मोहाली के हाल: वीआईपी शहर के कई इलाकों में कूड़ेदान न होने से लोगों को दिक्कत, अब निगम खुद करेगा देखभाल
मोहाली नगर निगम के अधीन पचास वार्ड व छह गांव आते हैं। इसमें कुछ समय पहले नगर निगम में शामिल किए नए सेक्टर भी शामिल हैं। शहर में सफाई का काम पहले नगर निगम निजी कंपनी के माध्यम से देखता था, लेकिन अब निगम ने सीधे सात सौ के करीब अपने मुलाजिम भर्ती किए हैं।
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वीआईपी शहर मोहाली की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए भले ही नगर निगम लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इस काम में सफलता मिलना इतना आसान नहीं है। क्योंकि कई इलाकों में कूड़ेदान टूटे पड़े हैं। जबकि कुछ स्थानों से तो चोरी तक हो गए। ऐसे में न चाहते हुए भी लोग खुले में गंदगी फेंकने को मजबूर हैं। हालांकि नगर निगम का दावा है कि नए कूड़ेदान लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नगर निगम की टीम सारी चीजों पर नजर रखे हुए हैं।
मोहाली नगर निगम के अधीन पचास वार्ड व छह गांव आते हैं। इसमें कुछ समय पहले नगर निगम में शामिल किए नए सेक्टर भी शामिल हैं। शहर में सफाई का काम पहले नगर निगम निजी कंपनी के माध्यम से देखता था, लेकिन अब निगम ने सीधे सात सौ के करीब अपने मुलाजिम भर्ती किए हैं। सफाई का सालाना खर्च करीब पंद्रह करोड़ रुपये है, लेकिन बाजारों में कूड़ेदान टूटे पड़े हैं। जबकि ऐसी ही स्थिति कई पार्कों में बनी है। जबकि कुछ एरिया में तो कूड़ेदान के स्टैंड तक रह गए हैं, लेकिन कू्ड़ेदान गायब हैं। यह स्थिति फेज-फ्रेंको चौक स्थित मार्केट, फेज-दो की मार्केट, फेज-पांच की बूथ मार्केट, फेज-3बी2 की मार्केट में आम है। ऐसी ही स्थिति फेज-सात, नौ, दस और 11 की मार्केट में है।
अधिकतर सड़कों पर नहीं कोई इंतजाम
इसके अलावा अधिकतर सड़कों पर कूड़ेदान का कोई इंतजाम नहीं है। केवल पीटीएल चौक से फेज-एक जाने वाली सड़क पर एक साइड पर तो कूड़ेदान है, लेकिन दूसरी साइड पर नहीं है। जबकि अन्य किसी भी सड़क के किनारे कूडे़दान की सुविधा नहीं है। फेज-छह से 11 जाने वाली सड़क के किनारे पर ही शहर बसा हुआ है। अधिकतर मार्केट व अन्य सरकारी दफ्तर हैं, जिन्हें इस वजह से दिक्कत उठानी पड़ती है।
स्वच्छता रैंकिंग में 76 अंक का हुआ सुधार
वीआईपी शहर की स्वच्छता रैंकिंग में इस साल काफी सुधार हुआ है। मोहाली सिटी को 81वां स्थान मिला है। इसके साथ ही यह पहला मौका है जब स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम की रैंकिंग टॉप-100 शहरों में शामिल हुई है। जबकि ट्राइसिटी की बात करें तो चंडीगढ़ और पंचकूला दोनों की रैंकिंग गिरी है। चंडीगढ़ टॉप-50 में रहा तो पंचकूला का नंबर तो मोहाली से भी नीचे 91 पर चला गया। जबकि पिछले साल मोहाली की रैंकिंग 157 रही थी। इसमें 76 अंकों का सुधार हुआ है।
मोबाइल एप से मिलेगी शौचालय की लोकेशन
शहर की सभी प्रमुख मार्केटों और पार्कों में 77 शौचालय बनाए गए हैं। इसमें पार्क और मार्केटों के शौचालय शामिल हैं। सभी शौचालय पीपीपी मोड पर एक निजी कंपनी को दिए गए हैं। जोकि सुबह पांच बजे से रात दस बजे तक चलते हैं। इन शौचालय के लिए नगर निगम की तरफ से एक एप बनाई है। कोई भी व्यक्ति मोबाइल पर आसानी से पर उन्हें ट्रेस कर सकता है। सभी शौचालयों में पौधे आदि लगाए गए हैं।
बाजारों में कूड़ेदान की जरूरत
बाजारों में कूड़ेदान लगाने की जरूरत है। क्योंकि कूड़ेदान न होने से लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। इतना ही नहीं लावारिस पशु और कुत्ते भी इनमें मुंह मारते रहते हैं। -जसप्रीत सिंह गिल, निवासी मोहाली
कूडे़दान न होने से आती है दिक्कत
मोहाली एक वर्ल्ड क्लास शहर है। यहां पर मोहाली ही नहीं बल्कि कई देशों से लोग इन्वेस्ट के लिए आते हैं, लेकिन कूड़ेदान आदि न होने से दिक्कत आती है। -संदीप मेहता, निवासी मोहाली
केवल सर्वेक्षण के समय न लगाए जाए कूड़ेदान
जब स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होता है तो नगर निगम द्वारा पूरे इलाके में कूडे़दान स्थापित कर दिए जाते हैं, लेकिन जैसे ही स्वच्छता रैंकिंग खत्म हो जाता है, कूड़ेदान हटा लिए जाते हैं। इस दिशा में भी नगर निगम को काम करना होगा। -सरवण, निवासी मोहाली
रोज सफाई करवाए नगर निगम
नगर निगम को सभी प्रमुख मार्केटों में पहल के आधार पर कूडे़दान लगाने चाहिए ताकि लोगों को मुश्किल न उठानी पड़े। इसके अलावा सफाई भी रोजाना करवाई जानी चाहिए। -मनोज वर्मा, फेज-नौ मोहाली