मोहाली। फेज-1 की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला से दो करोड़ रुपये ठगने की कोशिश करने वाले ठग ईडी आफिसर, सुप्रीम कोर्ट का जज और फाइनांस कंट्रोलर बनकर डरा रहे थे। बुजुर्ग एवं सेवानिवृत्त शिक्षिका फेज-1 में अकेली रहती है। तीन दिन से उसको डिजिटल अरेस्ट किया गया था। आरोपियों ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी मनी लांड्रिंग के एक बड़े मामले में की गई है। उनके दस्तावेज और बैंक खाता इस्तेमाल हुआ है। बुजुर्ग को 25 से 27 अक्तूबर तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। उनको केवल रोटी खाने या शाैचालय जाने तक की अनुमति थी। वहीं, हर समय उसे वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति फॉलो कर रहा था।
27 अक्तूबर को बुजुर्ग महिला से एफडी तुड़वाकर उनके सेविंग अकाउंट में दो करोड़ रुपये डालने को कहा गया था। ठगों ने बुजुर्ग के सभी अकाउंट वेरिफाई करवाए। उसी दौरान एक अन्य लोकल नंबर से बुजुर्ग को कॉल आया जिसने खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताया और एक अन्य ने उसे फाइनांस कंट्रोलर बताकर दो करोड़ रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। उस दिन बुजुर्ग को घर से निकलने की इजाजत मिली और वह जब बैंक पहुंची तो ब्रांच मैनेजर से मामला साझा किया। बैंक मैनेजर ने उसे साइबर पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। इसके बाद इंस्पेक्टर नवदीप शर्मा साइबर क्राइम ने उनसे संपर्क किया। बुजुर्ग को दो नंबरों से फोन किया गया था। उनको ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक यह अब तक का डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का सबसे बड़ा मामला है, जिसमें किसी व्यक्ति से इतनी बड़ी रकम ठगने का प्रयास किया है।