़ा, मनू कुमार उर्फ मनी, भारती संधू व समर डिसूजा को डिस्चार्ज करने के लिए एप्लीकेशन लगाई।
गौरतलब है कि जालंधर में 6 अगस्त 2017 की देर शाम सिटी के भीड़भाड़ वाले वाल्मीकि चौक के पास पूर्व एसएसपी दफ्तर के बाहर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस की जांच पहले पंजाब पुलिस कर रही थी। बाद में केस एनआईए को सौंप दिया गया था।
इस केस में एनआईए पहले साफ कर चुकी है कि सारी योजना पाकिस्तान समेत बाहर विभिन्न देशों में बैठे आरोपियों ने बनाई थी। इतना ही उन्होंने इसके लिए आरोपियों को फंडिंग की थी। दुबई और अन्य देशों में आरोपियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग तक दी गई थी। इसके अलावा आरोपी वारदात में फोन का प्रयोग बिलकुल नहीं करते थे। वहीं, वारदात करने के बाद वह दो से तीन महीने के लिए विदेश चले जाते थे।
टारगेट किलिंग में प्रयोग बाइक अदालत में होगी पेश
जानकारी के मुताबिक एनआईए की तरफ से अदालत में एक एप्लीकेशन लगाई गई। इसके बाद अदालत ने बाघा पुराना थाने के एसएचओ को आदेश दिए है कि टारगेट किलिंग में प्रयोग की बाइक व अन्य सामान को अगली सुनवाई पर अदालत में पेश किया जाए।
प्रोटेक्टेड गवाहों की सूची भी अदालत को सौंपी
टारगेट किलिंग केस में भी एनआईए की तरफ से प्रोटेक्टेड गवाह बनाए गए हैं। एजेंसी की तरफ से गवाहों की सूची और अन्य दस्तावेज अदालत को सौंप दिए हैं।