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Mohali News: क्लब मालिक को लॉरेंस गैंग के गुर्गे बताकर 40 लाख रंगदारी मांगने वाले आरोपी की जमानत रद्द
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मोहाली। पंचकूला के क्लब मालिक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे बताकर उससे 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगने व उसे परिवार सहित मारने की धमकी देने के आरोप में नामजद आरोपी शुभम गुप्ता ने अदालत में वकील के जरिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने उसे रद्द कर दिया। शुभम गुप्ता पर आरोप है कि वह ही इस साजिश का मास्टरमाइंड है। उसने अपने क्लब में सांझेदार तानिश भट्ट को साथी भेजकर गन प्वाइंट पर धमकाया था और उससे लॉरेंस के नाम पर 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
शुभम गुप्ता के वकील ने अदालत में दलील रखी कि शुभम को मामले में झूठा फंसाया गया है। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता जांच में शामिल होने को तैयार है इसलिए उसकी जमानत याचिका को मंजूर किया जाए। वहीं, सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी का शिकायतकर्ता तानिश भट्ट के साथ कारोबारी विवाद चल रहा था। आरोपी ने शिकायतकर्ता को अपने साथी भेजकर गन प्वाइंट पर तब धमकाया जब वह चंडीगढ़ से जीरकपुर लौट रहा था। उससे लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और शर्त रखी कि अगर उनकी यह डिमांड पूरी न हुई तो उसे परिवार सहित गोलियां मार देंगे।
सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह बाहर आकर गवाहों को धमका सकता है। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती पड़ाव पर है और अगर उसे जमानत मिली तो वह केस को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया कि आरोपी का दोष जमानत लायक नहीं है इसलिए उसकी अग्रिम जमानत याचिका को रद्द कर दिया गया।
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बता दें कि इससे पहले आरोपी शुभम ने 1 दिसंबर को भी अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। शुभम गुप्ता के वकील ने उसे समय अदालत को बताया था कि उसकी शादी तय हुई है और उन्होंने शादी का निमंत्रण कार्ड भी रिकार्ड में लगाया था। अदालत ने उस समय शुभम गुप्ता की 13 दिसंबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और 14 दिसंबर को पुलिस को उसे गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।
क्या था मामला
पंचकूला में चैंबर नाम से क्लब है। इस क्लब में तानिश भट्ट, रोहित कुमार उर्फ रोहित गाबा निवासी सेक्टर-27डी चंडीगढ़, कर्ण सिंगला निवासी मानसा, शुभम गुप्ता निवासी अहमदगढ़ संगरूर व विनय कुमार निवासी माया गार्डन चार साझेदार थे। उक्त में से तीन लोगों ने अपने चौथे पार्टनर के खिलाफ षड्यंत्र रचा। उसका कारण यह था कि क्लब में गैर कानूनी काम चलता था जिस पर तानिश भट्ट हमेशा आपत्ति जताता था जिस कारण वह उनकी आंखों में खटक रहा था। तीनों ने 19 मार्च 2023 को अपने साथी भेजकर तानिश भट्टी की गाड़ी घेर ली। तानिश को गन प्वाइंट पर घेरकर धमकाया गया और उससे 40 लाख रुपये मांग की गई। यही नहीं उसे धमकाया गया कि उसने जो शिकायतें अपने क्लब साझेदारों के खिलाफ की है, उसे वापस ले। इस मामले में तानिश की शिकायत पर जीरकपुर थाने में उक्त चारों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में अभी तक पुलिस ने रोहित गाबा को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
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शुभम गुप्ता के वकील ने अदालत में दलील रखी कि शुभम को मामले में झूठा फंसाया गया है। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता जांच में शामिल होने को तैयार है इसलिए उसकी जमानत याचिका को मंजूर किया जाए। वहीं, सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी का शिकायतकर्ता तानिश भट्ट के साथ कारोबारी विवाद चल रहा था। आरोपी ने शिकायतकर्ता को अपने साथी भेजकर गन प्वाइंट पर तब धमकाया जब वह चंडीगढ़ से जीरकपुर लौट रहा था। उससे लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और शर्त रखी कि अगर उनकी यह डिमांड पूरी न हुई तो उसे परिवार सहित गोलियां मार देंगे।
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सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह बाहर आकर गवाहों को धमका सकता है। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती पड़ाव पर है और अगर उसे जमानत मिली तो वह केस को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया कि आरोपी का दोष जमानत लायक नहीं है इसलिए उसकी अग्रिम जमानत याचिका को रद्द कर दिया गया।
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बता दें कि इससे पहले आरोपी शुभम ने 1 दिसंबर को भी अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। शुभम गुप्ता के वकील ने उसे समय अदालत को बताया था कि उसकी शादी तय हुई है और उन्होंने शादी का निमंत्रण कार्ड भी रिकार्ड में लगाया था। अदालत ने उस समय शुभम गुप्ता की 13 दिसंबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और 14 दिसंबर को पुलिस को उसे गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।
क्या था मामला
पंचकूला में चैंबर नाम से क्लब है। इस क्लब में तानिश भट्ट, रोहित कुमार उर्फ रोहित गाबा निवासी सेक्टर-27डी चंडीगढ़, कर्ण सिंगला निवासी मानसा, शुभम गुप्ता निवासी अहमदगढ़ संगरूर व विनय कुमार निवासी माया गार्डन चार साझेदार थे। उक्त में से तीन लोगों ने अपने चौथे पार्टनर के खिलाफ षड्यंत्र रचा। उसका कारण यह था कि क्लब में गैर कानूनी काम चलता था जिस पर तानिश भट्ट हमेशा आपत्ति जताता था जिस कारण वह उनकी आंखों में खटक रहा था। तीनों ने 19 मार्च 2023 को अपने साथी भेजकर तानिश भट्टी की गाड़ी घेर ली। तानिश को गन प्वाइंट पर घेरकर धमकाया गया और उससे 40 लाख रुपये मांग की गई। यही नहीं उसे धमकाया गया कि उसने जो शिकायतें अपने क्लब साझेदारों के खिलाफ की है, उसे वापस ले। इस मामले में तानिश की शिकायत पर जीरकपुर थाने में उक्त चारों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में अभी तक पुलिस ने रोहित गाबा को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।