Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Cattle are slowing down the city's pace; despite the 'cow cess', no solution is in sight.

Mohali News: मवेशियों से थम रही शहर की रफ्तार, गो-सेस के बावजूद नहीं मिल रहा समाधान

Tue, 03 Nov 2026 02:13 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
Cattle are slowing down the city's pace; despite the 'cow cess', no solution is in sight.
मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और फ्लाईओवर के नीचे झुंड बनाकर रहते हैं पशु, हमेशा हादसे की रहती है आशंका
विज्ञापन

राजेश गर्ग
जीरकपुर। शहर की सड़कों पर घूम रहे संरक्षित पशु अब लोगों के लिए जानलेवा खतरा बन गए हैं। मुख्य मार्गों, बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों और फ्लाईओवर के नीचे मवेशियों के झुंड आम दिखाई देते हैं। पशुओं के सड़क के बीचोंबीच बैठे और अचानक वाहनों के सामने आने से हर समय हादसों का डर बना रहता है। गो-सेस वसूली के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। नगर परिषद पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हालात अलग हैं। रविवार को न्यू डिफेंस कॉलोनी में भी बड़ी संख्या में संरक्षित पशुओं का जमावड़ा देखा गया। पशुओं के अचानक वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से संरक्षित पशुओं की नियमित निगरानी और उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। संवाद


हो चुके हैं जानलेवा हादसे
जीरकपुर में संरक्षित पशुओं के हमले और टक्कर से पहले भी कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। गाजीपुर गांव में सांड के हमले में एक बुजुर्ग की जान जा चुकी है। ढकोली के एमएस एन्क्लेव में पशु की टक्कर से मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हुई थीं। बलटाना की मुख्य मार्केट में भी एक व्यक्ति पशु की चपेट में आकर घायल हो चुका है। लगातार ऐसी घटनाओं के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में रोष और चिंता बढ़ रही है।
विज्ञापन



यातायात संभालने में पुलिस को करनी पड़ती है मशक्कत
सड़कों पर बैठे मवेशियों के कारण यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी एक चुनौती बन गया है। झुंड के रूप में मौजूद पशुओं को सड़क से हटाने में कई बार पुलिस कर्मियों को मशक्कत करनी पड़ती है। यातायात पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सड़कों पर संरक्षित पशुओं की मौजूदगी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाती है। इन्हें पकड़ने और सड़कों से हटाने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। यह स्थिति पुलिस के लिए भी अतिरिक्त कार्यभार पैदा करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन



शहर में पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। सड़कों और रिहायशी इलाकों में घूमते पशुओं के कारण लोगों को हर समय हादसे का डर बना रहता है। प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। - रवि कुमार, स्थानीय निवासी


संरक्षित पशुओं के कारण आम लोगों का सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार पशु अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना होने की आशंका रहती है। प्रशासन और नगर परिषद को मिलकर इस समस्या का जल्द स्थायी समाधान करना चाहिए, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके। - रामू मौर्य, स्थानीय निवासी



नगर परिषद समय-समय पर संरक्षित पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने का अभियान चलाती है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। किसी क्षेत्र से पशुओं के घूमने की शिकायत मिलने पर टीम भेजकर उन्हें पकड़ने की कार्रवाई की जाती है। - परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed