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राज्य के 263 एसोसिएट स्कूलों पर गिरी गाज
अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 07 Oct 2013 01:29 AM IST
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काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार एसोसिएट स्कूलों पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की गाज गिर ही गई। शिक्षा विभाग की टीमों ने राज्य भर के एसोसिएट स्कूलों की चेकिंग की थी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 263 स्कूलों को अप्रैल-14 से दाखिले लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
बोर्ड के सचिव गुरिंदरपाल सिंह बाठ ने बताया कि निजी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए 19 मार्च-13 को एक मीटिंग हुई थी।
शिक्षामंत्री की प्रधानगी में हुई मीटिंग में स्कूल शिक्षा सचिव, डीजीएसई, डीपीआई-स्कूल्स, डीपीआई-एलिमेंट्री, बोर्ड की चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन, सेक्रेटरी के अलावा एसोसिएट स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
मीटिंग में फैसला लिया गया था कि जिन स्कूलों का एरिया पांच सौ वर्ग गज या उससे ज्यादा है, अगले दो सालों के लिए उनका एसोसिएट स्कूलों का दर्जा जारी रखा जाए। साथ ही राज्य भर में पांच सौ वर्ग गज से कम एरिया वाले 713 स्कूलों की जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा जांच कराई जाए।
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बाठ ने बताया कि जांच के दौरान 263 स्कूलों की हालत चिंताजनक पाई गई है। इनमें ज्यादातर स्कूलों के पास दो सौ वर्ग गज से कम एरिया है। विद्यार्थियों-अध्यापकों की संख्या कम है।
विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाएं भी पूरी नहीं हैं। 263 में से 146 स्कूलों के पास दो सौ वर्ग गज से कम एरिया है। 17 स्कूलों में जगह भी दो सौ वर्ग गज से कम है और विद्यार्थी भी सौ से कम हैं। 71 स्कूलों में विद्यार्थी 90 से भी कम थे।
29 स्कूल तो बंद पाए गए। सारी रिपोर्ट शिक्षामंत्री को भेजी गई। उनके आदेशानुसार बोर्ड ने इन 263 स्कूलों को अप्रैल-14 से दाखिला लेने की इजाजत न देने का फैसला किया है। अगर इनमें से कोई स्कूल किसी तरह की त्रुटि बोर्ड के ध्यान में लाएगा, तो उस पर हमदर्दी पूर्वक विचार किया जाएगा। दो सौ से पांच सौ वर्ग गज एरिया वाले स्कूलों पर बाद में फैसला लिया जाएगा।
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बोर्ड के सचिव गुरिंदरपाल सिंह बाठ ने बताया कि निजी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए 19 मार्च-13 को एक मीटिंग हुई थी।
शिक्षामंत्री की प्रधानगी में हुई मीटिंग में स्कूल शिक्षा सचिव, डीजीएसई, डीपीआई-स्कूल्स, डीपीआई-एलिमेंट्री, बोर्ड की चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन, सेक्रेटरी के अलावा एसोसिएट स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
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मीटिंग में फैसला लिया गया था कि जिन स्कूलों का एरिया पांच सौ वर्ग गज या उससे ज्यादा है, अगले दो सालों के लिए उनका एसोसिएट स्कूलों का दर्जा जारी रखा जाए। साथ ही राज्य भर में पांच सौ वर्ग गज से कम एरिया वाले 713 स्कूलों की जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा जांच कराई जाए।
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बाठ ने बताया कि जांच के दौरान 263 स्कूलों की हालत चिंताजनक पाई गई है। इनमें ज्यादातर स्कूलों के पास दो सौ वर्ग गज से कम एरिया है। विद्यार्थियों-अध्यापकों की संख्या कम है।
विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाएं भी पूरी नहीं हैं। 263 में से 146 स्कूलों के पास दो सौ वर्ग गज से कम एरिया है। 17 स्कूलों में जगह भी दो सौ वर्ग गज से कम है और विद्यार्थी भी सौ से कम हैं। 71 स्कूलों में विद्यार्थी 90 से भी कम थे।
29 स्कूल तो बंद पाए गए। सारी रिपोर्ट शिक्षामंत्री को भेजी गई। उनके आदेशानुसार बोर्ड ने इन 263 स्कूलों को अप्रैल-14 से दाखिला लेने की इजाजत न देने का फैसला किया है। अगर इनमें से कोई स्कूल किसी तरह की त्रुटि बोर्ड के ध्यान में लाएगा, तो उस पर हमदर्दी पूर्वक विचार किया जाएगा। दो सौ से पांच सौ वर्ग गज एरिया वाले स्कूलों पर बाद में फैसला लिया जाएगा।