विक्रमजीत हत्याकांड: अकाली नेता का बड़ा आरोप- जब हत्यारे गोलियां बरसा रहे थे, उस वक्त पास में खड़ी थी पीसीआर
विक्की मिंडूखेड़ा के शव का अंतिम संस्कार रविवार को उनके पैतृक गांव में किया गया। इस मौके अकाली दल समेत कई राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। वहीं, पारिवारिक सदस्य भी मौजूद थे। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि अब विक्की उनके बीच नहीं रहे।
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यूथ अकाली नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिडूखेड़ा की हत्या के 24 घंटे बाद भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस ने कई स्थानों और नामी सोसाइटियों में दबिश भी दी लेकिन हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्यारे जिस आई-20 कार में वारदात को अंजाम देने आए थे, उस पर फर्जी नंबर लगा था। इसकी पुष्टि हो गई है। इसके अलावा पता चला है कि आरोपी करीब चार दिनों से इलाके में ही थे और वह मिंडूखेड़ा की रेकी कर रहे थे।
उधर, सीसीटीवी फुटेज से पुलिस की पीसीआर पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। सीनियर अकाली नेता चरणजीत सिंह बराड़ का कहना है जब आरोपी वारदात को अंजाम दे रहे थे, तब पीसीआर टीम मार्केट के पास ही मौजूद थी। सीसीटीवी फुटेज में यह साफ नजर आ रहा है। अगर अगर पीसीआर टीम ने सक्रिय होकर अपनी भूमिका निभाई होती तो विक्की जान बच जाती। उन्होंने कहा कि पुलिस के सीनियर अधिकारियों को इस संबंधी गंभीरता से पड़ताल करवानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि स्वतंत्रता दिवस को एक हफ्ता शेष है और अपराधी खुले घूम रहे हैं। यह चिंताजनक है।
उधर, पुलिस ने विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या के खुलासे के लिए आठ टीमें गठित की हैं। इनमें साइबर माहिर से लेकर तक अन्य माहिर शामिल हैं। टीमें फोन के डंप डाटा से लेकर गैंगस्टरों के सोशल मीडिया अकाउंट व लोकेशन तक को चेक कर रही हैं। साथ ही शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी जा रही है, ताकि पता चल सके कि आरोपी किस तरफ भागे हैं।
12 गोलियां लगी थीं मिंडूखेड़ा को
विक्की मिंडूूखेड़ा के शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में पता चला है कि उन्हें 12 गोलियां लगी थीं। डॉक्टरों को शरीर से केवल दो गोलियां मिली हैं, जबकि दस शरीर से आरपार हो गई थीं। डॉक्टरों से पता चला है कि एक गोली रीढ़ की हड्डी के नजदीक कमर के ऊपरी हिस्से से मिली है, जबकि दूसरी गोली टांग के ऊपरी हिस्से में लगी हुई थी। इसके बाद वह घूमकर घुटने में पहुंच गई थी। इससे साफ हो गया कि मौत गोली लगने से हुई है। हालांकि पुलिस ने विसरा जांच के लिए लैब भेज दिया है।
मां को लेकर जाना था पीजीआई
विक्की मिंडूखेडा के रिश्तेदार जसविंदर सिंह ने बताया कि विक्की के माता-पिता गांव में रहते हैं। वह इलाज के लिए कुछ दिनों पहले मोहाली आए हुए थे। उनका पीजीआई से इलाज चलता है। शनिवार को विक्की अपनी मां को पीजीआई में डॉक्टरों को दिखाने लेकर जाने वाले थे लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या हो गई। वहीं, बड़ा भाई अजयपाल पिता को डॉक्टर के पास लेकर जा रहे थे लेकिन घटना की सूचना के बाद वह भी आधे रास्ते से वापस लौट आए।
मामले में आठ टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस टीम सभी एंगलों पर काम कर रही है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल भी की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही केस को सुलझा लिया जाएगा। - सतिंदर सिंह, एसएसपी मोहाली।