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एरोट्रोपोलिस सिटी के अलाटियों को डाक से नहीं फोन पर भेजे लिंक पर मिलेगी एलओआई
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मोहाली। एरोट्रोपोलिस सिटी योजना के तहत जमीन मालिकों को अब लैटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) के लिए गमाडा से आने वाली डाक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि फोन पर एक मैसेज से उन्हें एलओआई मिलेगी। यह संभव होने जा रहा रहा है गमाडा की ओर से लोगों को डिजीटल एलओआई भेजने से। गमाडा के मुख्य प्रशासक प्रदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि इससे जमीन मालिकों को काफी फायदा होगा। इतना ही नहीं भविष्य में गमाडा की ओर से लांच की जाने वाली स्कीमों में इस प्रक्रिया को लागू किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक गमाडा की ओर से इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक एरोट्रोपोलिस सिटी बसाई जा रही है। इसमें गमाडा की तरफ से जमीन मालिकों को लैंड पूलिंग के लिए ऑप्शन दिया गया था। लैंड पूलिंग के लिए दी गई अर्जियों की स्क्रूटनी चल रही है। तकरीबन 650-700 एकड़ जमीन इनटाइटलमेंट के लिए तैयार है। गमाडा की तरफ से अर्जियों की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की कोई गलती न रह जाए। गमाडा अधिकारियों ने साफ किया है कि हर स्थिति में अगले महीने एलओआई जारी कर दी जाएगी।
ऐसे मिलेगी फोन पर एलओआई
गमाडा से मिली जानकारी के मुताबिक गमाडा की तरफ से जमीन मालिकों को मैसेज पर एक लिंक भेजा जाएगा। जिसके बाद उस पर क्लिक करके लोग उसे डाउनलोड कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे धोखाधड़ी के मामले कम हो जाएंगे। वहीं, एलओआई सही तरीके से लोगों तक पहुंच पाएंगे। साथ ही एलओआई न मिलने की शिकायतें कम हो जाएंगी और यह समय पर लोगों को मिलेगी। उन्हें डॉक का इंतजार नहीं करना पडे़गा।
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ऐसे दी जाएगी लैंड पूलिंग
पिछले साल अगस्त में लैंड पूलिंग पॉलिसी में संशोधन किया था। जिसके तहत एक एकड़ जमीन एक्वायर होने पर सरकार की ओर से 1000 वर्ग गज का विकसित रिहायशी प्लाट और 200 स्क्वेयर गज कामर्शियल प्लाट देने का फैसला किया था। एरोट्रोपोलिस के लिए भूमि का पहले आवंटित वाणिज्यिक भूखंड का आकार 121 वर्ग गज था। इस बार गमाडा को लैंड पूलिंग के लिए अच्छा रिस्पांस मिला था। 1400 एकड़ जमीन के करीब 1300 किसानों ने लैंड पूलिंग ऑप्शन चुना है। इस दौरान बाकरपुर, रुड़का, सफिपुर, मटरां, स्यांऊ, मनौली, पत्तों, सैनी माजरा, चाऊ माजरा, नारायणगढ़ और गांव छत शामिल है।
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जानकारी के मुताबिक गमाडा की ओर से इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक एरोट्रोपोलिस सिटी बसाई जा रही है। इसमें गमाडा की तरफ से जमीन मालिकों को लैंड पूलिंग के लिए ऑप्शन दिया गया था। लैंड पूलिंग के लिए दी गई अर्जियों की स्क्रूटनी चल रही है। तकरीबन 650-700 एकड़ जमीन इनटाइटलमेंट के लिए तैयार है। गमाडा की तरफ से अर्जियों की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की कोई गलती न रह जाए। गमाडा अधिकारियों ने साफ किया है कि हर स्थिति में अगले महीने एलओआई जारी कर दी जाएगी।
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ऐसे मिलेगी फोन पर एलओआई
गमाडा से मिली जानकारी के मुताबिक गमाडा की तरफ से जमीन मालिकों को मैसेज पर एक लिंक भेजा जाएगा। जिसके बाद उस पर क्लिक करके लोग उसे डाउनलोड कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे धोखाधड़ी के मामले कम हो जाएंगे। वहीं, एलओआई सही तरीके से लोगों तक पहुंच पाएंगे। साथ ही एलओआई न मिलने की शिकायतें कम हो जाएंगी और यह समय पर लोगों को मिलेगी। उन्हें डॉक का इंतजार नहीं करना पडे़गा।
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ऐसे दी जाएगी लैंड पूलिंग
पिछले साल अगस्त में लैंड पूलिंग पॉलिसी में संशोधन किया था। जिसके तहत एक एकड़ जमीन एक्वायर होने पर सरकार की ओर से 1000 वर्ग गज का विकसित रिहायशी प्लाट और 200 स्क्वेयर गज कामर्शियल प्लाट देने का फैसला किया था। एरोट्रोपोलिस के लिए भूमि का पहले आवंटित वाणिज्यिक भूखंड का आकार 121 वर्ग गज था। इस बार गमाडा को लैंड पूलिंग के लिए अच्छा रिस्पांस मिला था। 1400 एकड़ जमीन के करीब 1300 किसानों ने लैंड पूलिंग ऑप्शन चुना है। इस दौरान बाकरपुर, रुड़का, सफिपुर, मटरां, स्यांऊ, मनौली, पत्तों, सैनी माजरा, चाऊ माजरा, नारायणगढ़ और गांव छत शामिल है।