{"_id":"5c1558e7bdec2255585ddc61","slug":"21544902887-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस स्टैंड बन गया सफेद हाथी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस स्टैंड बन गया सफेद हाथी
Updated Sun, 16 Dec 2018 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- बस स्टैंड को सुचारू तरीके से चलाने के लिए सरकार को लिखा पत्र
- पार्षद बेदी बोले-बस स्टैंड नहीं चलाया गया तो हाईकोर्ट लेकर जाएंगे मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। फेज-छह में करोड़ों रुपये की लागत से सिंगापुर जैसे देशों की तर्ज पर बनाया गया अति आधुनिक बस स्टैंड समस्याओं से भरा पड़ा है। बाहरी राज्य की चुनिंदा बसें ही बस स्टैंड से होकर गुजरती हैं। वहीं, अब इमारत के शीशे भी टूटने लगे हैं। बस स्टैंड राजनीति का शिकार होकर रह गया है। इसी मामले में अब नगर निगम के पार्षद भी उतर आए हैं। पार्षद कुलजीत सिंह बेदी की तरफ से इस मामले में ट्रांसपोर्ट मंत्री अरूणा चौधरी व कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को पत्र लिखा है। साथ ही मांग की है कि नए बस स्टैंड को सुचारू तरीके से चलाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस दिशा में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामले को हाईकोर्ट लेकर जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर को बसे हुए 43 साल का समय हो गया है। गांव से सफर शुरू होते हुए जिला और अब पंजाब की मिनी कैपिटल कहलाने लगा है, लेकिन अभी तक शहरवासियों को लोकल बस सर्विस भी नहीं मिल पाई है। दूसरी तरफ बस स्टैंड भी उचित तरीके से काम नहीं कर रहा है। पार्षद बेदी ने बताया कि उन्होंने बस स्टैंड का दौरा किया। इस दौरान वहां पर कई प्रकार की खामियां सामने आई हैं। उन्होंने मंत्री से गुहार लगाई है कि इस दिशा में तुरंत कार्रवाई की जाए।
नए बस की जगह पुराने बस स्टैंड लेकर जाते हैं बसें
ट्रांसपोर्ट मंत्री को लिखे पत्र में पार्षद ने कहा है कि एक तरफ जहां नए बस स्टैंड में डेढ़ सौ के करीब बसें आती हैं, लेकिन ज्यादातर बसें पुराने बस स्टैंड पर ही जा रही हैं। पुराने बस स्टैंड को गमाडा ने कब्जा में ले लिया है और वहां पर कंटीली तार लगी है। साथ ही बस स्टैंड वाली जगह पर गड्ढे पड़े हुए हैं। दूसरी तरफ बस आपरेटर बसों को रोड पर रोककर ही सवारियां उतारते व चढ़ाते हैं। इससे कभी किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन
शहर में चलाई जाए शटल बस सर्विस
मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने मांग की है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में शटल बस सर्विस चलाई जाए। ताकि सवारियों को नए बस स्टैंड तक आने में किसी भी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े। यह शटल बसें पीआरटीसी व पंजाब रोडवेज की हो सकती हैं। बस स्टैंड में सभी रूटों के बसों के आने को यकीनी बनाया जाए।
शहर के सेंटर में बने मिनी बस स्टैंड
मंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि शहर में चंडीगढ़ की तर्ज पर किसी भी अंदरूनी हिस्से में एक मिनी बस अड्डा बनाया जाए। ताकि लोगों को आने जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े।
केंद्रीय मंत्री कर चुके हैं दौरा
जब गत अकाली बीजेपी सरकार के समय बस स्टैंड बनाया गया था। उस समय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई मंत्रियों ने इसका दौरा किया था। साथ ही इसकी काफी प्रशंसा की थी। इतना ही नहीं कई पंजाबी और हिंदी फिल्मों की शूटिंग बस स्टैंड पर हुई है। बस स्टैंड पांच सितारा होटल से कम नजर नहीं आता है।
विज्ञापन
- पार्षद बेदी बोले-बस स्टैंड नहीं चलाया गया तो हाईकोर्ट लेकर जाएंगे मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। फेज-छह में करोड़ों रुपये की लागत से सिंगापुर जैसे देशों की तर्ज पर बनाया गया अति आधुनिक बस स्टैंड समस्याओं से भरा पड़ा है। बाहरी राज्य की चुनिंदा बसें ही बस स्टैंड से होकर गुजरती हैं। वहीं, अब इमारत के शीशे भी टूटने लगे हैं। बस स्टैंड राजनीति का शिकार होकर रह गया है। इसी मामले में अब नगर निगम के पार्षद भी उतर आए हैं। पार्षद कुलजीत सिंह बेदी की तरफ से इस मामले में ट्रांसपोर्ट मंत्री अरूणा चौधरी व कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को पत्र लिखा है। साथ ही मांग की है कि नए बस स्टैंड को सुचारू तरीके से चलाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस दिशा में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामले को हाईकोर्ट लेकर जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर को बसे हुए 43 साल का समय हो गया है। गांव से सफर शुरू होते हुए जिला और अब पंजाब की मिनी कैपिटल कहलाने लगा है, लेकिन अभी तक शहरवासियों को लोकल बस सर्विस भी नहीं मिल पाई है। दूसरी तरफ बस स्टैंड भी उचित तरीके से काम नहीं कर रहा है। पार्षद बेदी ने बताया कि उन्होंने बस स्टैंड का दौरा किया। इस दौरान वहां पर कई प्रकार की खामियां सामने आई हैं। उन्होंने मंत्री से गुहार लगाई है कि इस दिशा में तुरंत कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
नए बस की जगह पुराने बस स्टैंड लेकर जाते हैं बसें
ट्रांसपोर्ट मंत्री को लिखे पत्र में पार्षद ने कहा है कि एक तरफ जहां नए बस स्टैंड में डेढ़ सौ के करीब बसें आती हैं, लेकिन ज्यादातर बसें पुराने बस स्टैंड पर ही जा रही हैं। पुराने बस स्टैंड को गमाडा ने कब्जा में ले लिया है और वहां पर कंटीली तार लगी है। साथ ही बस स्टैंड वाली जगह पर गड्ढे पड़े हुए हैं। दूसरी तरफ बस आपरेटर बसों को रोड पर रोककर ही सवारियां उतारते व चढ़ाते हैं। इससे कभी किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन
शहर में चलाई जाए शटल बस सर्विस
मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने मांग की है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में शटल बस सर्विस चलाई जाए। ताकि सवारियों को नए बस स्टैंड तक आने में किसी भी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े। यह शटल बसें पीआरटीसी व पंजाब रोडवेज की हो सकती हैं। बस स्टैंड में सभी रूटों के बसों के आने को यकीनी बनाया जाए।
शहर के सेंटर में बने मिनी बस स्टैंड
मंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि शहर में चंडीगढ़ की तर्ज पर किसी भी अंदरूनी हिस्से में एक मिनी बस अड्डा बनाया जाए। ताकि लोगों को आने जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े।
केंद्रीय मंत्री कर चुके हैं दौरा
जब गत अकाली बीजेपी सरकार के समय बस स्टैंड बनाया गया था। उस समय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई मंत्रियों ने इसका दौरा किया था। साथ ही इसकी काफी प्रशंसा की थी। इतना ही नहीं कई पंजाबी और हिंदी फिल्मों की शूटिंग बस स्टैंड पर हुई है। बस स्टैंड पांच सितारा होटल से कम नजर नहीं आता है।