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अभिभावक संस्था फीस लेने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ पहुंची हाईकोर्ट
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लांडरां/बनूड़ । अभिभावक संस्था ने बुधवार को प्राइवेट स्कूलों की ओर से फीस वसूलने के फरमान के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। इस संबंधी उन्होंने एडवोकेट सुनैना थम्मन के साथ बात करके उनको वकालतनामा भी सौंपा है।
इस संबंधी संस्था के प्रधान जगतार सिंह थूहा, लखविन्द्र सिंह कराला, मोहन सिंह बनूड़, रजिन्द्र कुमार आदि ने बताया कि वह बनूड़ के सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपलों को मिलकर लॉकडाउन के समय की फीस न लेने की अपील कर चुके है। मगर किसी भी स्कूल ने अभिभावकों की बेबसी को समझने की कोशिश नहीं की। लॉकडाउन के दौरान काम काज बंद होकर रह गए हैं और लोग भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान जब बच्चे स्कूल में नहीं गए और न ही उनको किसी ने पढ़ाया है तो ऐसे में फीस देना ना मुमकिन है।
लेकिन स्कूल प्रिंसिपल उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षा को व्यापार न बनाया जाए। स्कूलों द्वारा फीस लेने और शिक्षा के नाम पर की जा रही अभिभावकों से लूट के खिलाफ वह हाईकोर्ट जाने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वह हाईकोर्ट का फैसला आने तक स्कूल की फीस न भरें।
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इस संबंधी संस्था के प्रधान जगतार सिंह थूहा, लखविन्द्र सिंह कराला, मोहन सिंह बनूड़, रजिन्द्र कुमार आदि ने बताया कि वह बनूड़ के सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपलों को मिलकर लॉकडाउन के समय की फीस न लेने की अपील कर चुके है। मगर किसी भी स्कूल ने अभिभावकों की बेबसी को समझने की कोशिश नहीं की। लॉकडाउन के दौरान काम काज बंद होकर रह गए हैं और लोग भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान जब बच्चे स्कूल में नहीं गए और न ही उनको किसी ने पढ़ाया है तो ऐसे में फीस देना ना मुमकिन है।
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लेकिन स्कूल प्रिंसिपल उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षा को व्यापार न बनाया जाए। स्कूलों द्वारा फीस लेने और शिक्षा के नाम पर की जा रही अभिभावकों से लूट के खिलाफ वह हाईकोर्ट जाने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वह हाईकोर्ट का फैसला आने तक स्कूल की फीस न भरें।
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