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Mohali News: दस साल के इंतजार के बाद 200 अलाॅटियों को मिलेगी अपनी दुकान
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मोहाली। एयरपोर्ट के साथ सटे एरोसिटी में अब खुद की मार्केट बनेगी और लोग कारोबार कर सकेंगे। यहां पर रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। एरोसिटी में गमाडा करीब दस साल बाद इंतजार कर रहे 200 से ज्यादा अलॉटियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) 14 अगस्त को पूरब अपार्टमेंट्स में दुकानों की नंबरिंग के लिए ड्रा आयोजित करने जा रहा है। गमाडा ने ड्रा से पहले दुकानदारों की लिस्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है।
किसी आवंटी का नाम लिस्ट में नहीं है, तो वह 11 अगस्त तक अपनी आपत्ति गमाडा कार्यालय में दर्ज करवा सकता है। अलॉटमेंट या लॉट साइज को लेकर कोई सुझाव नहीं मांगा गया है, केवल नाम शामिल न होने की स्थिति में ही आपत्ति स्वीकार की जाएगी। गौरतलब है कि गमाडा ने 2014 में एरोसिटी योजना के तहत जमीन मालिकों को दुकानों के लिए एलओआई जारी किए थे। अब जाकर उन्हें दुकानों का कब्जा मिलने जा रहा है। यह मार्केट चंडीगढ़ एयरपोर्ट से बिल्कुल सटी हुई है। इसमें बड़े व्यापारिक अवसर देखने को मिल सकते हैं।
एरोसिटी में कुल 200 दुकानें बनेंगी
गमाडा ने एरोसिटी में मार्केट बसाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। गमाडा एरोसिटी में 60 गज की 40 बेशॉप, 100 गज के 131 शोरूम और 121 गज के 29 शोरूम बनाएगा। दुकान मिलने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। अलॉटियों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें कब्जा मिलकर व्यवसाय शुरू करने का मौका मिलेगा।
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एरोसिटी के जमीन मालिकों को भूला गमाडा, बिल्डरों को पहुंचाया फायदा
एयरपोर्ट के नजदीक विकसित एरोसिटी में गमाडा पर असली जमीन मालिकों के साथ भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। 2011-12 में जमीन अधिग्रहण के दौरान जिन किसानों और मालिकों से जमीन ली गई थी, उन्हें वादा किया गया था कि बदले में उन्हें कॉमर्शियल और रिहायशी प्लॉट्स दिए जाएंगे। इसके लिए 2014 में एलओआई (लेटर ऑफ इंटेंट) भी जारी कर दिए गए थे। इनमें से रिहायशी प्लॉट्स को जमीन मालिकों को दे दिए गए लेकिन कॉमर्शियल समय पर न देकर बिल्डरों को फायदा पहुंचाया गया।
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किसी आवंटी का नाम लिस्ट में नहीं है, तो वह 11 अगस्त तक अपनी आपत्ति गमाडा कार्यालय में दर्ज करवा सकता है। अलॉटमेंट या लॉट साइज को लेकर कोई सुझाव नहीं मांगा गया है, केवल नाम शामिल न होने की स्थिति में ही आपत्ति स्वीकार की जाएगी। गौरतलब है कि गमाडा ने 2014 में एरोसिटी योजना के तहत जमीन मालिकों को दुकानों के लिए एलओआई जारी किए थे। अब जाकर उन्हें दुकानों का कब्जा मिलने जा रहा है। यह मार्केट चंडीगढ़ एयरपोर्ट से बिल्कुल सटी हुई है। इसमें बड़े व्यापारिक अवसर देखने को मिल सकते हैं।
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एरोसिटी में कुल 200 दुकानें बनेंगी
गमाडा ने एरोसिटी में मार्केट बसाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। गमाडा एरोसिटी में 60 गज की 40 बेशॉप, 100 गज के 131 शोरूम और 121 गज के 29 शोरूम बनाएगा। दुकान मिलने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। अलॉटियों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें कब्जा मिलकर व्यवसाय शुरू करने का मौका मिलेगा।
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एरोसिटी के जमीन मालिकों को भूला गमाडा, बिल्डरों को पहुंचाया फायदा
एयरपोर्ट के नजदीक विकसित एरोसिटी में गमाडा पर असली जमीन मालिकों के साथ भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। 2011-12 में जमीन अधिग्रहण के दौरान जिन किसानों और मालिकों से जमीन ली गई थी, उन्हें वादा किया गया था कि बदले में उन्हें कॉमर्शियल और रिहायशी प्लॉट्स दिए जाएंगे। इसके लिए 2014 में एलओआई (लेटर ऑफ इंटेंट) भी जारी कर दिए गए थे। इनमें से रिहायशी प्लॉट्स को जमीन मालिकों को दे दिए गए लेकिन कॉमर्शियल समय पर न देकर बिल्डरों को फायदा पहुंचाया गया।