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लावारिस पशुओं का संकट गहराया, निगम तैयार करेगा विशेष प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Thu, 04 Aug 2016 02:07 AM IST
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animals
- फोटो : amar ujala
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मोहाली में लावारिस पशुओं की समस्या पूरी तरह गहरा गई है। एक तरफ जहां शहर की गोशाला में पशुओं को रखने के लिए जगह नहीं है, वहीं निगम मुलाजिमों ने पशुओं को पकड़ने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें पुलिस सिक्योरिटी मुहैया नहीं करवाई जाएगी, तब तक वह पशुुओं को नहीं पकड़ेंगे। यह मामला हाल ही में हुई नगर निगम की मीटिंग में भी उठा था। मेयर ने खुद माना कि पशुओं की समस्या गंभीर है। जल्द ही नई गोशाला बनाई जाएगी। इसके लिए अगली हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव लाया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को हुई हाउस की मीटिंग में पार्षद आरपी शर्मा और बीजेपी पार्षद बॉबी कंबोज की दलील थी कि उनके इलाके में पशुओं की समस्या गंभीर बनी हुई है। लावारिस पशुओं के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। एक महीने करीब छह लोग अपनी जान गवां चुुके हैं। इसके बाद भी लावारिस पशुओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस पर मेयर ने कहा कि मोहाली में बनी गोशाला की क्षमता छह सौ है, जबकि गोशाला में क्षमता से अधिक पशु हैं। करीब सात सौ पशु इस समय गोशाला में मौजूद हैं। ऐसे में पशुओं को रखने के लिए समस्या आ रही है। कुछ पार्षदों ने दलील थी कि अन्य गोशालाओं से संपर्क किया जाए। इस पर दोनों तरफ से मंथन हुआ। इस पर मेयर ने कहा था कि जल्द ही शहर में एक और गोशाला बनाई जाएगी। इसके लिए अगली मीटिंग में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।
लावारिस नहीं अधिकतर होते हैं पालतू पशु
शहर की सड़कों घूमने वाले अधिकतर पशु लावारिस नहीं होते हैं, बल्कि यह पशु पालतू होते हैं। गत मीटिंग में यह मुद्दा कांग्रेसी पार्षद सोमल ने उठाया था। उनका कहना था कि उनके इलाके में एक बार पशु पकड़ने के लिए टीम आई। टीम ने पशु पकड़ भी लिए थे। इसी बीच पशु मालिक आ गए थे। उन्होंने धमकाकर व मारपीट कर पशुओं को छुड़वा लिए थे।
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अब तक हुए बड़े हादसे
-फेज-दो में झोटे ने हमला कर दिया था, जिससे दो लोग घायल हो गए थे
-एयरपोर्ट रोड पर पशु आने से बाइक सवार थानेदार की मौत हो गई थी
-कुंभड़ा में पशु के आने से वाहन सवार मौत हो गई थी
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जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को हुई हाउस की मीटिंग में पार्षद आरपी शर्मा और बीजेपी पार्षद बॉबी कंबोज की दलील थी कि उनके इलाके में पशुओं की समस्या गंभीर बनी हुई है। लावारिस पशुओं के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। एक महीने करीब छह लोग अपनी जान गवां चुुके हैं। इसके बाद भी लावारिस पशुओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस पर मेयर ने कहा कि मोहाली में बनी गोशाला की क्षमता छह सौ है, जबकि गोशाला में क्षमता से अधिक पशु हैं। करीब सात सौ पशु इस समय गोशाला में मौजूद हैं। ऐसे में पशुओं को रखने के लिए समस्या आ रही है। कुछ पार्षदों ने दलील थी कि अन्य गोशालाओं से संपर्क किया जाए। इस पर दोनों तरफ से मंथन हुआ। इस पर मेयर ने कहा था कि जल्द ही शहर में एक और गोशाला बनाई जाएगी। इसके लिए अगली मीटिंग में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।
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लावारिस नहीं अधिकतर होते हैं पालतू पशु
शहर की सड़कों घूमने वाले अधिकतर पशु लावारिस नहीं होते हैं, बल्कि यह पशु पालतू होते हैं। गत मीटिंग में यह मुद्दा कांग्रेसी पार्षद सोमल ने उठाया था। उनका कहना था कि उनके इलाके में एक बार पशु पकड़ने के लिए टीम आई। टीम ने पशु पकड़ भी लिए थे। इसी बीच पशु मालिक आ गए थे। उन्होंने धमकाकर व मारपीट कर पशुओं को छुड़वा लिए थे।
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अब तक हुए बड़े हादसे
-फेज-दो में झोटे ने हमला कर दिया था, जिससे दो लोग घायल हो गए थे
-एयरपोर्ट रोड पर पशु आने से बाइक सवार थानेदार की मौत हो गई थी
-कुंभड़ा में पशु के आने से वाहन सवार मौत हो गई थी