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Mohali News: 18 आईएएस प्रोबेशनरों से मिले प्रशासक, कहा-ईमानदारी जरूरी
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आईएएस प्रोबेशनरों से मुलाकात करते पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित। स्रोत : राज भवन
चंडीगढ़। पंजाब राजभवन में वीरवार को सूबे के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने 18 आईएएस प्रोबेशनरों से मुलाकात की। इस दौरान उनके बीच विचारों, अनुभवों और आकांक्षाओं का आदान-प्रदान हुआ। इसमें राज्यपाल ने राष्ट्र की सेवा में अखंडता और प्रतिबद्धता के महत्व पर जोर दिया। राज्यपाल ने युवा सिविल सेवकों के साथ अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करते हुए उन्हें पारदर्शिता, समय प्रबंधन, सरलता, विनम्रता और ईमानदारी के मूलमंत्र के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने उन्हें जीवन के हर पड़ाव पर ईमानदारी और परिश्रम को बनाए रखने की नसीहत दी और कहा कि सिविल सेवा केवल एक पेशा नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर समाज और राष्ट्र की बेहतरी के प्रति एक गंभीर प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि अपनी सेवा के मजबूत स्तंभों के रूप में सत्यनिष्ठा और समर्पण के मूल्यों को बनाए रखना अनिवार्य है। उनकी भूमिका महज शासन तक ही सीमित नहीं बल्कि इससे कहीं अधिक है। सकारात्मक बदलाव के साथ समाज के विभिन्न मुद्दों को हल करना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना भी इसमें शामिल है।
राज्यपाल ने सहानुभूतिपूर्ण शासन की आवश्यकता पर बल देते हुए आईएएस प्रोबेशनरों को समाज के सामने आने वाली चुनौतियों की पहचान करने और उनका समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
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राज्यपाल ने उन्हें जीवन के हर पड़ाव पर ईमानदारी और परिश्रम को बनाए रखने की नसीहत दी और कहा कि सिविल सेवा केवल एक पेशा नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर समाज और राष्ट्र की बेहतरी के प्रति एक गंभीर प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि अपनी सेवा के मजबूत स्तंभों के रूप में सत्यनिष्ठा और समर्पण के मूल्यों को बनाए रखना अनिवार्य है। उनकी भूमिका महज शासन तक ही सीमित नहीं बल्कि इससे कहीं अधिक है। सकारात्मक बदलाव के साथ समाज के विभिन्न मुद्दों को हल करना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना भी इसमें शामिल है।
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राज्यपाल ने सहानुभूतिपूर्ण शासन की आवश्यकता पर बल देते हुए आईएएस प्रोबेशनरों को समाज के सामने आने वाली चुनौतियों की पहचान करने और उनका समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
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