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Mohali News: सावधान! व्हाट्सएप पर आ रहे फर्जी चालान मैसेज
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मोहाली। शहर में फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब ठग केवल साधारण मैसेज भेजकर ही नहीं, बल्कि लोगों की गाड़ियों से जुड़ी पूरी जानकारी के साथ उन्हें निशाना बना रहे हैं, जिससे यह ठगी और भी खतरनाक रूप ले चुकी है। जानकारी के अनुसार, ठग कार इनफो या अन्य नामों से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं। इन मैसेज में वाहन मालिक का नाम, चालान नंबर, उल्लंघन की जानकारी और तारीख तक दर्ज होती है, जिससे यह पूरी तरह असली प्रतीत होता है।
इसके बाद ठग डिस्काउंट का लालच देकर चालान कम पैसे में सेटल करने का झांसा देते हैं। तीन दिन के भीतर भुगतान करने का दबाव बनाते हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया। खरड़ के न्यू सन्नी एनक्लेव निवासी शिवानी नामक महिला को भी इसी तरह का मैसेज मिला। मैसेज में उसकी गाड़ी से संबंधित सभी जानकारी और वही चालान नंबर था, जो पहले मोहाली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किया गया था। हालांकि, शिवानी ने सतर्कता दिखाते हुए इस पर विश्वास नहीं किया और तुरंत अपने पति को जानकारी दी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
मामले की जानकारी मिलते ही डीएसपी ट्रैफिक करनैल सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस या ट्रैफिक विभाग कभी भी व्हाट्सएप के जरिए चालान भरने के लिए लिंक या मैसेज नहीं भेजता। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी संदिग्ध खाते में पैसे ट्रांसफर करें। पुलिस के अनुसार, यह किसी संगठित साइबर ठगी गिरोह का काम हो सकता है, जो लोगों की निजी जानकारी का दुरुपयोग कर रहा है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत शिकायत करें और सतर्क रहें।
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इसके बाद ठग डिस्काउंट का लालच देकर चालान कम पैसे में सेटल करने का झांसा देते हैं। तीन दिन के भीतर भुगतान करने का दबाव बनाते हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया। खरड़ के न्यू सन्नी एनक्लेव निवासी शिवानी नामक महिला को भी इसी तरह का मैसेज मिला। मैसेज में उसकी गाड़ी से संबंधित सभी जानकारी और वही चालान नंबर था, जो पहले मोहाली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किया गया था। हालांकि, शिवानी ने सतर्कता दिखाते हुए इस पर विश्वास नहीं किया और तुरंत अपने पति को जानकारी दी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
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मामले की जानकारी मिलते ही डीएसपी ट्रैफिक करनैल सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस या ट्रैफिक विभाग कभी भी व्हाट्सएप के जरिए चालान भरने के लिए लिंक या मैसेज नहीं भेजता। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी संदिग्ध खाते में पैसे ट्रांसफर करें। पुलिस के अनुसार, यह किसी संगठित साइबर ठगी गिरोह का काम हो सकता है, जो लोगों की निजी जानकारी का दुरुपयोग कर रहा है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत शिकायत करें और सतर्क रहें।
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