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शहर की स्वच्छता रैंकिंग में होगा सुधार, हजारों को मिलेगा रोजगार
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मोहाली। शहर की सफाई का काम प्राइवेट कंपनी की बजाय दिसंबर से नगर निगम खुद देखेगा। इसके साथ ही निगम ने करीब 1020 मुलाजिम भर्ती करने का फैसला है। इसमें 959 सफाईसेवक और 61 सीवरमैन रहेंगे।
भर्ती अनुबंध के आधार पर होगी। इसके लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन की आखिरी तारीख आठ नवंबर रखी गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई जाएगी। जब तक भर्ती प्रक्रिया का काम पूरा नहीं हो जाता है, तब तक निजी कंपनी ही सफाई के काम को देेखेगी। नगर निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि उनकी कोशिश यही है कि दिसंबर से नगर निगम खुद शहर की सफाई संभाल लेंगे। उन्हें उम्मीद है कि इस फैसले से जहां मुलाजिमों का फायदा होगा। वहीं शहर की स्वच्छता रैंकिंग भी सुधरेगी।
जानकारी के मुुताबिक करीब छह साल पहले नगर निगम ने शहर की सफाई का ठेका एक निजी कंपनी को दिया था। इस पर करीब 13 करोड़ रुपये लागत आती थी, लेकिन हर बार पार्षदों की शिकायत रहती थी कि उचित तरीके से काम नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं शुरू में ही इसे लेकर विरोध शुरू हो गया था। यहां तक की विजिलेंस को शिकायत तक हुई थी। हालांकि कंपनी ने इस समय अवधि में अपना काम पूरा कर लिया। वहीं, कोरोना काल में एक बार फिर कंपनी के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया था, लेकिन इसी बीच जब हालात सामान्य हुए तो नगर निगम ने सफाई का ठेका निजी कंपनी को पांच साल देने के लिए टेंडर कॉल कर दिए।
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जैसे ही इसका पता सफाईसेवकों को लगा तो उन्होंने इस फैसले का विरोध कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने शहर की सफाई का काम रोक दिया। उनकी दलील थी कि नगर निगम सीधे मुलाजिमों की भर्ती करे। निजी कंपनियों से काम करवाने में शहर का कोई फायदा नहीं है। इससे कंपनियों में काम करने वाले मुलाजिमों का शोषण होता है। इसके बाद मेयर और सफाई मुलाजिम यूनियन की बैठक हुई। इसमें मेयर ने मुलाजिमों को सीधी भर्ती का आश्वासन दिया। इसके बाद हाउस की बैठक में इस संबंधी प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया, जिसे निकाय विभाग से मंजूरी मिली। इसके बाद अब निगम ने यह भर्ती प्रक्रिया शुरू की है।
निगम का कहना है कि पहले चरण में यह भर्ती प्रक्रिया होगी। उसके बाद भी जरूरत के हिसाब से अन्य मुलाजिम भर्ती किए जाएंगे। मुलाजिमों को सारी-सारी सुविधाएं मिलेंगी। तय समय में वेतन व अन्य लाभ दिए जाएंगे। हालांकि मुलाजिमों को अपना बेहतर देना होगा।
मोहाली की गिरती स्वच्छता रैंकिंग सबसे बड़ी चिंता
मोहाली को पंजाब का सबसे सुंदर शहर माना जाता है, लेकिन स्वच्छता की रैंकिंग में मोहाली पंजाब में पिछड़ता ही चला जा रहा है। मोहाली से कई खस्ता शहर आगे निकल गए है। 2018 में मोहाली की रैंकिंग 109 थी जो 2019 में 154 और अब 157 पर पहुंच गई है। पिछले 2 साल में शहर की स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग का 48 अंकों तक गिरना लोगों को भा नहीं रहा है। इससे लोगों में कई सवाल ने उठाए थे। हालांकि नए मेयर ने दावा किया था कि मोहाली को सबसे सुंदर शहर बनाया जाएगा।
नई सीवरेज लाइन डालने के साथ ही सफाई के लिए खरीदी तीन मशीनें
जानकारी के मुताबिक शहर की खस्ताहाल सीवरेज लाइन की दिक्कत इस साल के अंत तक खत्म हो जाएगी। नगर निगम ने 46 साल पुरानी सीवरेज लाइन को बदलने का काम शुरू कर दिया है। यह काम आखिरी चरण में पहुंच गया है। इसके साथ ही नगर निगम ने निगम में शामिल छह गांवों में सीवरेज लाइन की सफाई के लिए तीन छोटे टेंपोनुमा वाहन खरीदे हैं, जिनसे जहां सफाई का काम किया जाएगा। वहीं, इससे लोगों की दिक्कतें भी तुरंत दूर होंगी।
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भर्ती अनुबंध के आधार पर होगी। इसके लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन की आखिरी तारीख आठ नवंबर रखी गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई जाएगी। जब तक भर्ती प्रक्रिया का काम पूरा नहीं हो जाता है, तब तक निजी कंपनी ही सफाई के काम को देेखेगी। नगर निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि उनकी कोशिश यही है कि दिसंबर से नगर निगम खुद शहर की सफाई संभाल लेंगे। उन्हें उम्मीद है कि इस फैसले से जहां मुलाजिमों का फायदा होगा। वहीं शहर की स्वच्छता रैंकिंग भी सुधरेगी।
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जानकारी के मुुताबिक करीब छह साल पहले नगर निगम ने शहर की सफाई का ठेका एक निजी कंपनी को दिया था। इस पर करीब 13 करोड़ रुपये लागत आती थी, लेकिन हर बार पार्षदों की शिकायत रहती थी कि उचित तरीके से काम नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं शुरू में ही इसे लेकर विरोध शुरू हो गया था। यहां तक की विजिलेंस को शिकायत तक हुई थी। हालांकि कंपनी ने इस समय अवधि में अपना काम पूरा कर लिया। वहीं, कोरोना काल में एक बार फिर कंपनी के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया था, लेकिन इसी बीच जब हालात सामान्य हुए तो नगर निगम ने सफाई का ठेका निजी कंपनी को पांच साल देने के लिए टेंडर कॉल कर दिए।
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जैसे ही इसका पता सफाईसेवकों को लगा तो उन्होंने इस फैसले का विरोध कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने शहर की सफाई का काम रोक दिया। उनकी दलील थी कि नगर निगम सीधे मुलाजिमों की भर्ती करे। निजी कंपनियों से काम करवाने में शहर का कोई फायदा नहीं है। इससे कंपनियों में काम करने वाले मुलाजिमों का शोषण होता है। इसके बाद मेयर और सफाई मुलाजिम यूनियन की बैठक हुई। इसमें मेयर ने मुलाजिमों को सीधी भर्ती का आश्वासन दिया। इसके बाद हाउस की बैठक में इस संबंधी प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया, जिसे निकाय विभाग से मंजूरी मिली। इसके बाद अब निगम ने यह भर्ती प्रक्रिया शुरू की है।
निगम का कहना है कि पहले चरण में यह भर्ती प्रक्रिया होगी। उसके बाद भी जरूरत के हिसाब से अन्य मुलाजिम भर्ती किए जाएंगे। मुलाजिमों को सारी-सारी सुविधाएं मिलेंगी। तय समय में वेतन व अन्य लाभ दिए जाएंगे। हालांकि मुलाजिमों को अपना बेहतर देना होगा।
मोहाली की गिरती स्वच्छता रैंकिंग सबसे बड़ी चिंता
मोहाली को पंजाब का सबसे सुंदर शहर माना जाता है, लेकिन स्वच्छता की रैंकिंग में मोहाली पंजाब में पिछड़ता ही चला जा रहा है। मोहाली से कई खस्ता शहर आगे निकल गए है। 2018 में मोहाली की रैंकिंग 109 थी जो 2019 में 154 और अब 157 पर पहुंच गई है। पिछले 2 साल में शहर की स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग का 48 अंकों तक गिरना लोगों को भा नहीं रहा है। इससे लोगों में कई सवाल ने उठाए थे। हालांकि नए मेयर ने दावा किया था कि मोहाली को सबसे सुंदर शहर बनाया जाएगा।
नई सीवरेज लाइन डालने के साथ ही सफाई के लिए खरीदी तीन मशीनें
जानकारी के मुताबिक शहर की खस्ताहाल सीवरेज लाइन की दिक्कत इस साल के अंत तक खत्म हो जाएगी। नगर निगम ने 46 साल पुरानी सीवरेज लाइन को बदलने का काम शुरू कर दिया है। यह काम आखिरी चरण में पहुंच गया है। इसके साथ ही नगर निगम ने निगम में शामिल छह गांवों में सीवरेज लाइन की सफाई के लिए तीन छोटे टेंपोनुमा वाहन खरीदे हैं, जिनसे जहां सफाई का काम किया जाएगा। वहीं, इससे लोगों की दिक्कतें भी तुरंत दूर होंगी।