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निकाय चुनाव : सरकारी संपत्तियों पर लगे नेताओं के प्रचार बोर्ड आयोग के लिए बने ‘सिरदर्द’
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जीरकपुर। स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पार्टी के नेताओं की ओर से शहर में लगाए जाने वाले प्रचार बोर्ड आयोग के लिए सिरदर्द बन गए हैं। आयोग को रोजाना मिल रही लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई न होने के कारण अब सख्त रुख अपना लिया है। इसके लिए चुनाव आयोग ने अपने अलग अतिक्रमण हटाओ विंग का गठन किया है, जिसने मंगलवार को कार्रवाई कर कई जगह सरकारी प्रॉपर्टी पर लगे पार्टी नेताओं के प्रचार बोर्ड उतारे हैं।
जानकारी के मुताबिक, राज्य चुनाव आयोग द्वारा बीती 16 जनवरी को प्रदेश की नगर निगम/परिषद और पंचायत के चुनाव को लेकर तारीखों का एलान करते हुए संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता लागू की थी। दूसरी ओर, चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता के आदेशों को लागू करने के बाद स्थानीय शहर के अंदर अलग-अलग राजनीतिक पार्टी के नेताओं की तरफ से मतदाताओं को रिझाने के लिए बड़े-बड़े प्रचार बोर्ड लगाने शुरू कर दिए हैं। इसका असर यह हुआ है कि आए दिन अलग-अलग पार्टी के नेता एक-दूसरे की ओर से सरकारी संपत्तियों पर लगे प्रचार बोर्ड की शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। पहले आयोग को मिलने वाली शिकायतों पर स्थानीय नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश देकर बोर्ड उतारे गए, लेकिन जैसे-जैसे चुनाव माहौल बनने लगा तो नेताओं ने एक के बाद एक प्रचार बोर्ड लगाने शुरू कर दिए।
कोट्स
लगातार मिलने वाली शिकायतों को देखते हुए नीति में थोड़ा बदलाव किया गया है और अब चुनाव आयोग की अपनी टीम शहर के अंदर राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की ओर से सरकारी प्रॉपर्टी पर लगाए गए प्रचार बोर्ड उतार दिए जाएंगे।
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-पवित्र सिंह, रिटर्निंग अफसर, जीरकपुर नगर परिषद।
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जानकारी के मुताबिक, राज्य चुनाव आयोग द्वारा बीती 16 जनवरी को प्रदेश की नगर निगम/परिषद और पंचायत के चुनाव को लेकर तारीखों का एलान करते हुए संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता लागू की थी। दूसरी ओर, चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता के आदेशों को लागू करने के बाद स्थानीय शहर के अंदर अलग-अलग राजनीतिक पार्टी के नेताओं की तरफ से मतदाताओं को रिझाने के लिए बड़े-बड़े प्रचार बोर्ड लगाने शुरू कर दिए हैं। इसका असर यह हुआ है कि आए दिन अलग-अलग पार्टी के नेता एक-दूसरे की ओर से सरकारी संपत्तियों पर लगे प्रचार बोर्ड की शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। पहले आयोग को मिलने वाली शिकायतों पर स्थानीय नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश देकर बोर्ड उतारे गए, लेकिन जैसे-जैसे चुनाव माहौल बनने लगा तो नेताओं ने एक के बाद एक प्रचार बोर्ड लगाने शुरू कर दिए।
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लगातार मिलने वाली शिकायतों को देखते हुए नीति में थोड़ा बदलाव किया गया है और अब चुनाव आयोग की अपनी टीम शहर के अंदर राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की ओर से सरकारी प्रॉपर्टी पर लगाए गए प्रचार बोर्ड उतार दिए जाएंगे।
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-पवित्र सिंह, रिटर्निंग अफसर, जीरकपुर नगर परिषद।