मोहाली। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय अकादमिक व प्रोफेशनल कॉन्क्लेव ‘अर्बन सिम्फनी 2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के तहत ग्लोबल समिट: फ्यूचर रेडी इंडिया
@2047 और राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें देश-विदेश के आर्किटेक्ट, शहरी योजनाकार, नीति-निर्माता और शिक्षाविदों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की चीफ आर्किटेक्ट डॉ. नम्रता कलसी ने किया। इस मौके पर पूर्व मुख्य सचिव पंजाब डॉ. करण अवतार सिंह, डॉ. प्रभजोत कौर और डॉ. शिखा जैन समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
वाइस चांसलर रविराजा एन. सीताराम ने बताया कि सम्मेलन में टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर, विरासत संरक्षण और भविष्य उन्मुख शहरी विकास जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा की गई। राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेषज्ञों ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण और उससे जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि शहरों के विकास में पर्यावरण संतुलन और संसाधनों का संरक्षण बेहद जरूरी है। एक प्रतिभागी ने कहा कि इस तरह के मंच पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ संवाद से नई सोच और समाधान निकलते हैं, जो भविष्य के शहरों के निर्माण में मददगार साबित होंगे। वहीं, एक छात्र ने बताया कि इस कॉन्क्लेव से उन्हें इंडस्ट्री के ट्रेंड और आधुनिक तकनीकों के बारे में सीखने का मौका मिला। इस दौरान यूनिवर्सिटी ने नेटवर्क ऑफ पीपल ऑफ कंस्ट्रक्शन के साथ एमओयू भी साइन किया, जिससे छात्रों को इंडस्ट्री अनुभव और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने इस तरह के आयोजनों को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और एआई आधारित टूल्स के जरिए शहरों को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जा सकता है।