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Mohali News: फर्जी एनओसी का मामला गर्माया, डेराबस्सी में 175 एनओसी निकली फर्जी
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डेराबस्सी। तहसील में फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री करवाने के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की जांच के दौरान फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री करवाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं और अब इनकी संख्या करीब 175 पहुंच गई है। मामला बढ़ता देखकर अब डेराबस्सी के साथ लालड़ू क्षेत्र की रजिस्ट्रयों की भी जांच करवाने का फैसला किया गया है। वहीं, अब इस मामले के तार जीरकपुर से भी जुड़ते जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक फर्जी एनओसी से जीरकपुर में कई रजिस्ट्रयां पिछले दिनों होने की बात सामने आई थी। इन पर आने वाले दिनों में अधिकारी जांच का फैसला ले सकते हैं।
बता दें कि डेराबस्सी में फर्जी एनओसी से एक रजिस्ट्री होने का खुलासा अमर उजाला की ओर से किया गया था। इसके बाद लगातार इस मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। अमर उजाला में खुलासा होने के बाद डेराबस्सी तहसील में बैठकर फर्जी एनओसी तैयार करने वाला संदिग्ध अर्जी नवीस अपना दफ्तर बंद करके फरार हो गया है। इसी अर्जी नवीस ने एक एप के जरिए यह एनओसी तैयार की है। उसमें उसके साथ शहर में कुछ प्राॅपर्टी डीलर, तहसीलदार का नजदीकी कहा जाने वाला अस्टांप फरोश भी शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक फर्जी एनओसी से डेराबस्सी की अवैध कॉलोनियों में बड़े स्तर पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से अवैध कॉलोनियों में प्लाॅटों की रजिस्ट्रयों पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगाने के बाद एक बार बिल्कुल रजिस्ट्रियां होनी बंद हो गई थी। इसके बाद यह रास्ता निकालकर रजिस्ट्रियां की गईं।
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अब तक हुईं 5500 रजिस्ट्रियां
तहसील से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल एक जनवरी से सितंबर तक कुल 5500 रजिस्ट्रियां की गई हैं। इस साल सबसे अधिक रजिस्ट्री मार्च और अप्रैल के महीने में हुई हैं, क्योंकि सरकार ने रजिस्ट्री के खर्चे पर ढाई प्रतिशत की छूट दी थी। जांच के दौरान इनमें से कई रजिस्ट्रियां फर्जी एनओसी से की हो सकती हैं। जांच के बाद से गलत काम करने वाले रफूचक्कर हो गए हैं।
कोटइस मामले की जांच जारी है। अब तक करीब 175 फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री होने के मामले सामने आ चुके हैं, जबकि अभी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद नगर परिषद की रिपोर्ट पर इसकी शिकायत मॉल विभाग की ओर से संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को की जाएगी। -वरिंदर जैन, ईओ नगर परिषद
कोट
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डेराबस्सी के साथ लालड़ू क्षेत्र की सभी रजिस्ट्रयों की जांच करवाने का फैसला लिया गया है। डेराबस्सी और जीरकपुर से रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। -हरिंदर सिंह पूनिया, नायब तहसीलदार
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बता दें कि डेराबस्सी में फर्जी एनओसी से एक रजिस्ट्री होने का खुलासा अमर उजाला की ओर से किया गया था। इसके बाद लगातार इस मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। अमर उजाला में खुलासा होने के बाद डेराबस्सी तहसील में बैठकर फर्जी एनओसी तैयार करने वाला संदिग्ध अर्जी नवीस अपना दफ्तर बंद करके फरार हो गया है। इसी अर्जी नवीस ने एक एप के जरिए यह एनओसी तैयार की है। उसमें उसके साथ शहर में कुछ प्राॅपर्टी डीलर, तहसीलदार का नजदीकी कहा जाने वाला अस्टांप फरोश भी शामिल है।
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सूत्रों के मुताबिक फर्जी एनओसी से डेराबस्सी की अवैध कॉलोनियों में बड़े स्तर पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से अवैध कॉलोनियों में प्लाॅटों की रजिस्ट्रयों पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगाने के बाद एक बार बिल्कुल रजिस्ट्रियां होनी बंद हो गई थी। इसके बाद यह रास्ता निकालकर रजिस्ट्रियां की गईं।
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अब तक हुईं 5500 रजिस्ट्रियां
तहसील से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल एक जनवरी से सितंबर तक कुल 5500 रजिस्ट्रियां की गई हैं। इस साल सबसे अधिक रजिस्ट्री मार्च और अप्रैल के महीने में हुई हैं, क्योंकि सरकार ने रजिस्ट्री के खर्चे पर ढाई प्रतिशत की छूट दी थी। जांच के दौरान इनमें से कई रजिस्ट्रियां फर्जी एनओसी से की हो सकती हैं। जांच के बाद से गलत काम करने वाले रफूचक्कर हो गए हैं।
कोटइस मामले की जांच जारी है। अब तक करीब 175 फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री होने के मामले सामने आ चुके हैं, जबकि अभी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद नगर परिषद की रिपोर्ट पर इसकी शिकायत मॉल विभाग की ओर से संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को की जाएगी। -वरिंदर जैन, ईओ नगर परिषद
कोट
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डेराबस्सी के साथ लालड़ू क्षेत्र की सभी रजिस्ट्रयों की जांच करवाने का फैसला लिया गया है। डेराबस्सी और जीरकपुर से रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। -हरिंदर सिंह पूनिया, नायब तहसीलदार