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छह घंटे बंद रहा खरड़-अंबाला हाईवे
Mohali
Updated Sat, 06 Jul 2013 05:32 AM IST
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मोहाली। गांव मौली बैदवान में सरपंच का चुनाव जीते गुट पर हमले से गुस्साए लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पहले उन्होंने गुरुद्वारा सिंह शहीदां, सोहाना के सामने जाम लगाया। करीब आधा घंटा आवाजाही बंद करने के बाद प्रदर्शनकारी सुबह साढ़े नौ बजे खरड़-अंबाला हाईवे पहुंचे और लांडरां टी-प्वाइंट पर जाम लगा दिया। इससे पहले कि पुलिस चारों तरफ से ट्रैफिक डाइवर्ट करती, बड़ी संख्या में लोग जाम में फंस चुके थे। जो सारा दिन तपती गर्मी में बेहाल होते रहे।
कांग्रेस विधायक बलबीर सिद्धू की अगवाई में लोगों ने आवाजाही बंद कर दी। सिर्फ एंबुलेंस को ही जाने दिया गया, बाकी कोई वाहन नहीं जा सका। लोगों का आरोप था कि अकाली दल के हलका इंचार्ज बलवंत सिंह रामूवालिया की शह पर यह हमला हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाना सोहाना के एसएचओ दीपइंदर सिंह अकालियों की कठपुतली बने हैं, उन्होंने हमलावरों की मदद की। पुलिस के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। फिर एसपी सिटी स्वरनदीप सिंह आए और उन्होंने विधायक सिद्धू से बात की। प्रदर्शनकारी पहले इस बात पर अड़े थे कि रामूवालिया के खिलाफ भी साजिश के आरोप में परचा दर्ज किया जाए। साथ ही एसएचओ दीपइंदर सिंह को सस्पेंड किया जाए। बाद में उनका रोष सिर्फ एसएचओ तक केंद्रित रह गया। दोपहर बाद उनकी यही मांग रह गई थी कि एसएचओ दीपइंदर सिंह का तबादला कर दिया जाए। आखिर पुलिस ने उन्हें इस बात पर राजी किया कि इस मामले की जांच एसएचओ दीपइंदर के बजाय डीएसपी अजिंदर सिंह करेंगे। एसएचओ दीपइंदर की भूमिका की भी जांच कराई जाए। जिसके बाद शाम पौने चार बजे धरना खत्म हुआ और जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली।
मौके पर वरिष्ठ अकाली नेता किरनवीर सिंह कंग भी पहुंचे और लोगों से बातचीत की।
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कांग्रेस विधायक बलबीर सिद्धू की अगवाई में लोगों ने आवाजाही बंद कर दी। सिर्फ एंबुलेंस को ही जाने दिया गया, बाकी कोई वाहन नहीं जा सका। लोगों का आरोप था कि अकाली दल के हलका इंचार्ज बलवंत सिंह रामूवालिया की शह पर यह हमला हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाना सोहाना के एसएचओ दीपइंदर सिंह अकालियों की कठपुतली बने हैं, उन्होंने हमलावरों की मदद की। पुलिस के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। फिर एसपी सिटी स्वरनदीप सिंह आए और उन्होंने विधायक सिद्धू से बात की। प्रदर्शनकारी पहले इस बात पर अड़े थे कि रामूवालिया के खिलाफ भी साजिश के आरोप में परचा दर्ज किया जाए। साथ ही एसएचओ दीपइंदर सिंह को सस्पेंड किया जाए। बाद में उनका रोष सिर्फ एसएचओ तक केंद्रित रह गया। दोपहर बाद उनकी यही मांग रह गई थी कि एसएचओ दीपइंदर सिंह का तबादला कर दिया जाए। आखिर पुलिस ने उन्हें इस बात पर राजी किया कि इस मामले की जांच एसएचओ दीपइंदर के बजाय डीएसपी अजिंदर सिंह करेंगे। एसएचओ दीपइंदर की भूमिका की भी जांच कराई जाए। जिसके बाद शाम पौने चार बजे धरना खत्म हुआ और जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली।
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मौके पर वरिष्ठ अकाली नेता किरनवीर सिंह कंग भी पहुंचे और लोगों से बातचीत की।