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Mohali News: दुबई से डिपोर्ट वीजा पर यात्रा कर इमिग्रेशन विभाग को धोखा दिया, अदालत ने आरोपी को सुनाई सजा
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मोहाली। दुबई से डिपोर्ट हुए वीजा पर यात्रा कर इमिग्रेशन को धोखा देने वाले आरोपी को अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई जिला अदालत में हुई। दोषी नवनीत सिंह को आईपीसी धारा 417 में 3 महीने की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की सजा बढ़ा दी जाएगी।
दोषी ने अदालत में कहा कि वह निर्दोष है और कभी किसी आपराधिक मामले में नाम नहीं आया है। अपराध एक सद्भावनापूर्ण गलती के तहत किया गया था। वह निजी तौर पर काम करता है और परिवार का एकमात्र कमाने वाला है। उसने प्रार्थना की है कि उसके खिलाफ नरम रुख अपनाया जाए। वहीं सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी नवनीत सिंह ने गंभीर अपराध किए हैं, इसलिए प्रावधान के अनुसार अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि जिस तरह से अपराध किया गया है, उसे ध्यान में रखते हुए, अदालत का मानना है कि दोषी नवनीत सिंह द्वारा किए गए अपराध गंभीर प्रकृति के हैं, जिसके लिए परिवीक्षा का लाभ नहीं दिया जा सकता। हालांकि, सजा देने में इस तथ्य पर विचार किया गया है कि उसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। दोषी द्वारा की गई प्रार्थना और उन अपराधों की गंभीरता पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, जिनके लिए उसे दोषी पाया गया है, उसे तीन महीने की सजा सुनाई।
शिकायतकर्ता दीपक भाटिया अधिकारी ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बयान पर यह केस दर्ज किया गया था। उनका आरोप था कि घडुआं के रहने वाले नवनीत सिंह 30 अगस्त 2018 को इंडिगो फ्लाइट से एयरपोर्ट पहुंचे थे। काउंटर नंबर-10 पर उसके दस्तावेजों में पाया गया कि यात्री को इस्तेमाल किए गए वीजा पर यात्रा करने के लिए दुबई (यूएई) से निर्वासित (डिपोर्ट) किया गया था। यात्री ने 24 जुलाई 2018 को आईजीआई नई दिल्ली से दुबई के लिए उक्त वीजा पर यात्रा की थी और 30 जुलाई 2018 को दुबई से आईजीआई दिल्ली लौटा था। फिर उसकी डिपोर्ट वीजा पर यात्री ने 29 अगस्त 2018 को चंडीगढ़ से दुबई (यूएई) के लिए रवाना हुआ था। पकड़े जाने पर उसके खिलाफ एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया था।
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दोषी ने अदालत में कहा कि वह निर्दोष है और कभी किसी आपराधिक मामले में नाम नहीं आया है। अपराध एक सद्भावनापूर्ण गलती के तहत किया गया था। वह निजी तौर पर काम करता है और परिवार का एकमात्र कमाने वाला है। उसने प्रार्थना की है कि उसके खिलाफ नरम रुख अपनाया जाए। वहीं सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी नवनीत सिंह ने गंभीर अपराध किए हैं, इसलिए प्रावधान के अनुसार अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि जिस तरह से अपराध किया गया है, उसे ध्यान में रखते हुए, अदालत का मानना है कि दोषी नवनीत सिंह द्वारा किए गए अपराध गंभीर प्रकृति के हैं, जिसके लिए परिवीक्षा का लाभ नहीं दिया जा सकता। हालांकि, सजा देने में इस तथ्य पर विचार किया गया है कि उसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। दोषी द्वारा की गई प्रार्थना और उन अपराधों की गंभीरता पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, जिनके लिए उसे दोषी पाया गया है, उसे तीन महीने की सजा सुनाई।
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शिकायतकर्ता दीपक भाटिया अधिकारी ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बयान पर यह केस दर्ज किया गया था। उनका आरोप था कि घडुआं के रहने वाले नवनीत सिंह 30 अगस्त 2018 को इंडिगो फ्लाइट से एयरपोर्ट पहुंचे थे। काउंटर नंबर-10 पर उसके दस्तावेजों में पाया गया कि यात्री को इस्तेमाल किए गए वीजा पर यात्रा करने के लिए दुबई (यूएई) से निर्वासित (डिपोर्ट) किया गया था। यात्री ने 24 जुलाई 2018 को आईजीआई नई दिल्ली से दुबई के लिए उक्त वीजा पर यात्रा की थी और 30 जुलाई 2018 को दुबई से आईजीआई दिल्ली लौटा था। फिर उसकी डिपोर्ट वीजा पर यात्री ने 29 अगस्त 2018 को चंडीगढ़ से दुबई (यूएई) के लिए रवाना हुआ था। पकड़े जाने पर उसके खिलाफ एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया था।
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