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Mohali News: सरकारी लापरवाही से खुले तालाब में डूब गया बच्चा
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मोहाली। एरोसिटी थाने के अधीन गांव बाकरपुर में विरासती टोबे में डूबकर आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई है। मृतक हरी शंकर के पिता रामचंद्र दिहाड़ीदार हैं, मां आरती कोठियों में काम करती है। वह 18 साल से परिवार सहित इसी गांव में रह रहे हैं। हरी शंकर पांच-भाई बहन हैं। दो बहनें और दो भाई मां-बाप के साथ गांव बाकरपुर में किराये के घर में रहते हैं। एक भाई बिहार में रहता है। उसके पिता इन दिनों धान की फसल लगाने के लिए कुरुक्षेत्र गए हैं। हरी शंकर दूसरे नंबर का है, बाकी भाई-बहन उससे छोटे हैं। प्रशासन की लापरवाही से बच्चे की मौत होना बताया जा रहा है। मोहाली में 24 घंटे में पानी और टोबे में डूबकर तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। बुधवार शाम बलौंगी में जहां 11 साल के आर्यन और 10 साल की बच्ची राधे की बरसाती पानी में डूबकर मौत हो गई थी।
मृतक बच्चा हरी शंकर गांव बाकरपुर में दरगाह के पास रहता है। उसके घर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर गांव का विरासती टोबा है। इस टोबे के नवीनीकरण के लिए पंचायत को ग्रांट मिली है। टोबे का निर्माण कार्य 20 दिन पहले ही शुरु हुआ था। बताया जा रहा है कि हरी शंकर सरकारी स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता उसे स्कूल छोड़कर कुरुक्षेत्र गए थे। छुट्टी होने की वजह से वह दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने दो दोस्तों के साथ टोबे पर नहाने चला गया। गांव के लोगों के अनुसार टोबा 8 फुट गहरा है। हरी शंकर टोबे में गया और गहराई का अंदाजा ना होने के कारण डूब गया। जब हरी शंकर घर नहीं लौटा तो उसकी मां ने दोस्तों से पूछा।
पहले तो उन्होंने डर के कारण कुछ नहीं बताया लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि हरी शंकर टोबे में नहाने गया था लेकिन बाहर नहीं आया। जब मां लोगों को लेकर टोबे पर पहुंची तो हरी शंकर की डूबने से मौत हो चुकी थी। उसके पिता भी सूचना मिलने के बाद लौट आए। लोगों ने हरी शंकर को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद डीएसपी हरसिमरन सिंह बल व एसएचओ एरोसिटी मौके पर पहुंचे लेकिन परिवार ने कोई कार्रवाई करवाने से इंकार कर दिया।
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पंचायत के पूर्व मैंबर अजायब सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत बाकरपुर ने कुछ दिन पहले ही काम शुरु किया था। उन्होंने प्रशासन, बीडीपीओ और डीडीपीओ से आग्रह किया है कि वह मौके पर आकर जायजा लें। मानसून में किसी अन्य के साथ भी हादसा हो सकता है। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग भी की।
बलौंगी में बुधवार डूबे थे दो बच्चे
बलौंगी के आदर्श नगर कॉलोनी में गमाडा ने पार्क के लिए साइट छोड़ी हुई है। इसमें बने गड्ढे में बरसाती पानी भर गया था। इस गड्ढे में डूबकर आर्यन और राधे नाम की बच्ची की मौत हो गई थी। घटना बुधवार शाम 5 बजे की है। दोनों बच्चों के शवों का सिविल अस्पताल फेज-6 में पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। जांच में सामने आया कि 10 वर्षीय बच्ची राधे गड्ढे में भरे पानी में नहाने चली गई। वह गहराई में गई और डूबने लगी। आर्यन घर के बाहर उसे देख रहा था, वह उसे बचाने के लिए गया लेकिन आर्यन जब राधे के पास पहुंचा तो राधे ने उसे पकड़ लिया और दोनों ही पानी में डूब गए। आर्यन चौथी कक्षा में पढ़ता था। उसकी बहन ने उसे डूबते हुए देखा और पिता को बताया। जब तक लोग उन्हें बचाने पहुंचे दोनों की डूबने से मौत हो चुकी थी।
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मृतक बच्चा हरी शंकर गांव बाकरपुर में दरगाह के पास रहता है। उसके घर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर गांव का विरासती टोबा है। इस टोबे के नवीनीकरण के लिए पंचायत को ग्रांट मिली है। टोबे का निर्माण कार्य 20 दिन पहले ही शुरु हुआ था। बताया जा रहा है कि हरी शंकर सरकारी स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता उसे स्कूल छोड़कर कुरुक्षेत्र गए थे। छुट्टी होने की वजह से वह दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने दो दोस्तों के साथ टोबे पर नहाने चला गया। गांव के लोगों के अनुसार टोबा 8 फुट गहरा है। हरी शंकर टोबे में गया और गहराई का अंदाजा ना होने के कारण डूब गया। जब हरी शंकर घर नहीं लौटा तो उसकी मां ने दोस्तों से पूछा।
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पहले तो उन्होंने डर के कारण कुछ नहीं बताया लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि हरी शंकर टोबे में नहाने गया था लेकिन बाहर नहीं आया। जब मां लोगों को लेकर टोबे पर पहुंची तो हरी शंकर की डूबने से मौत हो चुकी थी। उसके पिता भी सूचना मिलने के बाद लौट आए। लोगों ने हरी शंकर को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद डीएसपी हरसिमरन सिंह बल व एसएचओ एरोसिटी मौके पर पहुंचे लेकिन परिवार ने कोई कार्रवाई करवाने से इंकार कर दिया।
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पंचायत के पूर्व मैंबर अजायब सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत बाकरपुर ने कुछ दिन पहले ही काम शुरु किया था। उन्होंने प्रशासन, बीडीपीओ और डीडीपीओ से आग्रह किया है कि वह मौके पर आकर जायजा लें। मानसून में किसी अन्य के साथ भी हादसा हो सकता है। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग भी की।
बलौंगी में बुधवार डूबे थे दो बच्चे
बलौंगी के आदर्श नगर कॉलोनी में गमाडा ने पार्क के लिए साइट छोड़ी हुई है। इसमें बने गड्ढे में बरसाती पानी भर गया था। इस गड्ढे में डूबकर आर्यन और राधे नाम की बच्ची की मौत हो गई थी। घटना बुधवार शाम 5 बजे की है। दोनों बच्चों के शवों का सिविल अस्पताल फेज-6 में पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। जांच में सामने आया कि 10 वर्षीय बच्ची राधे गड्ढे में भरे पानी में नहाने चली गई। वह गहराई में गई और डूबने लगी। आर्यन घर के बाहर उसे देख रहा था, वह उसे बचाने के लिए गया लेकिन आर्यन जब राधे के पास पहुंचा तो राधे ने उसे पकड़ लिया और दोनों ही पानी में डूब गए। आर्यन चौथी कक्षा में पढ़ता था। उसकी बहन ने उसे डूबते हुए देखा और पिता को बताया। जब तक लोग उन्हें बचाने पहुंचे दोनों की डूबने से मौत हो चुकी थी।