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मोहाली में रुकेंगे हादसे.. अब ट्रैफिक लाइटें नहीं होंगी खराब
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मोहाली। शहर की सड़कों पर आए दिन होने वाले हादसों को रोकने की दिशा में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने नई योजना के तहत काम शुरू कर दिया है। गमाडा ने अब अपने अधीन आने वाले क्षेत्र में सभी ट्रैफिक लाइटों की देखरेख का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपने का फैसला लिया है।
कंपनी एक साल के लिए उक्त काम को देखेगी। इसी महीने के आखिर में गमाडा द्वारा कंपनी को काम सौंप दिया जाएगा। वहीं, अप्रैल माह के पहले हफ्ते में काम संभाल लेगी। ऐसा होने से ट्रैफिक लाइटें बंद नहीं होंगी, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी।
जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट रोड, आईटी सिटी से लेकर कई क्षेत्र की ट्रैफिक लाइटें गमाडा के अधीन आती हैं। इसमें से कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जो दुर्घटना संभावित क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में गमाडा ने उक्त क्षेत्र में सड़क सुरक्षा ढांचा विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में उक्त क्षेत्र की सड़कों पर लेनिंग सिस्टम, जेब्रा कॉसिंग और साइन व डायरेक्शन बोर्ड आदि लगाए गए थे। हालांकि ट्रैफिक लाइटों की वजह से समस्या आ रही थी। कई जगह पर ट्रैफिक लाइटें खराब रह रही थीं। इंजीनियरिंग विंग ने इस मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया था। बैठक में लाइटों के मामले को गंभीरता से लेते हुए इनकी देखरेख का काम निजी कंपनी को सौंपने की योजना बनी है। हालांकि यह काम उसी कंपनी को दिया जाएगा जो इस तरह का काम पहले कर चुकी हो।
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गमाडा क्षेत्र में होते हैं सबसे ज्यादा हादसे
मोहाली शहर के अधीन आने वाला सोहाना थाने का क्षेत्र मोहाली जिले के उन चार स्थानों में शुमार है, जहां पर सबसे अधिक हादसे होते हैं। इनमें एयरपोर्ट रोड प्रमुख है। इसके अलावा आईटी सिटी के पास व अन्य केंद्र भी शामिल हैं, जहां पर लोगों की जानें जा रही हैं। कुछ समय पहले गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना के पास एक्टिवा सवार मां-बेटी की टिप्पर की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
शहर की सड़कों पर कैमरों से नजर
शहर को सुरक्षित बनाने के लिए मोहाली पुलिस ने मोहाली जिले के सभी सब डिवीजन में कैमरे लगा दिए हैं। इसमें सभी प्रमुख चौराहों व बाजारों को कवर किया गया है। इस परियोजना पर पुलिस ने तीन करोड़ की लागत से काम किया है। सारे क्षेत्रों में बकायदा नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। दौड़ते हुए वाहनों की नंबर प्लेट को आसानी से पुलिस अधिकारी पढ़ सकते हैं। उम्मीद है कि इससे अपराधों में कमी आएगी।
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कंपनी एक साल के लिए उक्त काम को देखेगी। इसी महीने के आखिर में गमाडा द्वारा कंपनी को काम सौंप दिया जाएगा। वहीं, अप्रैल माह के पहले हफ्ते में काम संभाल लेगी। ऐसा होने से ट्रैफिक लाइटें बंद नहीं होंगी, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी।
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जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट रोड, आईटी सिटी से लेकर कई क्षेत्र की ट्रैफिक लाइटें गमाडा के अधीन आती हैं। इसमें से कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जो दुर्घटना संभावित क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में गमाडा ने उक्त क्षेत्र में सड़क सुरक्षा ढांचा विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में उक्त क्षेत्र की सड़कों पर लेनिंग सिस्टम, जेब्रा कॉसिंग और साइन व डायरेक्शन बोर्ड आदि लगाए गए थे। हालांकि ट्रैफिक लाइटों की वजह से समस्या आ रही थी। कई जगह पर ट्रैफिक लाइटें खराब रह रही थीं। इंजीनियरिंग विंग ने इस मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया था। बैठक में लाइटों के मामले को गंभीरता से लेते हुए इनकी देखरेख का काम निजी कंपनी को सौंपने की योजना बनी है। हालांकि यह काम उसी कंपनी को दिया जाएगा जो इस तरह का काम पहले कर चुकी हो।
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गमाडा क्षेत्र में होते हैं सबसे ज्यादा हादसे
मोहाली शहर के अधीन आने वाला सोहाना थाने का क्षेत्र मोहाली जिले के उन चार स्थानों में शुमार है, जहां पर सबसे अधिक हादसे होते हैं। इनमें एयरपोर्ट रोड प्रमुख है। इसके अलावा आईटी सिटी के पास व अन्य केंद्र भी शामिल हैं, जहां पर लोगों की जानें जा रही हैं। कुछ समय पहले गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना के पास एक्टिवा सवार मां-बेटी की टिप्पर की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
शहर की सड़कों पर कैमरों से नजर
शहर को सुरक्षित बनाने के लिए मोहाली पुलिस ने मोहाली जिले के सभी सब डिवीजन में कैमरे लगा दिए हैं। इसमें सभी प्रमुख चौराहों व बाजारों को कवर किया गया है। इस परियोजना पर पुलिस ने तीन करोड़ की लागत से काम किया है। सारे क्षेत्रों में बकायदा नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। दौड़ते हुए वाहनों की नंबर प्लेट को आसानी से पुलिस अधिकारी पढ़ सकते हैं। उम्मीद है कि इससे अपराधों में कमी आएगी।