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एरोट्रोपोलिस : जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के साथ किसानों का विरोध तेज
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मोहाली। गमाडा के सबसे अहम प्रोजेक्ट एरोट्रोपोलिस के विस्तार के लिए 3513 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके साथ ही आठ गांवों के किसानों ने भी अपना विरोध तेज कर दिया है। किसानों का कहना है कि गमाडा उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर जमीन अधिग्रहण की कोशिश कर रहा है। जब तक उनकी आपत्तियां दूर नहीं होंगी तब तक जमीन अधिग्रहण के लिए सहमति नहीं देंगे। इस संदर्भ में 27 नवंबर को किसानों और गमाडा के अधिकारियों के बीच मीटिंग होनी है।
गमाडा ने पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत धारा-4 के नोटिफिकेशन के बाद, धारा-5 के अंतर्गत सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन का काम भी पूरा कर लिया है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की टीम ने प्रो. डाॅ. संजीव कुमार की अगुवाई में 10 से 12 नवंबर के बीच गांवों का दौरा कर किसानों और पंचायतों के सुझाव लेने के बाद महज 10 दिन में रिपोर्ट तैयार कर गमाडा ऑफिस में जमा कर दी है। हालांकि इस रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही को पूरी तरह अमल में लाने में करीब छह माह का समय लग सकता है। संवाद
इन गांवों की जमीन होनी है अधिग्रहित
जानकारी के अनुसार दूसरी और एरोट्रोपोलिस विस्तार में शामिल होने वाले आठ गांव पत्तों, कुरड़ी, सियाऊ, बड़ी, मटरां, किशनपुरा, छत और बाकरपुर के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। इन गांवों के किसान सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन करने आई टीमों के सामने अपनी लिखित और मौखिक आपत्तियां पहले ही दर्ज करा चुके हैं। किसानों का कहना है कि एरोट्रोपोलिस में ए से डी तक चार पॉकेटों को विकसित करने का काम चल रहा है। अब ई से जे तक नई पॉकेटों के लिए उपरोक्त गांवों की अतिरिक्त जमीन अधिग्रहित की जानी प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार मकान निर्माण और शहरी विकास विभाग द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की बैठक 27 नवंबर को गमाडा दफ्तर में में बुलाई गई है। बैठक में कई अधिकारियों के अलावा प्रभावित गांवों के सरपंच व नंबरदार शामिल होंगे।
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गमाडा ने पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत धारा-4 के नोटिफिकेशन के बाद, धारा-5 के अंतर्गत सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन का काम भी पूरा कर लिया है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की टीम ने प्रो. डाॅ. संजीव कुमार की अगुवाई में 10 से 12 नवंबर के बीच गांवों का दौरा कर किसानों और पंचायतों के सुझाव लेने के बाद महज 10 दिन में रिपोर्ट तैयार कर गमाडा ऑफिस में जमा कर दी है। हालांकि इस रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही को पूरी तरह अमल में लाने में करीब छह माह का समय लग सकता है। संवाद
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इन गांवों की जमीन होनी है अधिग्रहित
जानकारी के अनुसार दूसरी और एरोट्रोपोलिस विस्तार में शामिल होने वाले आठ गांव पत्तों, कुरड़ी, सियाऊ, बड़ी, मटरां, किशनपुरा, छत और बाकरपुर के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। इन गांवों के किसान सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन करने आई टीमों के सामने अपनी लिखित और मौखिक आपत्तियां पहले ही दर्ज करा चुके हैं। किसानों का कहना है कि एरोट्रोपोलिस में ए से डी तक चार पॉकेटों को विकसित करने का काम चल रहा है। अब ई से जे तक नई पॉकेटों के लिए उपरोक्त गांवों की अतिरिक्त जमीन अधिग्रहित की जानी प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार मकान निर्माण और शहरी विकास विभाग द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की बैठक 27 नवंबर को गमाडा दफ्तर में में बुलाई गई है। बैठक में कई अधिकारियों के अलावा प्रभावित गांवों के सरपंच व नंबरदार शामिल होंगे।
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