{"_id":"5cafa2a2bdec221461126fcc","slug":"41555014306-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब गुरु नानक देव की तुकों में गलती कर गया पंजाब बोर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब गुरु नानक देव की तुकों में गलती कर गया पंजाब बोर्ड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। पंजाब बोर्ड की सिलेबस बुक्स को लेकर विवादों का सिलसिला शुरू हो चुका है। शहीद सुखदेव थापर की फोटो पर उठे विवाद के बाद अब श्री गुरु नानक देव की तुकों में गलती का मामला सामने आया है। यह गड़बड़ी दसवीं कक्षा की पंजाबी विषय की साहित्य माला किताब में है। इसमें गुरु नानक देव पर आधारित चैप्टर में उनकी तुक को गलत ढंग से प्रकाशित किया गया है। पंजाब सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। बोर्ड ने मामले के तूल पकड़ने से पहले ही सप्लीमेंटरी चैप्टर छापकर स्टूडेंट्स को देने का फैसला कर लिया है।
पंजाब बोर्ड के लिए 2019-20 सत्र की शुरुआत विवादों के साथ हुई। कक्षा 4 की पंजाबी पुस्तक में शहीद सुखदेव थापर की फोटो को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ है कि एक और गलती सामने आ गई। यह गलती कक्षा 10 के पंजाबी विषय की साहित्य माला किताब में है। इस किताब के भाग गुरमत काव्य में गुरु नानक देव पर आधारित एक चैप्टर है। इसमें उनके शब्दों को संकलित किया गया है। इसी में से एक सो क्यों मंदा आखिए भी है। इसी शब्द में गुरु नानक देव की एक तुक मिसिंग है।
शिकायत आने पर जब मामला सामने आया तो सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। शिक्षा मंत्री ने बोर्ड से इस पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद वीरवार को दिनभर बोर्ड में मीटिंगों का दौर चलता रहा। बोर्ड चेयरमैन मनोहर कांत कलोहिया ने गुरु नानक देव पर आधारित सप्लीमेंटरी चैप्टर प्रकाशित कर स्कूलों को भेजने का फैसला लिया है। यह चार पेज की एक बुकलेट के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। बोर्ड द्वारा 10वीं कक्षा के लिए पंजाबी साहित्य माला की करीब दो लाख किताबें प्रकाशित करवाई गईं थीं। अब इतने ही सप्लीमेंटरी चैप्टर प्रकाशित कर किताबों में जोडे़ जाएंगे। हालांकि आधी से ज्यादा किताबों की सप्लाई डीपुओं और स्कूलों को हो चुकी है, जबकि बाकि किताबों की सप्लाई रोक दी गई है। इनमें सप्लीमेंटरी चैप्टर जोड़ कर सप्लाई भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विवादों से बचने के लिए अब रिव्यू करेगा बोर्ड
वीरवार को दिनभर चली मीटिंगों के बाद चेयरमैन ने बोर्ड की सभी किताबों का रिव्यू करने के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए बोर्ड एक्सपर्ट्स को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पंजाब बोर्ड कक्षा पहली से 12वीं तक के लिए विभिन्न विषयों की सिलेबस बुक्स प्रकाशित करता है। बोर्ड की किताबों में गलती न हो, इसके लिए सरकार ने ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अब रिव्यू का काम शुरू किया जा रहा है। हालांकि बोर्ड के पास सिर्फ 13 सब्जेक्ट एक्सपर्ट हैं, लेकिन इस काम के लिए टीचर्स की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। पहले इस साल की सिलेबस बुक्स का रिव्यू होगा, उसके बाद पिछले दो सालों के दौरान बदलाव के साथ प्रकाशित हुई किताबों का भी रिव्यू किया जाएगा।
विज्ञापन
पंजाब बोर्ड के लिए 2019-20 सत्र की शुरुआत विवादों के साथ हुई। कक्षा 4 की पंजाबी पुस्तक में शहीद सुखदेव थापर की फोटो को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ है कि एक और गलती सामने आ गई। यह गलती कक्षा 10 के पंजाबी विषय की साहित्य माला किताब में है। इस किताब के भाग गुरमत काव्य में गुरु नानक देव पर आधारित एक चैप्टर है। इसमें उनके शब्दों को संकलित किया गया है। इसी में से एक सो क्यों मंदा आखिए भी है। इसी शब्द में गुरु नानक देव की एक तुक मिसिंग है।
विज्ञापन
शिकायत आने पर जब मामला सामने आया तो सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। शिक्षा मंत्री ने बोर्ड से इस पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद वीरवार को दिनभर बोर्ड में मीटिंगों का दौर चलता रहा। बोर्ड चेयरमैन मनोहर कांत कलोहिया ने गुरु नानक देव पर आधारित सप्लीमेंटरी चैप्टर प्रकाशित कर स्कूलों को भेजने का फैसला लिया है। यह चार पेज की एक बुकलेट के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। बोर्ड द्वारा 10वीं कक्षा के लिए पंजाबी साहित्य माला की करीब दो लाख किताबें प्रकाशित करवाई गईं थीं। अब इतने ही सप्लीमेंटरी चैप्टर प्रकाशित कर किताबों में जोडे़ जाएंगे। हालांकि आधी से ज्यादा किताबों की सप्लाई डीपुओं और स्कूलों को हो चुकी है, जबकि बाकि किताबों की सप्लाई रोक दी गई है। इनमें सप्लीमेंटरी चैप्टर जोड़ कर सप्लाई भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विवादों से बचने के लिए अब रिव्यू करेगा बोर्ड
वीरवार को दिनभर चली मीटिंगों के बाद चेयरमैन ने बोर्ड की सभी किताबों का रिव्यू करने के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए बोर्ड एक्सपर्ट्स को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पंजाब बोर्ड कक्षा पहली से 12वीं तक के लिए विभिन्न विषयों की सिलेबस बुक्स प्रकाशित करता है। बोर्ड की किताबों में गलती न हो, इसके लिए सरकार ने ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अब रिव्यू का काम शुरू किया जा रहा है। हालांकि बोर्ड के पास सिर्फ 13 सब्जेक्ट एक्सपर्ट हैं, लेकिन इस काम के लिए टीचर्स की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। पहले इस साल की सिलेबस बुक्स का रिव्यू होगा, उसके बाद पिछले दो सालों के दौरान बदलाव के साथ प्रकाशित हुई किताबों का भी रिव्यू किया जाएगा।