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जीरकपुर : डीसी के पास पहुंचा अस्पताल में कोरोना संक्रमित की मौत का मामला... तीन सदस्यीय कमेटी गठित, 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश करने निर्देश

Sun, 16 May 2021 01:40 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 01:40 AM IST
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Case of death of corona infected in hospital reached to DC
जीरकपुर। नोएडा निवासी परमजीत सिंह की शहर के लाइफ लाइन अस्पताल में मौत होने के बाद हुए हंगामे का मामला डीसी गिरीश दियालन के पास पहुंच गया है। उन्होंने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने और ज्यादा पैसे लेने का आरोप लगाया है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को खारिज किया है।
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सख्त कार्रवाई की जाएगी
मोहाली के डीसी गिरीश दियालन का कहना है कि अगर मरीज से निर्धारित दर से ज्यादा पैसे लिए गए होंगे, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सिर्फ जुर्म नहीं है, बल्कि नैतिक तौर पर भी गलत है। कोई भी अस्पताल किसी भी हालात में मरीज या शव को गलत ढंग से अपने पास रख नहीं सकता है। यदि अस्पताल बिलों के भुगतान से पहले लाश देने से इंकार करता है तो यह गैर कानूनी है। अस्पताल की तरफ से दिए बिलों की जांच सिविल सर्जन की ओर से की जा रही है।
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ये है मामला
परमजीत सिंह कोविड-19 के साथ निमोनिया से पीड़ित थे। उन्हें 26 अप्रैल 2021 को जीरकपुर के लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। मरीज के परिवार ने उन्हें मुकुट अस्पताल सेक्टर-34 चंडीगढ़ में ट्रांसफर करने के लिए 10 मई को लाइफ लाइन अस्पताल से लामा (डॉक्टरी सलाह के विरुद्ध ट्रांसफर) करा लिया। मुकुट अस्पताल मरीज को ले जाने का प्रबंध नहीं कर सका, जिस कारण ट्रांसफर की प्रक्रिया में मरीज की स्थिति बिगड़ती गई। ऐसी स्थिति में मरीज को इसी अस्पताल में रखा गया और 14 मई को उनकी मौत हो गई। मौत होने पर मरीज के परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ के साथ बहस की। अस्पताल प्रबंधन पर ज्यादा बिल बनाने के आरोप लगे। बिल का भुगतान किए बिना शव देने से मना करने का दावा भी किया गया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बिल सरकार के नियमों के अनुसार लिया है। 19 दिन वेंटिलेटर पर रहने के लिए निर्धारित रेट लगाए गए हैं, जबकि कमरे के तीन लाख रुपये लिए गए हैं।
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