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Mohali News: इंस्टाग्राम पर बाल अश्लील सामग्री की वायरल, अज्ञात पर मामला दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी। मोहाली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण एवं अश्लील सामग्री (सीएसईएएम) वायरल करने के मामले में साइबर क्राइम थाना मोहाली ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर प्राप्त एक टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर टिपलाइन रिपोर्ट एक ऐसी विशेष सुविधा है, जिसका उपयोग इंटरनेट पर मौजूद यौन अपराधों, विशेष रूप से बाल यौन शोषण सामग्री या अन्य गंभीर आपत्तिजनक सामग्रियों की रिपोर्ट करने के लिए किया जाता है।
पुलिस के अनुसार पोर्टल पर मिली टिपलाइन की जांच में कुछ वीडियो क्लिप्स मिले। पड़ताल के दौरान पाया कि उनमें बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह सामग्री एक संदिग्ध मोबाइल नंबर के उपयोगकर्ता द्वारा इंस्टाग्राम के माध्यम से आगे वायरल की गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67-बी के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब संदिग्ध मोबाइल नंबर की वास्तविक उपयोगकर्ता पहचान, सोशल मीडिया गतिविधियों और आपत्तिजनक सामग्री के स्रोत की जांच की जाएगी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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राष्ट्रीय स्तर पर होती है निगरानी
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल को अमेरिका स्थित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन (एनसीएमईसी) और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी ऐसी रिपोर्टें प्राप्त हो रही हैं। सोशल मीडिया या इंटरनेट पर नाबालिगों से संबंधित अश्लील सामग्री अपलोड या प्रसारित होने की स्थिति में संबंधित एजेंसियों द्वारा अलर्ट जारी किया गया है, जिसके बाद स्थानीय पुलिस कार्रवाई करती है।
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पुलिस के अनुसार पोर्टल पर मिली टिपलाइन की जांच में कुछ वीडियो क्लिप्स मिले। पड़ताल के दौरान पाया कि उनमें बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह सामग्री एक संदिग्ध मोबाइल नंबर के उपयोगकर्ता द्वारा इंस्टाग्राम के माध्यम से आगे वायरल की गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67-बी के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब संदिग्ध मोबाइल नंबर की वास्तविक उपयोगकर्ता पहचान, सोशल मीडिया गतिविधियों और आपत्तिजनक सामग्री के स्रोत की जांच की जाएगी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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राष्ट्रीय स्तर पर होती है निगरानी
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल को अमेरिका स्थित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन (एनसीएमईसी) और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी ऐसी रिपोर्टें प्राप्त हो रही हैं। सोशल मीडिया या इंटरनेट पर नाबालिगों से संबंधित अश्लील सामग्री अपलोड या प्रसारित होने की स्थिति में संबंधित एजेंसियों द्वारा अलर्ट जारी किया गया है, जिसके बाद स्थानीय पुलिस कार्रवाई करती है।